उज्जैन में गरबा पंडाल के कड़े नियम, लड़कियों के हाथों में इस बार डांडिया की जगह तलवारें
उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन में नवरात्रि का उत्सव हर साल बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार नवरात्रि की शुरुआत सोमवार से हो रही है और शहर में कई बड़े गरबा पंडाल माता दुर्गा की आराधना के लिए सज-धज कर तैयार हैं।
इस वर्ष उज्जैन में गरबा पंडालों के नियम पहले से भी अधिक सख्त कर दिए गए हैं। कुछ पंडालों में प्रवेश के लिए आधार कार्ड, कलावा और टीका अनिवार्य कर दिया गया है। पंडाल आयोजकों का कहना है कि ये नियम सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए हैं।
आगर रोड पर वैष्णो देवी की तर्ज पर गुफा:
उज्जैन के आगर रोड स्थित सामाजिक न्याय परिसर में भूरेलाल फिरोजिया फाउंडेशन द्वारा 10 दिवसीय गरबा नाइट का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए पंडाल में करीब 500 मीटर लंबी गुफा बनाई गई है, जो मां वैष्णो देवी के मंदिर की तर्ज पर तैयार की गई है। गुफा में लगभग 25 फीट ऊँचाई पर मां वैष्णो देवी की स्थापना की जाएगी।
संस्था प्रमुख और सांसद अनिल फिरोजिया ने बताया कि इस गुफा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को मां वैष्णो देवी के दर्शन की वास्तविक अनुभूति देना है। इसके अलावा, युवतियां इस पंडाल में माता की उपासना करते हुए गरबा करेंगी। पंडाल में प्रवेश के लिए आधार कार्ड, कलावा और टीका की जांच अनिवार्य की गई है।
नागदा में लड़कियों के हाथों में तलवार:
उज्जैन शहर से 55 किलोमीटर दूर नागदा में पंडित दीनदयाल सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति द्वारा गरबा का आयोजन किया जा रहा है। इस साल विशेष रूप से युवतियों को डांडिया की बजाय तलवार के साथ गरबा खेलने का प्रशिक्षण दिया गया है। इसका उद्देश्य न केवल परंपरा को नया रूप देना है, बल्कि लड़कियों में आत्मविश्वास और शौर्य भी बढ़ाना है।
यह आयोजन कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। समिति 50 वर्षों से गरबा का आयोजन कर रही है। इस बार मोना संकत ने चयनित लड़कियों को तलवारबाजी का प्रशिक्षण दिया है, ताकि वे गरबा के दौरान तलवारबाजी का जौहर दिखा सकें।
सुरक्षा और नियमों पर ध्यान:
सांसद अनिल फिरोजिया ने चेतावनी दी है कि पंडालों में केवल सनातन धर्म के अनुयायी ही प्रवेश कर पाएंगे। गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।
नवरात्रि की अवधि:
शारदीय नवरात्रि परंपरानुसार नौ दिनों तक मनाई जाती है, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। हालांकि, इस साल तृतीया तिथि दो दिन होने के कारण नवरात्रि 10 दिनों की होगी और 11वें दिन दुर्गा विसर्जन किया जाएगा।
इस प्रकार, उज्जैन में नवरात्रि का उत्सव न केवल भव्यता और धार्मिक भावना का प्रतीक है, बल्कि इस बार यह सुरक्षा और अनुशासन के नए मानकों के साथ मनाया जा रहा है।

