डा. अखिल बंसल और अजित बंसल को लौह पुरुष अवार्ड 2025 से सम्मानित – राष्ट्रीय एकता दिवस पर जयपुर में हुआ भव्य समारोह
जयपुर। भारतरत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के पावन अवसर पर आयोजित एक विशेष समारोह में डा. अखिल बंसल और अजित बंसल को उनके विशिष्ट योगदानों के लिए लौह पुरुष एकता अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया।
यह प्रतिष्ठित सम्मान अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच एवं इण्डो-नेपाल समरसता ऑर्गेनाइजेशन द्वारा प्रदान किया गया। समारोह का आयोजन जयपुर में भव्य रूप से किया गया, जिसमें देशभर के गणमान्य व्यक्तित्वों ने भाग लिया।
साहित्य, संस्कृति और समाजसेवा में उल्लेखनीय योगदान
समारोह में समन्वय वाणी के संपादक डॉ. अखिल बंसल को अथाई साहित्य एवं संस्कृति फाउंडेशन के माध्यम से साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनके निरंतर प्रयासों व योगदानों के लिए सम्मानित किया गया।
वहीं, उनके छोटे भाई अजित बंसल को समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और जनहित में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए यह अवार्ड प्रदान किया गया।
यह पहला अवसर था जब दोनों भाइयों को एक ही मंच पर, एक साथ, लौह पुरुष एकता अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया — जो इस आयोजन को ऐतिहासिक बना गया।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
इस राष्ट्रीय आयोजन में राजस्थान के पूर्व मुख्य सचिव निरंजन आर्य, ग्लोबल चांसलर एवं शिक्षाविद् हुकमचंद गणेशिया, श्रमण संस्कृति बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट सुधांशु कासलीवाल, सड़क परिवहन सदस्य निर्मल जैन, एवं समाजसेवी सवेन्द्रजीत सिंह जैसे विशिष्ट अतिथि मंचासीन रहे।
समारोह का संचालन एडवोकेट डा. कुलदीप प्रसाद शर्मा ने अत्यंत कुशलता के साथ किया।
समरसता और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश
कार्यक्रम का आयोजन भारतरत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर किया गया। इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा साहित्य, शिक्षा, संस्कृति, प्रशासन, और समाजसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई विशिष्ट व्यक्तियों को शाल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना था।
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर समरसता मंच की उपलब्धि
समारोह के दौरान यह भी घोषणा की गई कि अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच को अब तक 25 राष्ट्रों द्वारा ध्वज प्रदान किया जा चुका है, जो इस संगठन की वैश्विक पहचान और कार्यक्षमता का प्रमाण है।
मंच के माध्यम से निरंतर ऐसे आयोजनों का उद्देश्य विश्व स्तर पर भारत की ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को सशक्त बनाना है।
डा. अखिल बंसल और अजित बंसल: नई पीढ़ी के प्रेरणास्रोत
डा. अखिल बंसल, जो एक प्रख्यात साहित्यकार, संपादक और सांस्कृतिक चिंतक हैं, लंबे समय से समाज में संस्कृति और लेखन के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी पत्रिका “समन्वय वाणी” आज साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत की अग्रणी आवाज़ बन चुकी है।
वहीं अजित बंसल, समाज में सेवा, सहयोग और सामूहिक विकास की दिशा में कई उल्लेखनीय सामाजिक अभियानों से जुड़े रहे हैं। दोनों भाइयों की संयुक्त उपलब्धि ने यह साबित किया है कि परिवार और समाज मिलकर एक मजबूत भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
राष्ट्रीय एकता दिवस का संदेश
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की अखंडता और भाईचारे का प्रतीक है।
लौह पुरुष सरदार पटेल ने जिस एक भारत के सपने को साकार किया, आज वही प्रेरणा साहित्य, संस्कृति और समाजसेवा के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुँचाई जा रही है।
डा. अखिल बंसल और अजित बंसल का यह सम्मान इस दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बन गया है।


