—Advertisement—

,

इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बाल स्वयंसेवकों का भव्य विजयादशमी संचलन, शताब्दी वर्ष पर विशेष उत्सव

Author Picture
Published On: 12 October 2025
WhatsApp Image 2025 10 12 at 10.30.56 AM

—Advertisement—

इंदौर में बाल स्वयंसेवकों का अनुशासित संचलन, संघ की शताब्दी वर्ष पर विशेष उत्सव

इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित विजयादशमी उत्सव इस वर्ष और भी विशेष रूप में मनाया गया। संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इंदौर में बाल स्वयंसेवकों के संचलनों का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल अनुशासन और एकजुटता का प्रतीक रहा, बल्कि बाल स्वयंसेवकों में राष्ट्रप्रेम और समाज सेवा की भावना को भी प्रबल किया।

विजयादशमी के दिन ही 1925 में परम पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। इस ऐतिहासिक अवसर पर संघ ने शताब्दी वर्ष के रूप में पूरे वर्ष विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसमें बाल स्वयंसेवकों के संचलन को विशेष महत्व दिया गया। इंदौर विभाग के नगरीय क्षेत्र से 35 और ग्रामीण क्षेत्र से 10 बाल संचलन निकाले गए। इन संचलनों में 10 वर्ष से 18 वर्ष तक के बाल स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

इस वर्ष के संचलनों की खास बात यह रही कि इसमें 30,000 से अधिक बाल स्वयंसेवकों ने भाग लिया और अपने कदमताल तथा अनुशासन के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संचलन मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में वक्ताओं ने उपस्थित स्वयंसेवकों और समाजजन को संघ के उद्देश्य, पंच परिवर्तन, संघ स्थापना की पृष्ठभूमि और संघ के 100 वर्षों की यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही शताब्दी वर्ष में स्वयंसेवकों द्वारा किए जाने वाले कार्यों का भी विवरण प्रस्तुत किया गया।

WhatsApp Image 2025 10 12 at 10.30.59 AM

संघ की इस महायोजना के लिए तैयारी लगभग एक माह पूर्व से शुरू हो गई थी। इस तैयारी में शामिल थे:

  • घर-घर संपर्क अभियान

  • प्रत्येक बाल स्वयंसेवक का पंजीयन

  • गणवेश परीक्षण और नई गणवेश निर्माण

  • मोहल्ला शाखाओं का संचालन

तैयारी के दौरान लगभग 20,000 घरों तक संपर्क किया गया और 12,000 नवीन गणवेश बाल स्वयंसेवकों को प्रदान किए गए। संचलन मार्ग पर चयनित स्थानों पर घोष वर्ग भी स्थापित किए गए, जहां स्वयंसेवकों को 20 से अधिक वाद्ययंत्रों पर प्रशिक्षण दिया गया। इससे संचलन में न केवल ताल और संगीत की समरसता बनी, बल्कि आयोजन की भव्यता और अनुशासन भी झलकता रहा।

इंदौर विभाग के अंतर्गत महानगर और ग्रामीण क्षेत्र में 198 दैनिक शाखाएँ संचालित होती हैं। इन शाखाओं में बाल स्वयंसेवकों को ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव के साथ संस्कारित किया जाता है। बाल स्वयंसेवक न केवल संघ की शिक्षाओं को सीखते हैं, बल्कि समाज सेवा, अनुशासन और नेतृत्व कौशल भी विकसित करते हैं।

बाल स्वयंसेवकों की भूमिका और अनुशासन

इस वर्ष के संचलनों में बाल स्वयंसेवकों ने अपने अनुशासन, एकता और संगठन क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रत्येक स्वयंसेवक ने अपने कदमताल, घोष और गणवेश के माध्यम से यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बालों में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का बीज बोने में अग्रणी है।

वक्ताओं ने संचलन से पहले उपस्थित स्वयंसेवकों को संघ के पंच परिवर्तन के माध्यम से जीवन में अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सेवा भाव को अपनाने के महत्व को समझाया। इसके साथ ही उन्होंने संघ स्थापना की पृष्ठभूमि और संघ के शताब्दी वर्ष में स्वयंसेवकों के कार्यों की जानकारी भी दी

WhatsApp Image 2025 10 12 at 10.30.57 AM

संघ की शताब्दी वर्ष की तैयारी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शताब्दी वर्ष को विशेष बनाने के लिए पूरे वर्ष कई कार्ययोजनाएँ तैयार की हैं। इनमें प्रमुख हैं:

  1. बाल संचलनों का आयोजन – यह आयोजन बच्चों और किशोरों में राष्ट्रभक्ति और अनुशासन को बढ़ावा देता है।

  2. गणवेश निर्माण और वितरण – नई गणवेश तैयार कर प्रत्येक बाल स्वयंसेवक को प्रदान किए गए।

  3. घर-घर संपर्क अभियान – स्थानीय समाज में संघ के उद्देश्य और बाल संचलनों के महत्व को समझाने हेतु।

  4. वाद्ययंत्र प्रशिक्षण और घोष वर्ग – संचालन के दौरान संगीत और ताल की भव्यता सुनिश्चित करने हेतु।

संघ के शताब्दी वर्ष का संदेश यही है कि बाल स्वयंसेवक न केवल अपने अनुशासन और नेतृत्व क्षमता में प्रवीण हों, बल्कि अपने समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार भी बनें।

इंदौर में बाल संचलन का सामाजिक महत्व

इंदौर में बाल संचलन केवल उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना और सेवा भावना विकसित करने का माध्यम है। संचालन के मार्ग में उपस्थित समाजजन ने बाल स्वयंसेवकों के कदमताल, घोष और गणवेश की भव्यता को देखकर प्रशंसा की।

संचलन का उद्देश्य केवल दिखावा नहीं, बल्कि बाल स्वयंसेवकों में सकारात्मक सोच, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है। यह आयोजन बच्चों में समूह में काम करने की क्षमता और समाज सेवा के प्रति समर्पण की भावना को बढ़ावा देता है।

बाल स्वयंसेवकों का योगदान

बाल स्वयंसेवक संघ की सबसे बड़ी ताकत हैं। इंदौर में आयोजित इस संचलन में बाल स्वयंसेवकों ने दिखाया कि अनुशासन और सेवा भाव का संगम समाज और राष्ट्र के लिए कितना महत्वपूर्ण है। इन 30,000 से अधिक बाल स्वयंसेवकों ने अपनी ऊर्जा, उत्साह और समर्पण से संचालन को सफल बनाया।

संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बताया कि बाल स्वयंसेवकों की भागीदारी संघ के भविष्य की नींव है। ये बालक आज अनुशासन और राष्ट्रभक्ति सीख रहे हैं और कल समाज के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।

निष्कर्ष

इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित बाल संचलन ने स्पष्ट किया कि संघ न केवल राष्ट्रभक्ति का संदेश देता है बल्कि बालकों में अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी भी विकसित करता है। इस वर्ष के संचलनों की भव्यता, अनुशासन और आत्मसमर्पण ने यह साबित कर दिया कि बाल स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष में सबसे महत्वपूर्ण घटक हैं।

इंदौर विभाग ने इस आयोजन में सभी तैयारियों को उत्कृष्ट ढंग से संपन्न किया। घर-घर संपर्क अभियान, गणवेश निर्माण, वाद्ययंत्र प्रशिक्षण और घोष वर्ग के माध्यम से 30,000 से अधिक बाल स्वयंसेवक समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य के लिए तैयार हुए।

इस प्रकार यह आयोजन न केवल एक भव्य सांस्कृतिक और अनुशासनिक कार्यक्रम था, बल्कि बच्चों और किशोरों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सेवा भाव की भावना को स्थायी रूप से स्थापित करने वाला एक प्रेरक कदम भी साबित हुआ।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp