तीन दिवसीय विशेष अभियान की शुरुआत
Jhabua जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम के तहत 28 से 30 जून 2026 तक विशेष पल्स पोलियो अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाकर जिले में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना है।
स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं और इसे जिले में स्वास्थ्य सुरक्षा के सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।
2 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एल. चोपड़ा ने जानकारी दी कि इस अभियान के अंतर्गत जिले के कुल 2 लाख 13 हजार 504 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह लक्ष्य केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि जिले के हर बच्चे को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने का संकल्प है।
अभियान के लिए 1,185 स्वास्थ्य टीमों का गठन
अभियान को सफल और प्रभावी बनाने के लिए जिले में कुल 1,185 स्वास्थ्य टीमों का गठन किया गया है, जिनमें विभिन्न श्रेणियों की टीमें शामिल हैं—
- 424 बूथ टीमें
- 610 घर-घर भ्रमण टीमें
- 44 ट्रांजिट टीमें
- 7 मोबाइल टीमें
इनके अतिरिक्त निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए अलग से मॉनिटरिंग एवं सुपरवाइजरी टीमें भी तैनात की गई हैं, जो पूरे अभियान पर लगातार नजर रखेंगी।
पूर्व प्रशिक्षण और संसाधन वितरण पूरा
डॉ. चोपड़ा ने बताया कि अभियान से जुड़े सभी स्वास्थ्यकर्मियों और अधिकारियों को पहले ही आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है ताकि किसी भी स्तर पर कोई तकनीकी या प्रशासनिक बाधा न आए।
इसके साथ ही जिले के सभी विकासखंडों में पोलियो वैक्सीन, आइस पैक, वैक्सीन कैरियर और अन्य आवश्यक लॉजिस्टिक सामग्री का वितरण भी पूरा कर लिया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि अभियान के दौरान किसी प्रकार की कमी न हो।
जन-जागरूकता रैली से बढ़ाया गया संदेश
अभियान को सफल बनाने और आमजन में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से झाबुआ में एक विशाल जन-जागरूकता रैली का आयोजन भी किया गया।
इस रैली को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एल. चोपड़ा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली राजवाड़ा चौक से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों और बस स्टैंड क्षेत्र से होती हुई जिला चिकित्सालय झाबुआ तक पहुंचकर संपन्न हुई।
रैली में व्यापक सहभागिता
इस जागरूकता रैली में स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग छात्र-छात्राएं और आशा कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रमुख रूप से जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन.के. पठान, डॉ. देवेंद्र भायल, डॉ. हेमंत देवड़ा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जी.एस. चौहान एवं मीडिया प्रभारी श्री प्रेम कुमार डेनियल सहित कई स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
सभी प्रतिभागियों ने नारों और संदेशों के माध्यम से आम नागरिकों को अपने बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाने के लिए प्रेरित किया।
अभियान की रणनीति: बूथ और घर-घर दोनों स्तर पर काम
अभियान के प्रथम दिवस 28 जून को जिले के सभी निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को दवा पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाए होंगे।
यह दोहरी रणनीति सुनिश्चित करेगी कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।
मोबाइल और ट्रांजिट टीमों की विशेष भूमिका
अभियान में 44 ट्रांजिट टीमें विशेष रूप से बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य आवागमन वाले स्थानों पर तैनात रहेंगी ताकि यात्रा कर रहे बच्चों को भी पोलियो की खुराक दी जा सके।
इसके अलावा 7 मोबाइल टीमें दूरस्थ और कठिन क्षेत्रों में जाकर बच्चों तक दवा पहुंचाने का कार्य करेंगी, जिससे अंतिम स्तर तक कवरेज सुनिश्चित हो सके।
अभिभावकों से की गई अपील
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को अभियान के प्रथम दिन नजदीकी पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर आएं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश कोई बच्चा बूथ तक नहीं पहुंच पाता है, तो घर-घर आने वाली स्वास्थ्य टीम को सहयोग करें और बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं।
पोलियो मुक्त भारत की दिशा में कदम
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि निरंतर प्रयास, जनभागीदारी और व्यापक जागरूकता के माध्यम से भारत को पूरी तरह पोलियो मुक्त बनाए रखने में सफलता मिल सकती है। यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निष्कर्ष
झाबुआ जिले में आयोजित यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान न केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम है, बल्कि यह बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक मजबूत पहल भी है।
1,185 स्वास्थ्य टीमों, प्रशासनिक तैयारियों और जन-जागरूकता रैली के साथ यह अभियान जिले में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
