नशा मुक्त बचपन उज्ज्वल भविष्य अभियान के तहत इंदौर में स्वर्णिम फाउंडेशन द्वारा 180 सीबीएसई स्कूलों के साथ जागरूकता फोल्डर का विमोचन। जानें अभियान के 7 संकल्प, डिजिटल कार्यशालाएँ, अभिभावक मार्गदर्शन और स्वस्थ भविष्य की दिशा में उठाए गए ठोस कदम।
नशा मुक्त बचपन उज्ज्वल भविष्य अभियान की ऐतिहासिक शुरुआत
नशा मुक्त बचपन उज्ज्वल भविष्य केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का मजबूत संदेश है। इंदौर में इस अभियान के अंतर्गत स्वर्णिम फाउंडेशन द्वारा तैयार जागरूकता फोल्डर का औपचारिक विमोचन किया गया।यह पहल बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
एनी बेसेंट स्कूल में हुआ फोल्डर विमोचन
इंदौर के प्रतिष्ठित Annie Besant School में आयोजित इस कार्यक्रम में 180 सीबीएसई स्कूलों के प्राचार्यों की संस्था Sahodaya के अध्यक्ष Mohit Yadav ने “नशा मुक्त बचपन उज्ज्वल भविष्य” फोल्डर का विमोचन किया।यह फोल्डर विशेष रूप से छात्रों और अभिभावकों को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
नशा मुक्त बचपन उज्ज्वल भविष्य क्यों है आवश्यक?
आज की पीढ़ी सोशल मीडिया, गलत संगत और मानसिक दबावों के कारण तेजी से नशे की ओर आकर्षित हो रही है।
नशा मुक्त बचपन उज्ज्वल भविष्य का उद्देश्य है:
- बच्चों को “ना कहना सीखें” प्रशिक्षण देना
- मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना
- खेल, योग और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना
- परिवार और विद्यालय के बीच संवाद मजबूत करना
मोहित यादव का प्रेरक संदेश
अध्यक्ष मोहित यादव ने कहा:
“बच्चों का सुरक्षित भविष्य तभी संभव है जब हम आज सही निर्णय लें। परिवार, विद्यालय और समाज मिलकर ही नशा मुक्त वातावरण बना सकते हैं।”
उन्होंने अभिभावकों से खुला संवाद रखने, बच्चों की गतिविधियों पर सकारात्मक नजर रखने और खेल-योग को प्रोत्साहित करने की अपील की।
स्वर्णिम फाउंडेशन की डिजिटल पहल
Swarnim Foundation के संस्थापक Virendra Kumar और Rekha Jain ने बताया कि अभियान के अंतर्गत:
- स्कूलों में डिजिटल जागरूकता कार्यशालाएँ
- “ना कहना सीखें” प्रशिक्षण
- अभिभावक मार्गदर्शन सत्र
- डिजिटल प्ले और शॉर्ट फिल्म प्रदर्शन
- नशा मुक्त स्कूल संकल्प अभियान
चलाए जाएंगे।नशा मुक्त बचपन उज्ज्वल भविष्य को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में यह प्रयास बेहद महत्वपूर्ण है।
स्कूलों में जीवन कौशल शिक्षा
विद्यालयों ने संकल्प लिया है कि वे नियमित रूप से:
- जीवन कौशल शिक्षा सत्र
- नशा विरोधी गतिविधियाँ
- मनोवैज्ञानिक परामर्श सत्र
- खेल प्रतियोगिताएँ
आयोजित करेंगे।
अभिभावकों की भूमिका क्यों सबसे अहम?
नशा मुक्त बचपन उज्ज्वल भविष्य तभी संभव है जब माता-पिता सक्रिय भूमिका निभाएँ।
बच्चों के मित्रों को जानें
स्क्रीन टाइम सीमित रखें
संवाद को खुला और सहज बनाएं
भावनात्मक समर्थन दें,घर का सकारात्मक वातावरण ही बच्चों को गलत रास्तों से दूर रखता है।
नशा मुक्त स्कूल संकल्प अभियान
इस अभियान के अंतर्गत हर स्कूल “नशा मुक्त परिसर” का संकल्प लेगा।
- पोस्टर और डिजिटल बैनर
- छात्र शपथ कार्यक्रम
- सामूहिक रैली
- जागरूकता सप्ताह
आयोजित किए जाएंगे।
समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा
अध्यक्ष Vivek Sharda Jain ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव का मजबूत आधार बनेगी।नशा मुक्त बचपन उज्ज्वल भविष्य अभियान आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
निष्कर्ष: आज का सही निर्णय – कल का उज्ज्वल जीवन
नशा मुक्त बचपन उज्ज्वल भविष्य केवल एक नारा नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति की शुरुआत है।जब परिवार, विद्यालय और समाज एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तभी बच्चों का भविष्य सुरक्षित होता है।स्वस्थ बच्चा ही सुरक्षित राष्ट्र की नींव है।
भवदीय
विवेक शारदा जैन
अध्यक्ष
स्वर्णिम फाउंडेशन

