Narmadapuram Chaupati News: ईरान-इजराइल युद्ध के कारण गैस सप्लाई प्रभावित होने से नर्मदापुरम चौपाटी की 38 दुकानें बंद हो गईं। जानिए पूरा मामला।
Narmadapuram Chaupati News: गैस सप्लाई संकट से सूनी हुई नर्मदापुरम चौपाटी
मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम शहर की प्रसिद्ध चौपाटी इन दिनों एक बड़े संकट से गुजर रही है। Narmadapuram Chaupati News के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण यहां के अधिकांश फूड स्टॉल बंद हो चुके हैं।
दरअसल अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब भारत के कई शहरों तक दिखाई देने लगा है। इस अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर पड़ा है, जिसके कारण नर्मदापुरम चौपाटी में लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं।
जहां कभी शाम के समय सैकड़ों लोग बर्गर, मोमोज, चाट और अन्य स्ट्रीट फूड का आनंद लेने पहुंचते थे, वहीं अब यहां सन्नाटा पसरा हुआ दिखाई दे रहा है।
नर्मदापुरम चौपाटी: शहर का लोकप्रिय फूड हब
नर्मदापुरम की चौपाटी लंबे समय से शहर के लोगों के लिए एक लोकप्रिय फूड डेस्टिनेशन रही है। यहां रोज शाम को बड़ी संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ खाने-पीने के लिए आते थे।चौपाटी में करीब 40 छोटी-बड़ी दुकानें लगती हैं, जिनमें बर्गर, मोमोज, पिज्जा, चाट, सैंडविच, पावभाजी और कई तरह के स्ट्रीट फूड मिलते हैं।लेकिन पिछले कुछ दिनों में हालात पूरी तरह बदल गए हैं। गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने के कारण दुकानदारों को मजबूर होकर अपनी दुकानें बंद करनी पड़ रही हैं।
गैस सिलेंडर सप्लाई क्यों रुकी
Narmadapuram Chaupati News के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पिछले कई दिनों से प्रभावित है।बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। इससे गैस की उपलब्धता कम हो गई है।चूंकि चौपाटी की लगभग सभी दुकानें कमर्शियल गैस सिलेंडर पर निर्भर हैं, इसलिए गैस खत्म होते ही दुकानदारों को दुकान बंद करनी पड़ रही है।
40 में से 38 दुकानें बंद
चौपाटी में कुल लगभग 40 फूड स्टॉल लगते हैं।लेकिन गैस की कमी के कारण इनमें से 38 दुकानें बंद हो चुकी हैं।फिलहाल सिर्फ दो दुकानें ही खुली हैं, जिनके पास भी सीमित गैस स्टॉक बचा हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस सिलेंडर नहीं मिले तो यह दो दुकानें भी बंद हो जाएंगी।इस स्थिति को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे चौपाटी पर अनौपचारिक लॉकडाउन लग गया हो।
छोटे व्यापारियों पर आर्थिक संकट
चौपाटी पर दुकान लगाने वाले अधिकांश लोग छोटे व्यापारी हैं।उनकी रोजी-रोटी पूरी तरह इन दुकानों पर निर्भर करती है।दुकानें बंद होने से इन व्यापारियों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई दुकानदारों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो उनके लिए परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।
दुकानदारों ने क्या कहा
चौपाटी पर दुकान लगाने वाले कई दुकानदारों ने बताया कि पिछले कई दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
एक दुकानदार ने बताया:
“हमारा पूरा काम गैस सिलेंडर पर चलता है। कई दिनों से सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं, इसलिए हमें दुकान बंद करनी पड़ रही है।”उन्होंने बताया कि फिलहाल कुछ लोग घर पर तंदूर भट्टी चलाकर सामान बना रहे हैं, लेकिन यह भी ज्यादा दिनों तक संभव नहीं है।
केवल 8 से 10 दिन का गैस स्टॉक
जो दो दुकानें अभी खुली हैं, उनके पास भी सीमित गैस स्टॉक है।दुकानदारों के अनुसार उनके पास सिर्फ 8 से 10 दिन का गैस स्टॉक बचा हुआ है।यदि इस दौरान गैस की सप्लाई शुरू नहीं हुई तो चौपाटी की सभी दुकानें पूरी तरह बंद हो सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय युद्ध का स्थानीय असर
यह घटना यह दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली घटनाओं का असर स्थानीय स्तर पर भी पड़ सकता है।अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है।इसका असर पेट्रोलियम उत्पादों और गैस सप्लाई पर भी पड़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव छोटे व्यापारियों और आम लोगों पर दिखाई दे रहा है।
प्रशासन से क्या उम्मीद
दुकानदारों का कहना है कि यदि प्रशासन और गैस एजेंसियां जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं करती हैं तो चौपाटी पूरी तरह बंद हो सकती है।ऐसे में प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य कराई जाए।
आगे क्या हो सकता है
यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो नर्मदापुरम चौपाटी की रौनक पूरी तरह खत्म हो सकती है।इससे न केवल व्यापारियों को नुकसान होगा बल्कि शहर के लोगों के लिए भी एक लोकप्रिय फूड स्पॉट बंद हो जाएगा।इसलिए सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि गैस सप्लाई कब तक सामान्य होती है और चौपाटी की रौनक फिर कब लौटती है।
