साडू माता बावड़ी, उज्जैन में वीरांगना माँ पन्ना धाई गुर्जरी की जयंती धूमधाम से मनाई गई
Nagda। राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में गुर्जर समाज की एकता और गौरव को बढ़ाने के लिए हर साल विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी कड़ी में उज्जैन के प्राचीन और विश्व प्रसिद्ध साडू माता बावड़ी पर पहली बार अखिल भारतीय गुर्जर देव सेना संस्था के नेतृत्व में महान वीरांगना बलिदानी माँ पन्ना धाई गुर्जरी की जयंती प्रतिवर्ष की तरह मनाई गई। यह कार्यक्रम न केवल सामुदायिक एकता का प्रतीक रहा बल्कि समाज में वीरता, बलिदान और मातृभूमि के प्रति निष्ठा की भावना को भी उजागर करने का अवसर बना।
कार्यक्रम का प्रारंभ और माल्यार्पण
जयंती समारोह की शुरुआत माँ पन्ना धाई के चित्र और प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इस अवसर पर उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों और समाज के लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए और माँ पन्ना धाई के बलिदान की महत्ता को याद किया। माल्यार्पण के बाद कार्यक्रम में समाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर गहन चर्चा हुई। इसमें शिक्षा, सामाजिक एकता, महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं में नेतृत्व क्षमता, और समाजिक सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया।
अध्यक्षगण और प्रमुख उपस्थितियां
इस जयंती कार्यक्रम में देश भर के विभिन्न देवस्थान के प्रमुख पंडा जी उपस्थित थे। जिनमें पंडा जी बाबूलाल गुर्जर (देवस्थान परी), पंडा जी चरण सिंह गुर्जर (देवस्थान मनासा), पंडा जी विजय सिंह गुर्जर (देवस्थान करेडी), पंडा जी देवीलाल गुर्जर (सोडांग), पंडा जी झीतु सिंह (साडू माता बावड़ी, उज्जैन), पंडा जी अंबाराम (छिपावरा) आदि शामिल थे।
अखिल भारतीय गुर्जर देव सेना संस्था के राष्ट्रीय पदाधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इसमें शामिल थे:
- राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष भीमसिंह सिंह गुर्जर
- राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव अमर बिरला
- युवा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जीवन सिंह गुर्जर
- नेताजी वीर सिंह राणा
- राष्ट्रीय सचिव नारायण सिंह, दयाराम नेता
- प्रदेश उपाध्यक्ष बद्रीलाल कराड़ा, राजेन्द्र सिंह गुर्जर (राजा भैय्या)
- युवा प्रदेश मंत्री मानसिंह गुर्जर
- युवा प्रदेश संगठन मंत्री कवि देवीसिंह गुर्जर
- युवा प्रदेश महामंत्री गोविंद सिंह गुर्जर
- जिला अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी, जिनमें शिवनारायण गुर्जर (उज्जैन), निर्मल सिंह गुर्जर, धर्मेन्द सिंह, सुरेश सिंह गुर्जर, दीपक मंडलोई, देवकरण गुर्जर, महेन्द्र सिंह गुर्जर आदि शामिल थे।

स्थानीय समाज और सरपंचगण की उपस्थिति
कार्यक्रम में नगर और ग्रामीण स्तर के समाजसेवी, सरपंच और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। इनमें गिरवर सरपंच पवन गुर्जर, नारायण गांव सरपंच रमेश गुर्जर, आक्या सरपंच चरण सिंह गुर्जर सहित कई अन्य लोग शामिल थे। उन्होंने समाज के विभिन्न समस्याओं और विकास के मुद्दों पर अपने विचार साझा किए और भविष्य में संगठन और समाज के बीच समन्वय बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम का संचालन और आभार
इस जयंती कार्यक्रम का संचालन युवा प्रदेश संगठन मंत्री कवि देवीसिंह गुर्जर ने किया, जिन्होंने सभी कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया। कार्यक्रम के समापन पर आभार ज्ञापन उज्जैन जिला अध्यक्ष शिवनारायण गुर्जर के द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों, देवस्थान पंडा गण और समाज के लोगों का धन्यवाद किया।
सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
माँ पन्ना धाई गुर्जरी का नाम इतिहास में वीरांगना और मातृभूमि की निष्ठा की मिसाल के रूप में लिया जाता है। उन्होंने अपने जीवन की सर्वोच्च बलिदान देकर राजा मेवाड़ की रक्षा की। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के युवाओं में देशभक्ति और वीरता की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। यह जयंती केवल एक स्मरण दिवस नहीं है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा और एकता का प्रतीक भी है।
इस अवसर पर समाजिक विषयों पर चर्चा करते हुए विभिन्न पदाधिकारियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में नेतृत्व की भावना को विकसित करने और युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन देने का कार्य करते हैं।
देव सेना का योगदान और उद्देश्य
अखिल भारतीय गुर्जर देव सेना संस्था समाज में एकता, सांस्कृतिक और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। संस्था के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष भीमसिंह सिंह गुर्जर और अन्य पदाधिकारी हमेशा समाज की भलाई और विकास के लिए प्रयासरत रहते हैं। इस जयंती में उनके नेतृत्व में समाज के सभी प्रमुख पंडा और पदाधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने सामूहिक रूप से समाज में सुधार और संगठन की मजबूती के लिए प्रतिबद्धता जताई।
युवा नेतृत्व का सशक्तिकरण
इस कार्यक्रम में विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी देखने को मिली। युवा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जीवन सिंह गुर्जर, युवा प्रदेश मंत्री मानसिंह गुर्जर, और युवा जिला अध्यक्षों ने समाज में युवा शक्ति के महत्व को उजागर किया। उन्होंने कहा कि युवा समाज की ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता का स्रोत हैं, और इन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन देकर समाज को सशक्त बनाया जा सकता है।
भविष्य की योजनाएँ और दृष्टिकोण
कार्यक्रम के दौरान समाज और संगठन के भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। इसमें समाज के कमजोर वर्गों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, महिला सशक्तिकरण, युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास, और सामाजिक न्याय के मुद्दों को प्रमुखता देने की योजना बनाई गई। उपस्थित पदाधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि आने वाले वर्षों में ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे और समाज के सभी वर्गों को इसमें शामिल किया जाएगा।
निष्कर्ष
साडू माता बावड़ी उज्जैन पर आयोजित यह जयंती कार्यक्रम न केवल इतिहास और परंपरा का स्मरण कराता है, बल्कि समाज में एकता, वीरता और मातृभूमि के प्रति निष्ठा का संदेश भी देता है। कार्यक्रम ने समाज के युवाओं, महिलाओं, और बुजुर्गों को प्रेरित किया कि वे अपने समाज और देश की सेवा में सक्रिय रूप से भाग लें।
इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि गुर्जर समाज केवल अपने ऐतिहासिक गौरव पर ही नहीं, बल्कि आधुनिक सामाजिक और सामुदायिक जिम्मेदारियों में भी अग्रणी है। आने वाले समय में इस तरह के कार्यक्रम समाज में शिक्षा, जागरूकता और एकता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
रिपोर्ट: जीवनलाल जैन, नागदा
