नागदा में किसान कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन: किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार पर तीखे आरोप
Nagda में सोमवार को किसान कांग्रेस द्वारा एक विशाल और प्रभावशाली प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। यह प्रदर्शन भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ किया गया, जिसमें मुख्य रूप से गेहूं खरीदी व्यवस्था, ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग में आ रही समस्याएं और किसानों के साथ कथित भेदभाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए।
यह प्रदर्शन किसान कांग्रेस नेता बसंत मालपानी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष अशोक जाट, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अर्पित यादव सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कड़ी धूप में किसानों का विरोध प्रदर्शन
नागदा में आयोजित यह प्रदर्शन भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद जारी रहा। सैकड़ों किसान सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अनुविभागीय कार्यालय तक पहुंचे। किसानों ने अपने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सरकार की नीतियों के विरोध में अपना आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्हें अपनी फसलों की बिक्री और समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग प्रणाली में लगातार तकनीकी समस्याएं आ रही हैं, जिससे उन्हें समय पर अपनी उपज बेचने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया
प्रदर्शन के अंत में किसानों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी को तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इन मांगों में मुख्य रूप से गेहूं खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाना, स्लॉट बुकिंग प्रणाली को सुचारू करना और सभी किसानों को समान अवसर प्रदान करना शामिल था।
किसानों ने मांग की कि सरकार तुरंत तकनीकी समस्याओं का समाधान करे ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बसंत मालपानी का सरकार पर हमला
इस अवसर पर किसान कांग्रेस नेता बसंत मालपानी ने भाजपा सरकार पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार केवल पूंजीपतियों की हितैषी है और किसानों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह उदासीन है।
उन्होंने कहा कि सरकार बड़े उद्योगपतियों को हर प्रकार की सुविधा प्रदान करती है, लेकिन देश के अन्नदाता किसान को लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, लेकिन आज सबसे अधिक संकट में किसान ही है।
मालपानी ने आरोप लगाया कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया को जानबूझकर जटिल बनाया गया है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
समर्थन मूल्य खरीद व्यवस्था पर सवाल
बसंत मालपानी ने यह भी कहा कि इस वर्ष सरकार ने गेहूं की समर्थन मूल्य खरीद प्रक्रिया तो शुरू की है, लेकिन स्लॉट बुकिंग प्रणाली में लगातार दिक्कतें आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के तकनीकी पोर्टल में सुधार किया जाना चाहिए था, लेकिन इसके बावजूद किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने इसे सरकार की असंवेदनशीलता और लापरवाही करार दिया।

अशोक जाट का बयान
जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष अशोक जाट ने भी सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरुआत में छोटे और बड़े किसानों के लिए अलग-अलग नियम बनाए और बाद में सभी के लिए स्लॉट बुकिंग प्रणाली खोल दी, जिससे व्यवस्था और अधिक जटिल हो गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि अनाज व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार ने जानबूझकर खरीदी प्रक्रिया को धीमा किया है। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
युवा कांग्रेस का समर्थन
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अर्पित यादव ने कहा कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता लगातार गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को समझ रहे हैं और उनकी मदद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी किसान को ऑनलाइन प्रणाली या स्लॉट बुकिंग में समस्या आती है तो युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि युवा कांग्रेस किसान कांग्रेस के हर आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी रहेगी।
महिला कांग्रेस और अन्य नेताओं की उपस्थिति
इस प्रदर्शन में महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता गुर्जर सहित अनेक महिला कार्यकर्ता भी उपस्थित रहीं। इसके अलावा तुलसी चौहान, शेख साहिल, वंश सोलंकी, आसिफ शेख, भगवान सिंह चंद्रवंशी, गट्टू शर्मा, भीकू बना, कन्हैयालाल गुर्जर, आरिफ खान, मनोहर चौधरी सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
सभी ने एक स्वर में सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए किसानों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की।
किसानों की प्रमुख समस्याएं
प्रदर्शन में किसानों ने अपनी प्रमुख समस्याएं सामने रखीं, जिनमें शामिल हैं—
- समर्थन मूल्य पर फसल बेचने में स्लॉट बुकिंग की समस्या
- ऑनलाइन पोर्टल का बार-बार फेल होना
- समय पर खरीद केंद्रों पर व्यवस्था न होना
- किसानों को लंबी कतारों में खड़ा रहना
- तकनीकी समस्याओं के कारण उपज की बिक्री में देरी
किसानों का कहना था कि इन समस्याओं के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
किसान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही उनकी तीन सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं किया तो कांग्रेस पार्टी प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और यदि किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।
ग्रामीण स्तर पर संगठन की सक्रियता
किसान कांग्रेस और युवा कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि वे गांव स्तर पर किसानों की समस्याओं पर नजर बनाए हुए हैं। प्रत्येक गांव में कार्यकर्ता यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसानों को किसी भी प्रकार की ऑनलाइन या ऑफलाइन परेशानी का सामना न करना पड़े।
निष्कर्ष
नागदा में आयोजित यह किसान कांग्रेस का प्रदर्शन किसानों की समस्याओं और सरकार की नीतियों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। भीषण गर्मी के बावजूद सैकड़ों किसानों की भागीदारी यह साबित करती है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर कितने गंभीर हैं।
किसानों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अब अपनी आवाज को दबने नहीं देंगे और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
यह प्रदर्शन न केवल एक विरोध था, बल्कि किसानों की एकजुटता और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रतीक भी बनकर सामने आया।
