नागदा के वर्धमान नगर में पिछले चार दिनों से पीला और गंदा पानी सप्लाई होने से लोगों में बीमारी का खतरा बढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष कमलेश परमार ने नगर पालिका की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए।
नागदा वर्धमान नगर पीला पानी: चार दिनों से गंदे पानी की सप्लाई से लोग परेशान
नागदा जं. – मेहतवास क्षेत्र स्थित वर्धमान नगर में पिछले चार दिनों से पीले रंग का पानी सप्लाई होने से क्षेत्र के नागरिकों में भारी चिंता का माहौल बना हुआ है। नगर पालिका द्वारा घर-घर नलों के माध्यम से जो पानी पहुंचाया जा रहा है वह पीले रंग का और दूषित बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पानी के सेवन से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
यह मामला अब राजनीतिक रूप भी लेता नजर आ रहा है। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष कमलेश परमार ने इस विषय को गंभीर बताते हुए नगर पालिका के अधिकारियों और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।
चार दिनों से गंदे पानी की समस्या
नागदा वर्धमान नगर पीला पानी की समस्या पिछले चार दिनों से लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार जब नलों में पानी आता है तो उसका रंग साफ नहीं बल्कि पीला दिखाई देता है।
कई परिवारों ने बताया कि इस पानी से बदबू भी आती है, जिससे इसे पीना तो दूर, घरेलू उपयोग में भी लेना मुश्किल हो रहा है। लोगों को मजबूरी में बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है।
नगर के कई नागरिकों ने कहा कि इस समस्या की शिकायत नगर पालिका में की गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
नागरिकों में बीमारी का डर
गंदे और पीले पानी की सप्लाई के कारण क्षेत्र के लोगों में बीमारी फैलने का डर भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार दूषित पानी से टाइफाइड, डायरिया, पीलिया और पेट से जुड़ी बीमारियां फैल सकती हैं।यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बड़ी संख्या में लोग बीमार हो सकते हैं।भारत में पहले भी कई शहरों में दूषित पानी के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ चुकी हैं। इसी कारण स्थानीय नागरिक प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष कमलेश परमार ने कहा कि नगर पालिका की लापरवाही के कारण लोगों को गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे नगर पालिका द्वारा नागरिकों को पीला और दूषित पानी देने की ही योजना बना ली गई हो।परमार ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जबकि यह सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।
इंदौर जैसी घटना की आशंका
कमलेश परमार ने कहा कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र जैसी घटना यहां भी घट सकती है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि दूषित पानी के कारण कभी भी बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ सकते हैं और जनहानि तक की स्थिति बन सकती है।इसलिए प्रशासन को चाहिए कि वह तुरंत इस समस्या का समाधान करे और नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाए।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
समाजवादी पार्टी ने प्रशासन से मांग की है कि:
- पेयजल लाइन की तुरंत जांच करवाई जाए
- पानी की गुणवत्ता की जांच की जाए
- नागरिकों को साफ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराया जाए
- जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए
यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो इस मामले को लेकर आंदोलन भी किया जा सकता है।
नागरिकों की बढ़ती परेशानियां
वर्धमान नगर के नागरिकों का कहना है कि उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में काफी परेशानी हो रही है।
- पीने के पानी के लिए बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है
- बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को खतरा है
- घरों में उपयोग के लिए भी पानी साफ नहीं है
लोगों का कहना है कि नगर पालिका को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए।
निष्कर्ष
नागदा वर्धमान नगर पीला पानी की समस्या केवल एक स्थानीय समस्या नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनती जा रही है।यदि समय रहते नगर पालिका और प्रशासन इस समस्या का समाधान नहीं करते हैं तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।नागरिकों की मांग है कि जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
दिनांक: 11 मार्च 2026
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट
