नागदा शिव हनुमान दुर्गा मंदिर निर्माण अंतिम चरण में, भक्तों के सहयोग से 5 लाख की लागत से हो रहा भव्य विकास कार्य, जानें पूरी कहानी।
संवाददाता जीवनलाल जैन नागदा की रिपोर्ट
नागदा शिव हनुमान दुर्गा मंदिर निर्माण
नागदा शिव हनुमान दुर्गा मंदिर निर्माण इस समय अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और आस्था का विषय बन गया है। प्रकाश नगर स्थित सार्वजनिक शिव हनुमान दुर्गा मंदिर, जिसकी स्थापना वर्ष 1979 में भक्तों द्वारा की गई थी, आज एक भव्य रूप ले रहा है। इस मंदिर का विकास पूर्ण रूप से 6 दिसंबर 1992 को किया गया था और अब पुनः इसका निर्माण कार्य बड़े स्तर पर जारी है।
मंदिर का इतिहास
भूमि दान और सहयोग
मंदिर निर्माण में गुर्जर परिवार का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने भूमि दान दी। लगभग 22/60 वर्गफीट भूमि मंदिर विकास के लिए समर्पित की गई। इसके साथ ही ग्रेसिम उद्योग का भी इस निर्माण में महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
2007-08 में पूर्व विधायक श्री दिलीप सिंह गुर्जर, जो स्वयं भूमि दानदाता परिवार से हैं, ने विधायक निधि से सहयोग प्रदान किया। इसके अतिरिक्त पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष बालेश्वर दयाल जायसवाल, गोपाल यादव, मोहता परिवार और गुजराती परिवार ने भी मंदिर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विकास कार्य में योगदान
नागदा शिव हनुमान दुर्गा मंदिर निर्माण में आम जनता की भागीदारी अत्यंत सराहनीय रही है। क्षेत्र के ठाकुर शंकर सिंह, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, ने भी अपने समय में मंदिर के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
1986 से मंदिर से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सी. एल. वर्मा के अनुसार, वर्ष 1987 से हर मंगलवार सुंदरकांड पाठ का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। यह परंपरा आज भी जारी है और मंदिर की धार्मिक पहचान को मजबूत करती है।
वर्तमान निर्माण कार्य की स्थिति
नागदा शिव हनुमान दुर्गा मंदिर निर्माण वर्तमान में अंतिम चरण में है। मंदिर का शिखर पहले 11 फीट का था, जिसे अब बढ़ाकर लगभग 41 फीट किया जा रहा है। गर्भगृह की स्थिति भी पुरानी होने के कारण कमजोर हो गई थी, जहां पानी टपकने की समस्या थी। इसे पूरी तरह से पुनर्निर्मित किया जा रहा है।
- शिखर निर्माण: मिस्त्री अंबाराम
- गर्भगृह टाइल्स कार्य: रमेश यादव (अमलावदिया नई बस्ती)
- पेंटिंग कार्य: श्रीपाल चेतनपुरा की टीम
अब मंदिर में सफेद टाइल्स का उपयोग किया जा रहा है और रंग-रोगन का कार्य अंतिम चरण में है।
प्रवासी युवाओं का योगदान
प्रकाश नगर के वे युवा जो अमेरिका, पुणे और इंदौर में रह रहे हैं, उन्होंने भी नागदा शिव हनुमान दुर्गा मंदिर निर्माण में आर्थिक सहयोग दिया है। यह दर्शाता है कि मंदिर के प्रति आस्था केवल स्थानीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी जुड़ी हुई है।
लागत और जनसहयोग
अब तक इस निर्माण कार्य में लगभग 5 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। खास बात यह है कि यह पूरा कार्य जनता के सहयोग से ही संभव हुआ है। हर वर्ग के लोगों ने तन, मन और धन से योगदान दिया है।
धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता
यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। यहां हर मंगलवार सुंदरकांड पाठ, धार्मिक आयोजन और सामूहिक गतिविधियाँ होती हैं, जिससे समाज में एकजुटता बनी रहती है।
निष्कर्ष
नागदा शिव हनुमान दुर्गा मंदिर निर्माण एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जहां समाज के हर वर्ग ने मिलकर एक धार्मिक स्थल को भव्य स्वरूप देने का कार्य किया है। यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है बल्कि सामाजिक सहयोग और एकता का प्रतीक भी बन गया है।
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट के अनुसार, बालाजी की कृपा से यह निर्माण कार्य शीघ्र ही पूर्ण होगा और सभी भक्तों की आस्था को और मजबूत करेगा।

