Nagda में महाशिवरात्रि के अवसर पर महिला और पुरुष कुश्ती दंगल का भव्य आयोजन
Nagda : महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर नगर पालिका परिषद नागदा द्वारा आयोजित भव्य मेले में 21 फरवरी 2026 को महिला और पुरुष कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। यह आयोजन Nagda नगर के प्रमुख धार्मिक स्थल, श्री मुक्तेश्वर महादेव मंदिर के परिसर में किया गया। दंगल ने दर्शकों को रोमांचक खेल का अनुभव कराया और नगरवासियों के बीच उत्साह की लहर दौड़ा दी।
कार्यक्रम में नागदा नगर की प्रमुख व्यायामशालाओं – श्री शीतलानंद व्यायामशाला, पवनपुत्र व्यायामशाला, और विकट हनुमान व्यायामशाला के पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन किया। महिला और पुरुष पहलवानों की कुश्ती ने दर्शकों का दिल जीत लिया। दंगल में प्रमुख मुकाबलों में मनीष गीर ने देपालपुर के अनिल पहलवान के खिलाफ, पंजाब के समरोज लाला ने उज्जैन के मांगे पहलवान के खिलाफ तथा आगरा (उ.प्र.) की रेखा जाट ने भोपाल के पहलवान के खिलाफ अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इन मुकाबलों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और हर पल दर्शकों के लिए उत्साहवर्धक रहा।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में Nagda -खाचरोद विधानसभा के विधायक डॉ. तेज़ बहादुर सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश धाकड़, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती संतोष ओपी गेहलोत, उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा, बिरलाग्राम मंडल अध्यक्ष प्रकाश जैन, पूर्व जिला महामंत्री धर्मेश जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि ओपी गेहलोत, मेला अध्यक्ष बबिता रघुवंशी, और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अतिथियों ने अखाड़ों के उस्तादों का स्वागत साफा पहनाकर किया और उनके योगदान को सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त, कुश्ती दंगल के विजेता और उपविजेताओं को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्री शीतलानंद व्यायामशाला के संचालक विशाल हरि ॐ पहलवान रघुवंशी ने भी अतिथियों एवं अखाड़ों के उस्तादों को स्मृति चिन्ह भेंट किए।
दंगल का आयोजन और संरचना
दंगल की रूपरेखा तैयार करने में प्रमुख भूमिका श्री शीतलानंद व्यायामशाला के रमेश पहलवान, विशाल हरि ॐ पहलवान रघुवंशी, हनी मालवीय, और विक्की किन्ना पहलवान ने निभाई। इसके अलावा पवनपुत्र व्यायामशाला के किशन काकाजी, सिब्बू पहलवान, गणेश पहलवान, राजेंद्र पहलवान, और विकट हनुमान व्यायामशाला के मुकेश पहलवान और प्रकाश पहलवान ने भी दंगल की तैयारी और संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन पहलवानों ने मुकाबलों के दौरान अपनी ताकत, तकनीक और धैर्य का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों का ध्यान पूरी तरह अपनी ओर खींच लिया।
महिला पहलवानों ने भी इस दंगल में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पुरुष पहलवानों की तरह ही उत्साह और शक्ति का परिचय दिया। दर्शक उनकी कुश्ती कौशल और तकनीकी क्षमता देखकर प्रभावित हुए। महिला पहलवानों की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया और महिला खेल प्रतिभाओं को सम्मान देने का संदेश भी दिया।
दर्शकों की भागीदारी और उत्साह
दंगल में हजारों की संख्या में दर्शक शामिल हुए। नगरवासियों ने अपने-अपने पसंदीदा पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। दर्शकों के बीच बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या ने कार्यक्रम को और जीवंत बना दिया। उत्सव का माहौल और महाशिवरात्रि की धार्मिक गरिमा ने इस आयोजन को और भव्य बना दिया। दर्शक पहलवानों के शानदार तकनीकी कौशल, शक्ति और धैर्य को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए।
दंगल में केवल मुकाबले ही नहीं, बल्कि पहलवानों के अनुशासन, अखाड़ों के उस्तादों का निर्देशन, और पहलवानों के प्रशिक्षकों की देखरेख ने इसे व्यवस्थित और सफल बनाया। आयोजन का उद्देश्य केवल कुश्ती प्रदर्शन नहीं था, बल्कि खेलों के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करना, स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाना और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना भी था।
आयोजन का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह दंगल नागदा नगर के सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन का हिस्सा बन गया। यह आयोजन न केवल खेल को बढ़ावा देता है, बल्कि सामाजिक सामंजस्य, नगरवासियों के बीच मेल-जोल और पारंपरिक खेलों के महत्व को भी दर्शाता है। आयोजकों ने इसे सफल बनाने के लिए कई महीनों की तैयारी की और स्थानीय पहलवानों, प्रशिक्षकों और प्रशासन का सहयोग लिया।
विशेष रूप से इस आयोजन ने महिला पहलवानों को मंच प्रदान किया और उन्हें पारंपरिक खेलों में भाग लेने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया। यह संदेश गया कि महिला खिलाड़ी भी पुरुष खिलाड़ियों की तरह मेहनत और समर्पण से खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।
निष्कर्ष
Nagda नगर में महाशिवरात्रि पर आयोजित यह भव्य कुश्ती दंगल शहर के खेल, संस्कृति और सामाजिक जीवन में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में याद रखी जाएगी। आयोजन ने न केवल पहलवानों और दर्शकों को जोड़ने का काम किया, बल्कि महाशिवरात्रि के धार्मिक महत्त्व और सामाजिक उत्सव को और जीवंत बना दिया।
इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि पारंपरिक खेल और स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संयोजन नगरवासियों के लिए मनोरंजन, प्रेरणा और सामाजिक समरसता का स्रोत बन सकता है। नगर पालिका परिषद, व्यायामशालाओं और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त पहल ने इस दंगल को सफल बनाया और Nagda नगरवासियों के लिए यादगार पल प्रस्तुत किया।
