Nagda में मधुकर शीतल नीर प्याऊ का शुभारंभ, राहगीरों को मिलेगी शीतल जल सेवा
Nagda। ग्रीष्मकाल में मानव सेवा और समाज कल्याण की भावना को साकार करने के उद्देश्य से नगर में गुरुवार, 19 मार्च 2026 को मधुकर शीतल नीर प्याऊ का शुभारंभ किया गया। यह सेवा कार्य विशेष रूप से राहगीरों और गर्मी के दौरान बाहर काम करने वाले लोगों की सुविधा के लिए किया गया। पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी मिनरल वाटर के माध्यम से लोगों को शीतल जल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई, ताकि गर्मी में किसी को पानी की कमी या असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस आयोजन का आयोजन अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक और तरुण परिषद, शाखा नागदा ने किया। यह सेवा कार्य पूज्य गुरुदेव श्री राजेन्द्र सूरीश्वर जी महाराजा की द्वि-जन्म शताब्दी के अवसर पर देशभर में 200 प्याऊ स्थापित करने के संकल्प का हिस्सा भी है। इस प्रकार यह सिर्फ एक साधारण सेवा कार्य नहीं, बल्कि समाज सेवा, धार्मिक संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा सकता है।
प्रथम प्याऊ का शुभारंभ
इस अवसर पर प्रथम प्याऊ का शुभारंभ सुख सुविधा, बिड़लाग्राम में प्रातः 10:30 बजे किया गया। समारोह में गणमान्य नागरिक, समाजजनों और परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित थे। उद्घाटन के समय उपस्थित लोगों ने इसे नगरवासियों और राहगीरों के लिए अत्यंत उपयोगी सेवा बताया। उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में शीतल जल की सुविधा देना समाज के लिए एक बड़ी राहत है और इस तरह के कार्य लोगों में मानवता और सेवा भाव को जागृत करते हैं।
द्वितीय प्याऊ का शुभारंभ
दूसरे प्याऊ का शुभारंभ प्रातः 11:00 बजे जवाहर मार्ग पर जैन ऑटो पार्ट्स के प्रतिष्ठान पर हुआ। इस प्याऊ का संपूर्ण लाभ स्व. श्रीमती रतनबाई राजेंद्र जी गांधी कोठारी की पुण्य स्मृति में गांधी कोठारी परिवार द्वारा लिया गया है। यह विशेष योगदान समाज और परिवार की ओर से मानव सेवा की भावना को दर्शाता है।
आयोजन का उद्देश्य और सामाजिक महत्व
मधुकर शीतल नीर प्याऊ का मुख्य उद्देश्य राहगीरों, गरीब और जरूरतमंद लोगों को गर्मी के मौसम में शीतल जल की सुविधा प्रदान करना है। नागदा जैसे शहरों में जहां गर्मी का प्रकोप तीव्र होता है, वहां यह सेवा कार्य न केवल राहत का माध्यम बनता है बल्कि समाज में सेवा भाव और सहयोग की भावना को भी बढ़ाता है।
परिषद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने बताया कि परिषद ने अन्य शाखाओं से भी आह्वान किया है कि वे वर्ष प्रतिपदा और महावीर जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर अधिक से अधिक प्याऊ स्थापित कर सेवा कार्य में सहभागी बनें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के पुनीत कार्यों की खबर साझा करके दूसरों को भी प्रेरित करना चाहिए। यह संदेश समाज में सेवा भावना को बढ़ावा देता है और अन्य लोगों को भी समाज सेवा में जोड़ता है।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति और समाजसेवी
इस शुभ अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। प्रमुख उपस्थित लोगों में शामिल थे:
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श्वेतांबर मूतिपूजक जैन श्री संघ अध्यक्ष मनीष व्होरा
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नवयुवक परिषद शाखा अध्यक्ष दिलीप गांधी
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सचिव पंकज कुंवर
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प्रांतीय मंत्री दिलीप ओरा
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संस्थापक अध्यक्ष मनोज ओरा
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तरुण परिषद शाखा अध्यक्ष आयुष बोहरा
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परिषद पूर्व अध्यक्ष मनोज वागरेचा
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अन्य समाजसेवी और गणमान्य नागरिक जैसे सुशील सकलेचा, भूपेंद्र लूणावत, अभय बोहरा, सुरेश नाहटा, दिनेश चौरड़िया, जे एस जी के प्रमुख शरद जैन, संदीप कटलेचा आदि।
उपस्थित सभी लोगों ने इस सेवा कार्य की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल न केवल नगरवासियों की मदद करती है बल्कि समाज में सहयोग, एकजुटता और मानव सेवा की भावना को भी बढ़ावा देती है।

सेवा का कार्य और तकनीकी पहलू
मधुकर शीतल नीर प्याऊ में मिनरल वाटर का उपयोग किया गया है। इसके माध्यम से राहगीरों को ठंडा और शुद्ध जल उपलब्ध कराया जाएगा। प्याऊ को इस तरह से स्थापित किया गया है कि लोग आसानी से पानी प्राप्त कर सकें और गर्मी में ताजगी का अनुभव कर सकें। इस सेवा में यह भी ध्यान रखा गया कि प्याऊ का रखरखाव और सफाई नियमित रूप से होती रहे, ताकि पानी की गुणवत्ता बनी रहे।
परिषद का सामाजिक संदेश
इस प्रकार के सेवा कार्य का एक बड़ा संदेश समाज के लिए यह है कि समाज में सेवा भाव और मानवता को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। परिषद परिवार ने यह साबित किया कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का वास्तविक उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक मदद और सुविधा पहुँचाना भी होना चाहिए।
वार्षिक परंपरा
नागदा में मधुकर शीतल नीर प्याऊ की स्थापना अब परिषद परिवार की वार्षिक परंपरा बन चुकी है। प्रत्येक वर्ष प्रतिवर्ष की भांति गर्मियों के समय प्याऊ स्थापित किए जाते हैं। यह परंपरा नगरवासियों के बीच समाज सेवा की भावना को बनाए रखने और युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व का भाव जागृत करने के लिए एक प्रेरक उदाहरण के रूप में कार्य करती है।
सामाजिक प्रभाव और भविष्य की योजना
इस सेवा कार्य का समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। नागरिकों और राहगीरों ने इस पहल को सराहते हुए आयोजकों की प्रशंसा की। युवा और छात्र परिषद सदस्य इस सेवा में सक्रिय रूप से भाग लेकर समाज में मानवता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं।
भविष्य में परिषद का लक्ष्य है कि और अधिक प्याऊ स्थापित किए जाएं, ताकि नगर के हर प्रमुख मार्ग और सार्वजनिक स्थान पर राहगीरों को शीतल जल की सुविधा उपलब्ध हो। साथ ही, इस सेवा कार्य को अन्य शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुँचाया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
निष्कर्ष
नागदा में मधुकर शीतल नीर प्याऊ का शुभारंभ न केवल एक सेवा कार्य है, बल्कि यह समाज में एकता, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करने वाला प्रयास भी है। इस पहल से यह संदेश जाता है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का वास्तविक उद्देश्य समाज की भलाई और मानव सेवा है। परिषद परिवार और उसके सहयोगियों द्वारा इस सेवा को सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है, और आने वाले वर्षों में इसके और अधिक विस्तार की संभावना है।
समाजजनों ने इस प्रयास को सराहनीय बताया और कहा कि इस तरह के कार्य युवाओं और समाज के अन्य वर्गों को भी प्रेरित करेंगे। यह केवल जल सेवा नहीं, बल्कि मानव सेवा का प्रतीक है, जो गर्मी के कठिन मौसम में लोगों को राहत देने के साथ-साथ समाज में सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश भी फैलाता है।
