Nagda जीवाजी नगर अंडरग्राउंड रेलवे पुल जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने रेल मंत्री को पत्र भेजकर तत्काल सफाई, जल निकासी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
Nagda जीवाजी नगर अंडरग्राउंड रेलवे पुल जलभराव: दुर्घटना की आशंका, भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने रेल मंत्री को भेजा पत्र
Nagda प्रतिनिधि
Nagda जीवाजी नगर अंडरग्राउंड रेलवे पुल जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने भारत सरकार के रेल मंत्री को विस्तृत पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप और स्थायी समाधान की मांग की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से पुल में गंदा पानी भरा रहने के कारण आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
जीवाजी नगर अंडरग्राउंड पुल में जलभराव की समस्या
Nagda के जीवाजी नगर स्थित उज्जैन फाटक अंडरग्राउंड रेलवे पुल में लंबे समय से जलभराव बना हुआ है। पुल के अंदर लगातार गंदा पानी जमा रहने से स्थिति गंभीर होती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण आवागमन मार्गों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं।
बारिश के मौसम में समस्या और भी बढ़ जाती है। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे दुर्गंध और गंदगी का वातावरण भी निर्मित हो रहा है।
नागरिकों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
पुल के अंदर पानी भरा रहने के कारण फर्श पर काई जम चुकी है। इसके चलते फिसलने और गिरने की घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।सबसे अधिक परेशानी निम्न वर्गों को हो रही है—
- स्कूली विद्यार्थियों को
- महिलाओं को
- बुजुर्ग नागरिकों को
- दोपहिया वाहन चालकों को
- पैदल राहगीरों को
स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
रेल मंत्री को भेजा गया विस्तृत पत्र
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार के रेल मंत्री को विस्तृत पत्र प्रेषित किया है।पत्र में कहा गया है कि पुल में लगातार जलभराव के कारण नागरिकों का सुरक्षित आवागमन प्रभावित हो रहा है। संगठन ने रेलवे विभाग से तत्काल निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान करने का अनुरोध किया है।
सुनील सिंह यादव ने जताई गंभीर चिंता
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है।उन्होंने कहा—
“जनहित एवं मानव अधिकारों की रक्षा हमारा प्राथमिक दायित्व है। जीवाजी नगर अंडरग्राउंड पुल की वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। आम नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए रेल मंत्रालय एवं संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि किसी दुर्घटना की प्रतीक्षा करने के बजाय समस्या का पूर्व में ही स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है।
संगठन पदाधिकारियों ने की त्वरित कार्रवाई की मांग
संगठन के पदाधिकारियों—
- शिवम तिवारी
- कृष्णा यादव
- डॉ. प्रेम कुमार वैद्य
- रामवेश सिंह राजावत
- युवराज सिंह राठौर
- मनीष गुप्ता
- जीवनलाल जैन (चाय वाले)
ने संयुक्त रूप से कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े इस गंभीर विषय पर प्रशासन एवं रेलवे विभाग को संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि नागरिकों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
रेलवे विभाग से प्रमुख मांगें
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने रेल मंत्री से निम्न मांगें की हैं—
तत्काल निरीक्षण
अंडरग्राउंड रेलवे पुल का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए।
जल निकासी व्यवस्था
जमा पानी की तत्काल निकासी सुनिश्चित की जाए।
सफाई अभियान
काई, गंदगी और फिसलन को हटाने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
स्थायी ड्रेनेज सिस्टम
भविष्य में जलभराव न हो, इसके लिए स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाए।
सुरक्षा उपाय
- पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था
- चेतावनी बोर्ड
- सुरक्षा संकेतक
- रेलिंग एवं अन्य सुरक्षा संसाधन
स्थापित किए जाएं।
क्षेत्रवासियों की परेशानी लगातार बढ़ रही
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अंडरग्राउंड रेलवे पुल शहर की महत्वपूर्ण कड़ी है, लेकिन लंबे समय से जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।लोगों का मानना है कि यदि रेलवे विभाग और प्रशासन मिलकर शीघ्र कार्रवाई करता है तो भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
निष्कर्ष
Nagda जीवाजी नगर अंडरग्राउंड रेलवे पुल जलभराव अब केवल एक सामान्य समस्या नहीं बल्कि नागरिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा रेल मंत्री को भेजा गया पत्र इस समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें रेलवे विभाग और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

