Nagada : संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में नागदा की 7 बस्तियों में हिंदू सम्मेलन
Nagada: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में नागदा नगर की सात प्रमुख बस्तियों में रविवार को व्यापक हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए। ये सम्मेलन नागदा नगर के विभिन्न क्षेत्रों में हिन्दू समाज की एकजुटता, सनातन संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्र सुरक्षा में समाज की भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किए गए।
Nagada नगर में हिंदू समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय समितियों ने घर-घर जाकर पीले चावल, भगवा ध्वज और आमंत्रण पत्रक वितरित किए। इस तरह प्रत्येक बस्ती के नागरिकों को सम्मिलित होने का अवसर मिला और समाज के सभी वर्गों ने इन आयोजनों में हिस्सा लिया।
आयोजन स्थल और बस्तियाँ
रविवार को सम्मेलन नगर की सात बस्तियों में आयोजित किए गए। इन बस्तियों के नाम थे – वीर सावरकर, भगत सिंह, माधव, बलराम, महाराणा प्रताप, गुरु नानक और शिवाजी। हर बस्ती में स्थानीय स्तर पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन सम्मेलनों में शामिल गतिविधियों में भारत माता पूजन, आरती शास्त्र पूजन, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और भजन शामिल थे।
सांस्कृतिक गतिविधियों में गणेश-सरस्वती वंदना पर नृत्य और पंच परिवर्तन पर नाटिका प्रमुख आकर्षण रहे। इसके साथ ही हर बस्ती में सहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय संत, मातृ शक्तियां, समाजसेवी और अन्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

प्रमुख वक्ता और बस्तीवार विवरण
भगत सिंह बस्ती: इस बस्ती में मुख्य वक्ता के रूप में जिला सह कार्यवाह श्री रायसिंह जी चौधरी उपस्थित रहे। उन्होंने हिन्दू समाज की एकजुटता, संस्कृति संरक्षण और राष्ट्रभक्ति के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
महाराणा प्रताप बस्ती: यहां विभाग संघचालक श्री बलराज जी भट्ट मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने महाराणा प्रताप के आदर्शों और समाज में वीरता और साहस के संदेश को समाज के युवाओं तक पहुँचाने पर जोर दिया।
वीर सावरकर बस्ती: नगर संघचालक श्री सुनील जी जोशी ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हिन्दू समाज को संगठित करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सेवा और संरक्षण पहुँचाने के लिए की गई थी।
शिवाजी बस्ती: मुख्य वक्ता जिला प्रचार प्रमुख श्री अतुल जी उपाध्याय ने शिवाजी के नेतृत्व और समाज में सामूहिक शक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सदस्य को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए।
गुरु नानक बस्ती: नगर संपर्क प्रमुख श्री मनोज जी सोनी ने गुरु नानक के विचारों और समाज में मानवता, भाईचारा और नैतिकता की भूमिका पर अपने विचार रखे।
माधव बस्ती: मुख्य वक्ता श्री जगदीश जी शर्मा ने धर्म और संस्कृति के संरक्षण में युवा वर्ग की भागीदारी और सक्रियता की आवश्यकता पर जोर दिया।
बलराम बस्ती: श्री सुरेश जी काले ने समाज में आपसी सहयोग और हिन्दू समाज की एकता पर अपने विचार रखे और सभी नागरिकों से भागीदारी की अपील की।
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
हर बस्ती में आयोजन का प्रारंभ भारत माता पूजन और आरती शास्त्र पूजन से हुआ। इसके बाद सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और भजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिससे समाजजन एकत्रित होकर धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव में शामिल हुए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गणेश-सरस्वती वंदना पर नृत्य और पंच परिवर्तन पर नाटिका शामिल थी। ये नाटिका हिन्दू संस्कृति और परंपराओं का संदेश देने के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई। स्थानीय कलाकारों और युवाओं ने इन कार्यक्रमों में भाग लिया, जिससे युवा वर्ग भी हिन्दू संस्कृति और सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व से परिचित हुआ।
सहभोज और सामाजिक सहभागिता
हर बस्ती में सहभोज का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय संत, मातृ शक्तियां, समाजसेवी, वरिष्ठ नागरिक और अन्य नागरिक शामिल हुए। इस अवसर पर भोजन का वितरण केवल उत्सव का हिस्सा नहीं था, बल्कि यह समाज में समानता और सहयोग की भावना को भी मजबूत कर रहा था।
सम्मेलन के आयोजकों ने सुनिश्चित किया कि सभी लोग सम्मिलित हों और इस सामाजिक आयोजन का लाभ उठा सकें। समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि हिन्दू समाज की एकता और संस्कृति संरक्षण के कार्यों में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।
आगामी सम्मेलन – सुभाष बस्ती
आज सुभाष बस्ती में व्यापक हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें शामिल मार्ग हैं – जवाहर मार्ग, रानी लक्ष्मी बाई मार्ग, एम जी रोड, तिलक मार्ग, शारदा गली, चिकित्सालय मार्ग की गली, डॉ शर्मा की गली और एप्रोच रोड।
सम्मेलन का आयोजन शिव हनुमान मंदिर, हॉस्पिटल रोड पर दोपहर 3:30 बजे से होगा। इसमें भारत माता की आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सहभोज का आयोजन किया जाएगा। हिंदू सम्मेलनों समिति ने अधिक से अधिक समाजजन से सम्मिलित होने का आग्रह किया है।
उद्देश्य और संदेश
इन सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य हिन्दू समाज की संगठित सहभागिता, सनातन संस्कृति का संरक्षण और राष्ट्रभक्ति का संदेश देना है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना भी इसी उद्देश्य के लिए हुई थी।
सम्मेलनों में शामिल होने वाले समाजजन और वक्ता यह संदेश देते हैं कि समाज में समानता, एकजुटता और सहयोग को बढ़ावा देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। हिन्दू संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ युवा वर्ग को राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना भी इन सम्मेलनों का महत्वपूर्ण लक्ष्य है।
निष्कर्ष
Nagada की सात बस्तियों में आयोजित हिन्दू सम्मेलनों ने समाज में एकजुटता, धर्म और संस्कृति की भावना को मजबूत किया। आगामी सुभाष बस्ती सम्मेलन में भी व्यापक सहभागिता की उम्मीद है। आयोजकों ने यह सुनिश्चित किया है कि हर बस्ती और मार्ग के समाजजन सम्मिलित हों और हिन्दू संस्कृति, धर्म और राष्ट्र सेवा के संदेश को आगे बढ़ाएँ।
इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में सहयोग, सम्मान और एकता की भावना भी मजबूत करते हैं। Nagada नगर में यह आयोजन समाज के सभी वर्गों को जोड़ने और हिन्दू समाज की एकजुटता को प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट उदाहरण है।
