नागदा गंदा पानी सप्लाई मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अधिमान्य पत्रकार कल्याण एकता संघ ने महिला पत्रकारों के हित, पत्रकार विधवा पेंशन और नगर पालिका द्वारा गंदे पानी की सप्लाई के विरोध में राज्यपाल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है।
नागदा गंदा पानी सप्लाई मामला: महिला पत्रकारों के हित और जनसमस्याओं को लेकर राज्यपाल से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
नागदा गंदा पानी सप्लाई मामला बना बड़ा जनआंदोलन
नागदा। नागदा गंदा पानी सप्लाई मामला अब लगातार गंभीर होता जा रहा है। नगर पालिका द्वारा कीड़ेयुक्त और दूषित पानी की सप्लाई से आम नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इस मुद्दे को लेकर अब अधिमान्य पत्रकार कल्याण एकता संघ ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है।
संगठन ने घोषणा की है कि जल्द ही एक 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल महोदय, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल द्वारा नागदा जंक्शन में गंदे पानी की सप्लाई, जनस्वास्थ्य संकट और महिला पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
पत्रकार संगठन ने सरकार तक पहुंचाई आवाज
अधिमान्य पत्रकार कल्याण एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय सिंह पंसोरिया, महिला इकाई की राष्ट्रीय अध्यक्ष जया बघेल तथा राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवराम कृष्णन ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि नागदा जंक्शन में पिछले काफी समय से नगर पालिका द्वारा गंदे और कीड़ेयुक्त पानी की सप्लाई की जा रही है।उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर के गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों, एडवोकेट्स और पत्रकारों द्वारा कई बार प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
नागदा गंदा पानी सप्लाई मामला बना स्वास्थ्य संकट
लोगों में बढ़ रही बीमारियां
स्थानीय लोगों का कहना है कि दूषित पानी की वजह से कई लोग पेट संबंधी बीमारियों, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। गर्मी के मौसम में यह समस्या और अधिक गंभीर हो गई है।जनता का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन को बार-बार अवगत कराने के बावजूद जल आपूर्ति व्यवस्था में कोई बड़ा सुधार नहीं किया गया।
महिला पत्रकारों के हितों के लिए भी उठी मांग
अधिमान्य पत्रकार कल्याण एकता संघ ने सिर्फ जनसमस्याओं ही नहीं बल्कि महिला पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया है।संगठन का कहना है कि महिला पत्रकारों को कार्यस्थल पर सुरक्षा, सम्मान और आवश्यक सुविधाएं मिलना बेहद जरूरी है। इसी को लेकर राज्य सरकार से विशेष योजनाओं और सहायता की मांग की जाएगी।
पत्रकार विधवाओं को 5000 रुपये मासिक पेंशन देने की मांग
संगठन ने उठाया मानवीय मुद्दा
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय सिंह पंसोरिया ने कहा कि पत्रकार समाज के लिए लगातार कार्य करते हैं, लेकिन उनके निधन के बाद परिवारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।इसी कारण संगठन द्वारा पत्रकारों की विधवाओं को प्रति माह 5000 रुपये पेंशन देने की मांग भी सरकार के सामने रखी जाएगी। संगठन का कहना है कि यह योजना पत्रकार परिवारों के लिए राहत साबित हो सकती है।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
11 सदस्यीय टीम सौंपेगी ज्ञापन
संगठन के अनुसार जल्द ही 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भोपाल जाकर मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, स्वास्थ्य मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा।
ज्ञापन में निम्न प्रमुख मांगें रखी जाएंगी:
- नागदा में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था
- दूषित पानी सप्लाई की जांच
- जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई
- महिला पत्रकारों के लिए विशेष योजनाएं
- पत्रकार विधवाओं को मासिक पेंशन
- स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल जांच शिविर
नगर पालिका पर लापरवाही के आरोप
प्रशासन की चुप्पी से नाराज लोग
नागदा के नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका परिषद द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है। कई बार शिकायतों के बावजूद पानी की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया।लोगों का आरोप है कि जल शुद्धिकरण व्यवस्था पूरी तरह कमजोर हो चुकी है, जिससे जनता को गंदा और बदबूदार पानी मिल रहा है।
नागदा की जनता में बढ़ता आक्रोश
लोगों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
नागदा जंक्शन में आम नागरिकों के बीच भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वच्छ पानी हर व्यक्ति का मूल अधिकार है और प्रशासन को इस विषय पर तुरंत गंभीर कदम उठाने चाहिए।
संगठन पदाधिकारियों का संयुक्त बयान
राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय सिंह पंसोरिया, महिला इकाई की राष्ट्रीय अध्यक्ष जया बघेल और राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवराम कृष्णन ने संयुक्त रूप से कहा कि जनहित और पत्रकार हितों के लिए संगठन लगातार संघर्ष करता रहेगा।उन्होंने कहा कि नागदा की जनता को स्वच्छ पानी मिलना चाहिए और सरकार को इस विषय पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
निष्कर्ष
नागदा गंदा पानी सप्लाई मामला अब केवल एक स्थानीय समस्या नहीं बल्कि बड़ा जनस्वास्थ्य मुद्दा बन चुका है। आम जनता, व्यापारी, पत्रकार और सामाजिक संगठन लगातार आवाज उठा रहे हैं। अब सभी की नजर राज्य सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह मामला और अधिक गंभीर हो सकता है।


