—Advertisement—

नाबालिग अपहरण केस: जैतहरी थाना पुलिस पर गंभीर आरोप, IG तक पहुंची शिकायत, क्या आरोपियों को मिला संरक्षण?

Author Picture
Published On: 6 July 2026

—Advertisement—

नाबालिग अपहरण केस जैतहरी थाना में पुलिस की कथित लापरवाही को लेकर IG शाहडोल को शिकायत दी गई। जानिए पूरा मामला, पीड़ित परिवार के आरोप और जांच की मांग।

नाबालिग अपहरण केस जैतहरी थाना: पुलिस की कथित लापरवाही पर IG शाहडोल तक पहुंची शिकायत, पीड़ित परिवार ने उठाए गंभीर सवाल

अनूपपुर। नाबालिग अपहरण केस जैतहरी थाना एक बार फिर पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। एक नाबालिग बालिका के कथित अपहरण, दुष्कर्म और बाद में दोबारा अपहरण की घटना को लेकर पीड़ित परिवार ने सीधे IG शाहडोल जोन को शिकायत सौंपते हुए जैतहरी थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि यदि पहली घटना के बाद पुलिस ने कानून के अनुसार सख्त और समयबद्ध कार्रवाई की होती, तो दूसरी घटना होने से रोकी जा सकती थी।

नोट: यह समाचार पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध शिकायत के आधार पर प्रकाशित किया जा रहा है। पुलिस जांच एवं आधिकारिक निष्कर्ष आना शेष है।

नाबालिग अपहरण केस जैतहरी थाना क्या है?

अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र से जुड़े इस संवेदनशील मामले में पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि उनकी नाबालिग बेटी के साथ पहले अपहरण और दुष्कर्म की घटना हुई। शिकायत के अनुसार बालिका के बरामद होने के बाद भी पुलिस ने मामले की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई नहीं की।

परिजनों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण उनके हौसले बढ़े और बाद में बालिका को दोबारा अपने साथ ले जाने की घटना सामने आई।

पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़ित परिवार द्वारा IG शाहडोल को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि—

  • पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
  • आरोपियों के खिलाफ समय पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई।
  • परिवार पर समझौते का दबाव बनाए जाने का प्रयास किया गया।
  • कानूनी प्रक्रिया में अनावश्यक ढिलाई बरती गई।
  • पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई।

परिजनों का कहना है कि यदि पहली बार ही कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई होती, तो दूसरी घटना टाली जा सकती थी।

दोबारा अपहरण से उठे गंभीर सवाल

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि शिकायत के अनुसार पहली कार्रवाई के बाद भी बालिका दोबारा आरोपियों के संपर्क में पहुंच गई।इसी कारण पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।परिवार का कहना है कि यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता भी है।

IG शाहडोल तक पहुंची शिकायत

पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की शिकायत सीधे पुलिस महानिरीक्षक (IG) शाहडोल जोन से करते हुए मांग की है कि—

  • पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
  • संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच हो।
  • दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाए।
  • कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

जैतहरी थाना पहले भी रहा है विवादों में

स्थानीय लोगों के अनुसार जैतहरी थाना पहले भी कई मामलों को लेकर चर्चा में रहा है।हाल ही में छेड़छाड़ के एक अन्य मामले में भी पीड़िता को न्याय के लिए जिला स्तर से ऊपर जाकर सीधे IG कार्यालय में शिकायत करनी पड़ी थी, जिसके बाद कार्रवाई हुई थी।इसी कारण अब स्थानीय नागरिकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या आम लोगों को न्याय पाने के लिए हर बार वरिष्ठ अधिकारियों के पास जाना पड़ेगा।

पुलिस विभाग की जवाबदेही पर सवाल

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रह गया है।अब चर्चा इस बात की भी है कि यदि किसी मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो उसकी जवाबदेही कैसे तय होगी।कानूनी विशेषज्ञों का भी मानना है कि महिलाओं एवं नाबालिगों से जुड़े मामलों में प्रत्येक स्तर पर संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई आवश्यक होती है।

निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित परिवार ने मांग की है कि—

  • मामले की निष्पक्ष जांच हो।
  • संबंधित अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट की जाए।
  • दोषियों पर कार्रवाई हो।
  • पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
  • न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

आगे क्या होगा?

अब पूरे मामले में निगाहें IG शाहडोल, जिला पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।यदि जांच में पुलिस अधिकारियों की लापरवाही या अनुचित भूमिका सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई हो सकती है।वहीं यदि आरोप असत्य पाए जाते हैं तो जांच रिपोर्ट उसी अनुसार स्थिति स्पष्ट करेगी।फिलहाल पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है।

अस्वीकरण

यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस महानिरीक्षक (IG) को दिए गए शिकायत-पत्र एवं लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच संबंधित पुलिस एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी। यदि संबंधित पुलिस अधिकारियों या अन्य पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp