मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज मंगल प्रवेश इंदौर 2026 में ऐतिहासिक रहा। हाथी-घोड़े, बग्गी, बैंडबाजों और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में धर्म नगरी इंदौर ने गुरुदेव का भव्य स्वागत किया। सांसद शंकर लालवानी, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज मंगल प्रवेश इंदौर: धर्म नगरी के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हुआ ऐतिहासिक दिन
रिपोर्ट: राजेश जैन दद्दू
इंदौर। मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज मंगल प्रवेश इंदौर शनिवार को ऐसा ऐतिहासिक आयोजन बन गया, जिसे धर्म नगरी इंदौर सदैव स्वर्णिम अक्षरों में याद रखेगी। सर सेठ हुकुमचंद जी की धर्म नगरी इंदौर में तीर्थ चक्रवर्ती परम पूज्य मुनि पुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज संसघ का भव्य मंगल प्रवेश हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह केवल एक शोभायात्रा नहीं, बल्कि जैन समाज की आस्था, अनुशासन और धर्म प्रभावना का विराट प्रदर्शन था।
ऐतिहासिक मंगल प्रवेश
मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज मंगल प्रवेश इंदौर का शुभारंभ बड़ा गणपति से हुआ। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हाथों में ध्वज-पताकाएं लिए हजारों श्रद्धालु “जय-जय गुरुदेव” के जयघोष करते हुए शोभायात्रा के स्वागत में खड़े दिखाई दिए।शहर का वातावरण पूर्णतः धर्ममय हो गया। हर ओर पुष्पवर्षा, भक्ति संगीत और मंगल ध्वनि सुनाई दे रही थी।
हाथी-घोड़े और बैंडबाजों से सजी भव्य शोभायात्रा
सकल दिगंबर जैन समाज धर्म प्रभावना समिति के तत्वावधान में आयोजित इस शोभायात्रा में—
- हाथी
- घोड़े
- बग्गियां
- ढोल-नगाड़े
- बैंडबाजे
- धार्मिक झांकियां
- पारंपरिक नृत्य दल
विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।उज्जैन से आए भस्म रमैया ग्रुप, डमरू वादक दल तथा झांझ-मंजरी वादक दल ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।पारंपरिक वेशभूषा में युवक-युवतियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं।
बड़ा गणपति से दलाल बाग तक उमड़ा जनसैलाब
शोभायात्रा बड़ा गणपति से प्रारंभ होकर—
- मोदी जी की नसिया
- राजवाड़ा
- जवाहर मार्ग
- राज मोहल्ला
- खालसा स्टेडियम
- एयरपोर्ट रोड
होते हुए दलाल बाग पहुंची।मोदी जी की नसिया में गुरुदेव संसघ ने भगवान के दर्शन किए।पूरे मार्ग पर हजारों श्रद्धालु कतारबद्ध होकर गुरु वंदना करते दिखाई दिए।
राजवाड़ा पर सांसद एवं मंत्रियों ने प्राप्त किया आशीर्वाद
राजवाड़ा पहुंचने पर गुरुदेव मंच पर विराजमान हुए और भक्तों को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख अतिथियों में—
- इंदौर सांसद शंकर लालवानी
- कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
- महापौर पुष्प मित्र भार्गव
- विधायक गोलू शुक्ला
- विधायक आकाश विजयवर्गीय
- गोपीकृष्ण नेमा
- सुदर्शन गुप्ता
- नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा
विशेष रूप से उपस्थित रहे।सभी ने गुरुदेव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
विभिन्न संगठनों ने की पुष्पवर्षा
शोभायात्रा मार्ग पर अनेक धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा स्वागत मंच बनाए गए थे।सभी स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर गुरुदेव का स्वागत किया।धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष—
- सपना मनीष गोधा
- नवीन आनंद गोधा
- हर्ष जैन
ने बताया कि इस प्रकार का भव्य आयोजन इंदौर के इतिहास में पहली बार देखने को मिला।
दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का भव्य स्वागत
दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन इंदौर रीजन एवं राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के मंच पर बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।सांसद शंकर लालवानी का स्वागत किया—
- अमित कासलीवाल
- अक्षय कासलीवाल
- प्रदीप चौधरी
- संजय पापड़ीवाल
- मनीष जैन
- डीके जैन (सेवानिवृत्त डीएसपी)
- राजेश जैन दद्दू
तथा अन्य समाजजनों ने।
समाजजनों ने जताया उत्साह
राकेश गोहिल एवं मयंक जैन ने कहा कि वर्ष 2026 का चातुर्मास ऐतिहासिक रहेगा।छत्रपति नगर समाज के अध्यक्ष—
- भूपेंद्र जैन
- कमल जैन
- विपुल बाझलं
- राकेश नायक
ने कहा कि गुरुदेव का चातुर्मास इंदौर के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।उन्होंने कहा कि गुरुदेव की मंगल देशना से समाज को—
- अहिंसा
- संयम
- नैतिकता
- राष्ट्रसेवा
की प्रेरणा प्राप्त होगी।
पाद प्रक्षालन का सौभाग्य
धर्मसभा में गुरुदेव के पाद प्रक्षालन का परम सौभाग्य परवार सभा के अध्यक्ष—
- राकेश
- दिनेश
- अखिलेश चेतक परिवार
को प्राप्त हुआ।सभा का सफल संचालन ब्रह्मचारी प्रदीप पीयूष ने किया।
निष्कर्ष
मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज मंगल प्रवेश इंदौर केवल धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह इंदौर की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और जैन समाज की संगठित शक्ति का जीवंत उदाहरण बन गया। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति, भव्य शोभायात्रा, धार्मिक उल्लास और गणमान्य नागरिकों की सहभागिता ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। आने वाला चातुर्मास 2026 इंदौर के धार्मिक इतिहास में नई प्रेरणा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अध्याय जोड़ने वाला माना जा रहा है।


