मुनि श्री 108 सुयश सागर जी चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम झुमरीतिलैया में गुरु पूर्णिमा पर भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। देशभर से पहुंचे श्रद्धालु, सभी प्रमुख अतिथियों, दानदाताओं और समिति सदस्यों की मौजूदगी में हुआ ऐतिहासिक आयोजन।
मुनि श्री 108 सुयश सागर जी चातुर्मास कलश स्थापना: झुमरीतिलैया में गुरु पूर्णिमा पर भव्य आयोजन
रिपोर्टर : राज कुमार जैन अजमेरा | नवीन जैन
झुमरीतिलैया (कोडरमा)।
मुनि श्री 108 सुयश सागर जी चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर झुमरीतिलैया स्थित जैन मंदिर में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य जैन संत मुनि श्री 108 सुयश सागर जी मुनीराज ससंघ के वर्षायोग चातुर्मास के मंगल कलश की स्थापना वैदिक एवं जैन परंपरा के अनुसार विश्व शांति मंत्रों के साथ विधि-विधान से सम्पन्न कराई गई।
कार्यक्रम में जैन समाज के पदाधिकारियों एवं विरागोदय चातुर्मास कमेटी 2026 के संयोजकों ने आचार्य शिरोमणि विशुद्ध सागर जी के परम तपस्वी शिष्य मुनि श्री 108 सुयश सागर जी मुनीराज को श्रीफल भेंट कर झुमरीतिलैया में चातुर्मास करने की प्रार्थना की।
देशभर से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु
भव्य मुनि श्री 108 सुयश सागर जी चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम में रायपुर, भिलाई, तमसा, दुर्ग, रायगढ़, राउरकेला, रांची, गया, हजारीबाग सहित विभिन्न शहरों एवं राज्यों से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे।गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूरा जैन मंदिर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। भक्तों ने मंगलाचरण, पूजा-अर्चना और धर्म ध्यान के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
चातुर्मास का धार्मिक महत्व
जैन धर्म में वर्षा ऋतु के दौरान साधु-संत जीव हिंसा से बचने के लिए चार माह तक एक ही स्थान पर निवास करते हैं। इसी अवधि को चातुर्मास कहा जाता है। इस दौरान प्रवचन, स्वाध्याय, तप, संयम एवं धर्म साधना के अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
झुमरीतिलैया में मुनि श्री 108 सुयश सागर जी चातुर्मास कलश स्थापना होने से पूरे जैन समाज में अत्यंत हर्ष एवं उत्साह का वातावरण है।
मंच संचालन एवं धार्मिक अनुष्ठान
कार्यक्रम का मंच संचालन समाज के पंडित अभिषेक जैन शास्त्री, संजय जैन छाबड़ा (लट्टू) एवं अक्षय जैन ने किया।पूरे धार्मिक आयोजन का संचालन प्रतिष्ठाचार्य संजय भैया ब्रह्मचारी मुक्तगिरि ने किया।
समाज के पदाधिकारियों ने किया स्वागत
कार्यक्रम में उपमंत्री नरेंद्र जैन झांझरी, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला, सहमंत्री राज जैन छाबड़ा सहित विरागोदय चातुर्मास कमेटी 2026 के सभी संयोजकों ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया।मंडप उद्घाटन कोलकाता के दिनेश जैन, सर्वेश जैन एवं अखिलेश जैन पाटनी परिवार द्वारा किया गया।बाहर से आए सभी अतिथियों का तिलक एवं अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया गया।
भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
समाज के प्रसिद्ध गायक नवीन जैन पांडया एवं सुबोध जैन गंगवाल ने गुरु भक्ति से ओत-प्रोत भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
चातुर्मास के प्रमुख कलशधारी
- चातुर्मास का प्रथम कलश सौरभ, सुधा एवं हर्ष जैन पाटौदी परिवार (हजारीबाग) ने प्राप्त किया।
- द्वितीय कलश गौरव जैन (भाटापारा, छत्तीसगढ़) ने लिया।
- तृतीय कलश आतिश जैन काला परिवार (तमसा) ने लिया।
- चतुर्थ कलश सुयश भक्त परिवार (तमसा) ने प्राप्त किया।
- पाँचवाँ कलश सुशील एवं अमित जैन (हजारीबाग) ने ग्रहण किया।
इसके अतिरिक्त अनेक धार्मिक परिवारों ने भी चातुर्मास कलश ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
आयोजन को सफल बनाने वालों का विशेष योगदान
विरागोदय चातुर्मास कमेटी 2026 के संयोजक
- रौनक जैन कासलीवाल
- राहुल जैन छाबड़ा
- सौरभ जैन लुहाड़िया
- सिद्धांत जैन सेठी
- लट्टू शैलेश जैन छाबड़ा
- लोकेश जैन पाटौदी
- विकास जैन सेठी
- मनीष जैन गंगवाल
- जोंटी जैन काला
ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख समाजजन
कार्यक्रम में समाज के मार्गदर्शक
- ललित जैन सेठी
- सुरेश जैन झांझरी
- सुशील जैन छाबड़ा
- सुनील जैन छाबड़ा
- मुकेश जैन अजमेरा
महिला समाज की अध्यक्ष
- नीलम जैन सेठी
- आशा जैन गंगवाल
- मोना जैन छाबड़ा
वार्ड पार्षद
- पिंकी जैन
तथा जैन युवक समिति के अध्यक्ष एवं मंत्री सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।सभी पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले समाज के सदस्यों की सराहना करते हुए चातुर्मास को धर्म जागरण का महापर्व बताया।
निष्कर्ष
मुनि श्री 108 सुयश सागर जी चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम झुमरीतिलैया के धार्मिक इतिहास का एक अत्यंत भव्य एवं अविस्मरणीय आयोजन सिद्ध हुआ। गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर देशभर से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति, धार्मिक अनुष्ठान, भक्ति संगीत और समाज की एकजुटता ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। आगामी चार महीनों तक चलने वाले चातुर्मास में अनेक धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका लाभ हजारों श्रद्धालु प्राप्त करेंगे।




