मुनि श्री पुज्य सागर जी महाराज इंदौर में महासभा के कार्यों की सराहना करते हुए धर्म रक्षा और कार्यकर्ताओं की आवश्यकता पर दिया प्रेरणादायक संदेश।
राजेश जैन दद्दू
इंदौर
मुनि श्री पुज्य सागर जी महाराज इंदौर — धर्म और सेवा का प्रेरणादायक संदेश
इंदौर। मुनि श्री पुज्य सागर जी महाराज इंदौर में आयोजित धर्मसभा में महासभा के पदाधिकारीगणों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए धर्म, सेवा और समर्पण का अद्भुत संदेश दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि समाज के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हुआ।महासभा के पदाधिकारीगणों ने मुनि श्री के सानिध्य में पहुंचकर नमोस्तु निवेदित किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मुनि श्री ने अपने प्रवचन में महासभा द्वारा किए जा रहे कार्यों की खुलकर सराहना की।
मुनि श्री पुज्य सागर जी महाराज का प्रेरणादायक संदेश
मुनि श्री पुज्य सागर जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि वे वर्षों से महासभा के कार्यों को देख रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि—“महासभा के कार्यों को वर्षों से देखा है, सैकड़ों प्राचीन मंदिरों का जिर्णोद्धार करने का अद्भुत कार्य किया है।”यह कथन महासभा के समर्पण और उनकी कार्यशैली का प्रमाण है।
महासभा के कार्यों की अद्भुत सराहना
मुनि श्री ने सेठी जी और उनकी टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने देश-विदेश में फैली सैकड़ों प्राचीन जैन धरोहरों की खोज कर उनका जिर्णोद्धार किया है। यह कार्य न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।इस प्रकार के कार्य समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।
धर्म रक्षा के लिए कार्यकर्ताओं की आवश्यकता
मुनि श्री पुज्य सागर जी महाराज इंदौर में अपने प्रवचन के दौरान एक महत्वपूर्ण बात पर जोर देते हुए कहा कि—
- समाज को धन से अधिक समर्पित कार्यकर्ताओं की आवश्यकता है
- धर्म रक्षा के लिए सक्रिय लोगों का जुड़ना जरूरी है
- केवल आर्थिक सहयोग पर्याप्त नहीं, सेवा भाव आवश्यक है
उन्होंने महासभा के पदाधिकारियों से कहा कि वे अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को जोड़ें।
इंदौर धर्मसभा का आयोजन
यह धर्मसभा श्री पद्मप्रभ दिगम्बर जैन मंदिर, वैभव नगर, इंदौर में आयोजित की गई थी। यहां पर समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस आयोजन में देश और प्रदेश के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित हुए और सभी ने मुनि श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।
प्रमुख पदाधिकारी और उनकी भूमिका
इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं—
- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री टी के वैद
- प्रदेश कार्याध्यक्ष तल्लीन बड़जात्या
- प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सेठी
- कोषाध्यक्ष राकेश पाटनी
- इंदौर क्षेत्र अध्यक्ष पवन पाटोदी
- ओम पाटोदी (पुरातत्व संयोजक, निर्ग्रन्थ सेंटर ऑफ आर्कियोलॉजी)
इन सभी ने महासभा के कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सदस्यता अभियान की जानकारी
प्रदेश कार्याध्यक्ष तल्लीन बड़जात्या ने महासभा के क्षेत्रीय सदस्यता अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि—
- अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जा रहा है
- समाज में जागरूकता बढ़ाई जा रही है
- युवाओं को भी जोड़ा जा रहा है
समाज की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में समाज के कई प्रमुख लोग भी उपस्थित रहे, जिनमें—
- श्रीपाल जैन
- सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री जे के जैन
- कमलेश जैन
- विनोद जैन
इनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना दिया।
जैन धरोहर संरक्षण का महत्व
महासभा द्वारा किए जा रहे जिर्णोद्धार कार्य केवल मंदिरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का कार्य है।इसके प्रमुख लाभ—
- इतिहास का संरक्षण
- धार्मिक आस्था का विस्तार
- पर्यटन को बढ़ावा
- समाज में एकता
भविष्य की दिशा और संदेश
मुनि श्री पुज्य सागर जी महाराज इंदौर में दिए गए संदेश से स्पष्ट है कि भविष्य में—
- कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ानी होगी
- सेवा भावना को प्राथमिकता देनी होगी
- समाज को संगठित करना होगा
निष्कर्ष
मुनि श्री पुज्य सागर जी महाराज इंदौर में आयोजित यह धर्मसभा समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रही। महासभा के कार्यों की सराहना और धर्म रक्षा के लिए दिए गए संदेश ने सभी को नई दिशा प्रदान की।यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज के उत्थान का एक सशक्त माध्यम बना।
