अफीम, गांजा, चरस समेत 8 करोड़ के मादक पदार्थ जलाकर किए गए नष्ट
नीमच/इंदौर। मध्य प्रदेश पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए करीब 15 टन अवैध मादक पदार्थ नष्ट कर दिए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी अनुमानित कीमत लगभग आठ करोड़ रुपये बताई जा रही है।
सात जिलों से जब्त खेप
रतलाम रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) निमिष अग्रवाल ने जानकारी दी कि यह मादक पदार्थ पिछले कुछ वर्षों में उज्जैन रेंज के सात जिलों — नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा और देवास — में दर्ज करीब 200 प्रकरणों में पुलिस कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए थे।
कौन-कौन से मादक पदार्थ थे शामिल
जब्त खेप में खतरनाक और प्रतिबंधित नशेले पदार्थ शामिल थे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- डोडा चूरा
- अफीम
- गांजा
- चरस
- स्मैक
- मेफेड्रोन (एमडी)
कैसे की गई नष्ट करने की प्रक्रिया
इन मादक पदार्थों को नीमच जिले में स्थित एक निजी सीमेंट उत्पादन संयंत्र में ले जाया गया। यहां विशेष प्रक्रिया के तहत उन्हें उच्च तापमान वाली भट्टियों में जलाया गया, जिससे यह पूरी तरह राख में तब्दील हो गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया से न सिर्फ यह अवैध मादक पदार्थ पूरी तरह नष्ट हो गए, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान नहीं हुआ।
सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई
इस पूरे अभियान के दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा। उज्जैन जोन के दो डीआईजी और चार जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वयं मौके पर मौजूद रहे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में यह सुनिश्चित किया गया कि पूरी कार्रवाई पारदर्शिता और कानूनन प्रक्रियाओं के अनुरूप संपन्न हो।
पुलिस का संदेश
अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य सिर्फ मादक पदार्थों को नष्ट करना नहीं, बल्कि समाज को यह सख्त संदेश देना भी है कि मध्य प्रदेश पुलिस नशे और नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

