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Indore-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण शुरू: 2,000 करोड़ का प्रोजेक्ट बदल देगा सफर

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Published On: 17 February 2026
Indore-उज्जैन
— "MP में शुरू होने वाला 2,000 करोड़ का इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे, 48 किमी का सफर अब सिर्फ 30 मिनट में!"

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Indore-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण शुरू: 2,000 करोड़ का प्रोजेक्ट बदल देगा सफर

मध्यप्रदेश में यातायात और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। Indore और उज्जैन के बीच 48 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड हाईवे बनाने का काम अगले महीने से शुरू होने वाला है। यह हाईवे न केवल यात्रियों के लिए समय बचाएगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास और ट्रैफिक प्रबंधन में भी अहम योगदान देगा।

2,000 करोड़ का निवेश और किसानों को मुआवजा

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 2,000 करोड़ रुपए आंकी गई है। हाईवे निर्माण से पहले जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। कुल 20 गांवों के 662 किसानों को जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजा दिया गया है, जिसकी राशि 624.49 करोड़ रुपए है। इस महीने जमीन मालिकों को राशि का वितरण किया जाएगा और इसके बाद अगले महीने से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

यह हाईवे एमपीआरडीसी (मध्यप्रदेश राजमार्ग विकास निगम) द्वारा बनाए जा रहे मौजूदा Indore-उज्जैन रोड के अतिरिक्त एक नया ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है। इसका उद्देश्य मौजूदा सड़क पर ट्रैफिक के दबाव को कम करना और यात्रियों के लिए सफर को अधिक आरामदायक बनाना है।

यात्रा समय में बड़ी कटौती

48 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के बनने के बाद Indore से उज्जैन की दूरी महज 30 मिनट में पूरी की जा सकेगी। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में करीब 1.5 से 2 घंटे लगते हैं। नए हाईवे के बनने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि वाहन संचालन लागत और ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।

सिंहस्थ महापर्व से पहले हाईवे का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।

हाईवे की संरचना और सुविधाएं

इस नए ग्रीनफील्ड हाईवे की चौड़ाई 60 मीटर होगी। सड़क पर सुरक्षा और निगरानी के लिए हर जगह कैमरे लगाए जाएंगे और एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। हाईवे पर चार प्रमुख प्रवेश-पथ होंगे, जिससे यातायात का प्रवाह नियंत्रित किया जा सके।

इस हाईवे पर कुल 35 छोटे और बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके अलावा 3 बड़े फ्लायओवर का निर्माण भी होगा। नए बने बायपास से इसे जोड़ा जाएगा, जिससे हाईवे के संपर्क क्षेत्र में आने वाले यातायात को सुचारू रूप से प्रबंधित किया जा सके।

ट्रैफिक दबाव में कमी

एमपीआरडीसी के अधिकारियों के अनुसार, नए हाईवे के बनने से मौजूदा इंदौर-उज्जैन रोड पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं और जाम की समस्याओं में भी कमी आएगी।

Indore और उज्जैन के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने से दोनों शहरों के बीच वाणिज्य और पर्यटन में भी वृद्धि होगी। उज्जैन एक प्रमुख धार्मिक स्थल होने के कारण भारी यातायात का सामना करता है। नए हाईवे के बनने से तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा आसान और तेज़ हो जाएगी।

प्रशासनिक तैयारियां और निगरानी

सइ प्रोजेक्ट की समय पर पूरी होने के लिए प्रशासन ने भी कई कदम उठाए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर काम को जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है। अधिग्रहण के बाद अब केवल जमीन का कब्जा लेना शेष है, जो इस महीने के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।

प्रोजेक्ट के दौरान सुरक्षा, गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि हाईवे के निर्माण में नवीनतम तकनीक और आधुनिक मशीनरी का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा सड़क के किनारे आवश्यक प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड और आपातकालीन सेवाओं की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

इस हाईवे के निर्माण से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी मजबूती मिलेगी। नए हाईवे से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। यह इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर को एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक मार्ग के रूप में स्थापित करेगा।

स्थानीय किसानों को मुआवजा देने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी यह परियोजना महत्वपूर्ण है। हाईवे निर्माण में कई श्रमिकों और इंजीनियरों को रोजगार मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

निष्कर्ष

Indore-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश में यातायात और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होने वाला है। यह हाईवे न केवल यात्रा को तेज और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

48 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 2,000 करोड़ रुपए है, जिसमें किसानों को दिया गया मुआवजा और आधुनिक निर्माण तकनीक शामिल है। 35 ब्रिज और 3 फ्लायओवर के साथ, 60 मीटर चौड़ा हाईवे यात्रियों के लिए एक आधुनिक और सुरक्षित मार्ग पेश करेगा।

सिंहस्थ महापर्व से पहले इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे धार्मिक यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों को सुविधा मिले। Indoreऔर उज्जैन के बीच यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और सुरक्षित होने वाली है।

 

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