MP Weather Update: भोपाल समेत कई जिलों में बारिश, 19 सितंबर से फिर बढ़ सकती है मानसून की सक्रियता
बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव क्षेत्र बनने के संकेत, अगले दो दिनों तक गरज-चमक और बौछारों का दौर जारी रहने की संभावना
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। भोपाल में दिनभर धूप और उमस के बाद शाम करीब छह बजे अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ीं। हालांकि, बारिश का दौर अधिक देर तक नहीं चला, लेकिन इससे लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिली।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में मध्य प्रदेश के आसपास कोई अत्यंत शक्तिशाली मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। इसके बावजूद वातावरण में पर्याप्त नमी और दिन में पड़ रही तेज धूप के कारण गरज वाले बादल बन रहे हैं। यही बादल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अचानक बारिश करा सकते हैं।
भोपाल में अचानक बदला मौसम
राजधानी भोपाल में बुधवार को दिन के समय तेज धूप निकली रही। हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। शाम होते-होते आसमान में घने बादल छा गए और कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें शुरू हो गईं।
मौसम विज्ञानी एसएन साहू के अनुसार, तेज धूप और वातावरण में मौजूद नमी के कारण कम्युलोनिम्बस बादलों का निर्माण हुआ। इन्हें सामान्य भाषा में गरजने वाले ऊंचे और घने बादल कहा जाता है। ऐसे बादल सीमित क्षेत्र में अचानक तेज बारिश, बिजली और तेज हवा की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं।
इस तरह की वर्षा पूरे शहर में एक समान होना आवश्यक नहीं है। कई बार एक क्षेत्र में तेज बारिश होती है, जबकि कुछ किलोमीटर दूर स्थित इलाके में केवल बादल या हल्की बूंदाबांदी दर्ज की जाती है।
अगले दो दिनों तक गरज-चमक के आसार
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश में स्थानीय स्तर पर बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। धूप निकलने और नमी बरकरार रहने पर दोपहर या शाम के समय गरज-चमक वाले बादल विकसित हो सकते हैं।
इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। कहीं-कहीं थोड़े समय के लिए तेज बौछारें भी पड़ने की संभावना है। भोपाल के पूर्वानुमान में 17 और 18 सितंबर को दोपहर बाद गरज के साथ बारिश की संभावना दिखाई गई है।
प्रदेश में इस समय पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिशा से नमी वाली हवाएं आने की बात कही गई है। हवा की दिशा और वातावरण में मौजूद नमी स्थानीय बादलों को विकसित होने में मदद कर रही है।
19 सितंबर को बन सकता है नया कम दबाव क्षेत्र
मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, 19 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद यह मौसम प्रणाली अगले तीन से चार दिनों के दौरान ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की ओर आगे बढ़ सकती है।
इस प्रणाली के प्रभाव से मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता दोबारा बढ़ने के संकेत हैं। सिस्टम की दिशा और तीव्रता के आधार पर प्रदेश के पूर्वी, दक्षिणी और मध्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, इसके वास्तविक प्रभाव वाले जिलों और बारिश की मात्रा का स्पष्ट अनुमान प्रणाली बनने के बाद ही सामने आएगा।
कम दबाव क्षेत्र की गति या दिशा में बदलाव होने पर मध्य प्रदेश में इसके प्रभाव का क्षेत्र भी बदल सकता है। इसलिए किसानों और आम नागरिकों को मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
स्थानीय बादल करा रहे अचानक वर्षा
वर्तमान में प्रदेश में हो रही बारिश के पीछे मजबूत मानसूनी सिस्टम के बजाय मुख्य रूप से स्थानीय मौसम परिस्थितियों को जिम्मेदार बताया जा रहा है। दिन में जमीन गर्म होने, वातावरण में नमी और हवा की अनुकूल दिशा के कारण ऊंचे बादल विकसित हो रहे हैं।
कम्युलोनिम्बस बादल बनने के बाद कम समय में तेज बारिश हो सकती है। इनके साथ बिजली चमकने, बादल गरजने और अचानक तेज हवा चलने की भी आशंका रहती है। ऐसे बादलों का प्रभाव सामान्यतः सीमित क्षेत्र में दिखाई देता है।
यही कारण है कि मौसम साफ दिखाई देने के कुछ समय बाद ही अचानक बादल छा सकते हैं और बारिश शुरू हो सकती है। नागरिकों को बदलते मौसम को देखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।
किसानों के लिए बारिश महत्वपूर्ण
सितंबर के दूसरे पखवाड़े में होने वाली बारिश खरीफ की फसलों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, बारिश का लाभ फसल की स्थिति और क्षेत्र में पहले से मौजूद नमी पर निर्भर करेगा। मध्यम वर्षा से फसलों को फायदा हो सकता है, लेकिन लगातार तेज बारिश या खेतों में जलभराव से नुकसान की आशंका भी रहती है।
किसानों को खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था बनाए रखने और कीटनाशक अथवा खाद के छिड़काव से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखने की सलाह दी जाती है। गरज-चमक के दौरान खुले खेत, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़ा होना सुरक्षित नहीं है।
बिजली गिरने से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
बारिश के दौरान बिजली चमकने या बादल गरजने पर नागरिक सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। खुले मैदान, जलाशय, खेत और पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें। मोटरसाइकिल, साइकिल या खुले वाहन से यात्रा कर रहे लोग मौसम खराब होने पर निकटतम सुरक्षित भवन में रुकें।
किसी स्थान पर पानी भरने की स्थिति में तेज बहाव वाली सड़क पार न करें। वाहन चालकों को बारिश के दौरान गति कम रखने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की जरूरत है।
तापमान में मामूली गिरावट संभव
बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन नमी अधिक होने से उमस बनी रहने की संभावना है। भोपाल में अगले कुछ दिनों के दौरान अधिकतम तापमान लगभग 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
फिलहाल प्रदेश में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 19 सितंबर के आसपास बनने वाली मौसम प्रणाली के बाद मानसून की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। नागरिकों को जिलावार चेतावनी और ताजा पूर्वानुमान के लिए मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाएं देखते रहना चाहिए।
