MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक करीब, 30 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट
MP में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री अब बेहद करीब पहुंच चुकी है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगामी 18 से 19 जून के बीच मानसून प्रदेश में दस्तक दे सकता है। इससे पहले प्रदेशभर में प्री-मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिसके चलते कई जिलों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है। मंगलवार के लिए मौसम विभाग ने 30 से अधिक जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
हालांकि मानसून के आगमन में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन इस बार जून के पहले पखवाड़े में प्रदेश को अपेक्षित वर्षा नहीं मिल सकी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 15 जून तक मध्य प्रदेश में सामान्य रूप से 31.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज होनी चाहिए थी, जबकि इस वर्ष केवल 22.7 मिलीमीटर बारिश हुई है। इस प्रकार प्रदेश में औसतन 29 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
35 जिलों में सामान्य से कम बारिश
MP मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 55 जिलों में से 35 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, विदिशा, देवास, धार, खंडवा, खरगोन, रतलाम, बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। बारिश की कमी के कारण किसानों और आम नागरिकों की नजरें अब मानसून की औपचारिक एंट्री पर टिकी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के आगमन के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी और जून के दौरान बनी वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
इन जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट
MP मौसम विभाग ने मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, रायसेन, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और निवाड़ी सहित 30 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
कई जिलों में गर्मी का असर रहेगा बरकरार
जहां एक ओर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी और कुछ मध्य क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव बना रह सकता है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में तेज धूप निकलने की संभावना जताई गई है।
इन क्षेत्रों में दिन के तापमान में वृद्धि हो सकती है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के प्रवेश से पहले इस तरह का मिश्रित मौसम सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
भोपाल और सागर में हुई अच्छी बारिश
सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसूनी बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल और सागर में आधा इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा रायसेन, सीहोर, राजगढ़ और छिंदवाड़ा में भी अच्छी बारिश हुई।
बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं इंदौर में 37.1 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री, जबलपुर में 38.7 डिग्री और ग्वालियर में 39.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।
बालाघाट और छिंदवाड़ा से होगी मानसून की एंट्री
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल तेजी से आगे बढ़ रहा है और अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। अनुमान है कि मानसून सबसे पहले बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा क्षेत्र के रास्ते मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा।
यदि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां इसी तरह बनी रहती हैं, तो 18 या 19 जून तक मानसून प्रदेश में आधिकारिक रूप से दस्तक दे सकता है। इसके बाद अधिकांश जिलों में व्यापक वर्षा गतिविधियां शुरू होने की संभावना है।
पिछले पांच वर्षों में कब पहुंचा मानसून?
MP में मानसून के आगमन की तिथियों पर नजर डालें तो हर वर्ष इसका समय अलग रहा है।
- 2025 – 16 जून
- 2024 – 21 जून
- 2023 – 24 जून
- 2022 – 16 जून
- 2021 – 9 जून
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस बार मानसून सामान्य तिथि के आसपास ही प्रदेश में पहुंचने की संभावना है।
किसानों और आम जनता की बढ़ी उम्मीदें
मानसून के आगमन को लेकर किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक है और अच्छी बारिश कृषि गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। साथ ही लगातार बढ़ती गर्मी और उमस से परेशान लोगों को भी मानसून से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और जारी किए जाने वाले अपडेट का पालन करने की सलाह दी है। यदि मानसून तय समय पर पहुंचता है तो प्रदेश में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और मौसम पूरी तरह बदल सकता है।
