MP Weather Today: मानसून की रफ्तार तेज, 46 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 72 घंटे में पूरे प्रदेश में दस्तक
MP में मानसून ने आखिरकार दस्तक दे दी है और इसके साथ ही प्रदेश के मौसम में तेज बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश भी शुरू हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों में मानसून पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लेगा। हालांकि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में मानसून सबसे आखिर में पहुंचने की संभावना जताई गई है।
46 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट
MP मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए प्रदेश के 46 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बारिश होने की संभावना है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मानसून पहले ही सक्रिय हो चुका है, जिससे वहां मौसम पूरी तरह बदल गया है।
इन जिलों में सक्रिय हुआ मानसून
MP मौसम विभाग ने जिन जिलों में मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा की है, उनमें अलीराजपुर, बड़वानी, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है और मौसम सुहावना बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसूनी सिस्टम मजबूत होने के कारण आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी।
कहीं बारिश तो कहीं उमस और गर्मी
जहां एक ओर कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो चुका है, वहीं कुछ क्षेत्रों में अभी भी उमस और गर्मी का असर बना हुआ है। नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, रीवा और सिंगरौली में दिनभर गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। वहीं सीधी जिले में लू चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।
मानसून की एंट्री में हुई देरी
इस साल मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य समय से देरी से पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की सामान्य आगमन तिथि 15 जून होती है, लेकिन इस बार यह 24 जून को प्रदेश में पहुंचा। यानी लगभग 9 दिन की देरी दर्ज की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की घोषणा केवल बारिश के आधार पर नहीं होती, बल्कि नमी, हवाओं की दिशा और व्यापक मौसमीय परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद की जाती है।
बारिश का आंकड़ा अभी भी सामान्य से कम
MP मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 24 जून तक प्रदेश में औसतन 84.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल लगभग 42 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यह सामान्य से करीब 50 प्रतिशत कम है।
इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित लगभग 48 जिलों में बारिश का स्तर अभी भी औसत से नीचे बना हुआ है। हालांकि आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय होने से इस कमी के पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।
कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
प्रदेश के कुछ जिलों में अब तक अच्छी बारिश दर्ज की गई है। इनमें भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, गुना, मंदसौर, नीमच और श्योपुर शामिल हैं, जहां सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।
इसके विपरीत इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, बालाघाट, धार, खरगोन, रायसेन और सीहोर सहित कई जिलों में बारिश का स्तर अभी कम बना हुआ है।
आने वाले दिनों में तेज बारिश की संभावना
MP मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 72 घंटों में मानसून की सक्रियता और बढ़ेगी। इसके साथ ही पूरे मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा और कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की रफ्तार तेज होने के बाद प्रदेश में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो जाएगी। हालांकि इस साल कुल बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना भी जताई गई है।
