MP Weather Update: मध्यप्रदेश में कमजोर पड़ा बारिश का दौर, हल्की बौछारों के बीच मानसून की विदाई के संकेत
प्रदेश के किसी भी जिले में भारी बारिश का अलर्ट नहीं, कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
भोपाल। मध्यप्रदेश में लंबे समय से सक्रिय मानसूनी गतिविधियां अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हैं। प्रदेश में मानसून की वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं। गुरुवार, 18 सितंबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। हालांकि, कुछ जिलों में हल्की बारिश अथवा बूंदाबांदी हो सकती है। राहत की बात यह है कि प्रदेश के किसी भी जिले के लिए तेज या भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
मौसम में बदलाव के कारण आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कुछ क्षेत्रों में दोपहर या शाम के समय अचानक हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके साथ ही प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक की स्थिति बनने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
अब कमजोर होने लगी मानसूनी गतिविधियां
मध्यप्रदेश में सितंबर के पहले पखवाड़े तक कई क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश का दौर देखने को मिला। अब मानसून का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगा है। बड़े वर्षा तंत्र के सक्रिय नहीं होने के कारण प्रदेश में भारी बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है। स्थानीय स्तर पर बने बादलों के कारण कहीं-कहीं थोड़े समय के लिए वर्षा हो सकती है।
मानसून की वापसी एक क्रमिक प्रक्रिया होती है। इसका अर्थ यह नहीं है कि पूरे प्रदेश में एक साथ बारिश बंद हो जाएगी। मानसून की विदाई से पहले कुछ दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर बादल छाने, बूंदाबांदी होने और हल्की वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। दिन के समय धूप निकलने और नमी बने रहने से लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ सकता है।
भोपाल, इंदौर और अन्य शहरों में ऐसा रह सकता है मौसम
राजधानी भोपाल सहित इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर और प्रदेश के दूसरे प्रमुख शहरों में मौसम का मिला-जुला स्वरूप देखने को मिल सकता है। दिन में कभी धूप और कभी बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में थोड़े समय के लिए हल्की बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन लगातार अथवा मूसलाधार बारिश का अनुमान नहीं है।
बारिश का दौर कमजोर होने के साथ दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। धूप निकलने पर गर्मी महसूस होगी, जबकि बादल छाने और हवा चलने से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है। रात और सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है। वातावरण में नमी अधिक होने से उमस बनी रह सकती है।
भारी बारिश से राहत, लेकिन बिजली से सावधानी जरूरी
प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट नहीं होने से आम लोगों के साथ किसानों को भी राहत मिलेगी। हालांकि, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतना आवश्यक है। मौसम अचानक बदलने की स्थिति में लोगों को खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहना चाहिए।
तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित तथा पक्के स्थान पर रुकना बेहतर होगा। किसानों और खेतों में काम करने वाले श्रमिकों को मौसम खराब होने पर खुले क्षेत्र में काम जारी रखने से बचना चाहिए। पशुओं को भी खुले मैदान या पेड़ों के नीचे बांधने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण समय
मानसून की विदाई का समय खेती-किसानी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में खरीफ फसलें पकने की अवस्था में हैं। ऐसे में भारी बारिश नहीं होने से फसलों को नुकसान का खतरा कम हो सकता है। हालांकि, हल्की बारिश और तेज हवाओं की स्थिति में खेतों में खड़ी फसलों की निगरानी करना जरूरी होगा।
किसानों को मौसम की स्थिति देखकर ही कीटनाशकों अथवा अन्य कृषि दवाओं का छिड़काव करना चाहिए। बारिश या तेज हवा की संभावना के बीच छिड़काव करने से दवा का प्रभाव कम हो सकता है। खेत में काटकर रखी गई उपज को भी सुरक्षित एवं ढके हुए स्थान पर रखना चाहिए, ताकि अचानक होने वाली बारिश से नुकसान न हो।
आगामी दिनों में साफ हो सकती है मानसून वापसी की तस्वीर
प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ मानसून की वापसी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। आने वाले दिनों में वर्षा का दौर और कमजोर पड़ता है तथा मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहता है, तो मानसून की विदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। फिलहाल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम में स्थानीय स्तर पर तेजी से बदलाव भी हो सकता है। इसलिए नागरिकों को अपने क्षेत्र के ताजा मौसम पूर्वानुमान और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में अब तेज और भारी बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन हल्की बौछारों, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।
