MP Weather Update: आंधी-बारिश के साथ जून की शुरुआत, 20–22 जून के बीच मॉनसून की एंट्री के आसार; अगले 4 दिन बदला रहेगा मौसम
MP इस बार जून की शुरुआत भी मौसम के उतार-चढ़ाव के साथ हुई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून की एंट्री 20 से 22 जून के बीच होने की संभावना है, जो सामान्य समय से लगभग एक सप्ताह देरी से हो सकती है। हालांकि मानसून से पहले ही प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर लगातार जारी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है।
अगले चार दिनों तक यानी 1 से 4 जून के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और कई जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसी कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और नौतपा की तपिश इस बार कमजोर पड़ती नजर आ रही है।
कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
MP मौसम विभाग ने सोमवार के लिए धार और खरगोन जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा सहित कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
नौतपा में भी गर्मी का असर कमजोर
आमतौर पर नौतपा के दौरान मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार स्थिति अलग रही। लगातार बदलते मौसम के कारण गर्मी का असर काफी कम हो गया है।
रविवार को भी कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलीं, जिससे तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। प्रदेश का सबसे अधिक तापमान शाजापुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पर्यटन स्थल पचमढ़ी में तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
कई जिलों में बारिश से जनजीवन प्रभावित
रविवार को रीवा, सतना, मैहर, उमरिया और सिवनी सहित कई जिलों में तेज बारिश हुई। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आईं।
हालांकि बारिश ने गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन कुछ क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित भी हुआ। किसानों के लिए यह बारिश मिली-जुली स्थिति लेकर आई है, जहां एक ओर नमी बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।
मई में असामान्य मौसम, रिकॉर्ड बारिश और गर्मी दोनों
MP मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मई का महीना इस बार बेहद असामान्य रहा। एक ओर कई शहरों में तापमान ने रिकॉर्ड स्तर छुआ, वहीं दूसरी ओर सामान्य से अधिक बारिश भी दर्ज की गई।
खजुराहो में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, जो इस मौसम के लिए काफी अधिक माना जाता है। वहीं पूरे प्रदेश में मई महीने के दौरान सामान्य से लगभग 56 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार मई में लगभग सवा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में इतनी वर्षा नहीं होती। महीने के अंतिम सप्ताह में लगभग हर दिन किसी न किसी जिले में आंधी, बारिश या ओलावृष्टि देखने को मिली।
जून में सामान्य से कम बारिश का अनुमान
MP मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस वर्ष जून महीने में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। प्रदेश में मानसूनी वर्षा दीर्घकालिक औसत के लगभग 90 प्रतिशत तक रहने की संभावना है।
हालांकि शुरुआती दिनों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। इससे तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा और मौसम अस्थिर रहेगा।
अगले चार दिन रहेंगे राहत भरे
MP मौसम विभाग के अनुसार 1 से 4 जून तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। इस दौरान कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलती रहेंगी, जिससे दिन और रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
फिलहाल प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी, लेकिन मानसून की औपचारिक एंट्री के लिए अभी लगभग तीन सप्ताह का इंतजार करना होगा।
निष्कर्ष
MP में इस समय मौसम पूरी तरह से सक्रिय बना हुआ है। जहां एक ओर आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर किसानों और आम जनजीवन के लिए सतर्कता भी जरूरी हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में स्थिति ऐसी ही बनी रह सकती है, जबकि मानसून 20–22 जून के बीच प्रदेश में दस्तक दे सकता है।
