MP Weather: जुलाई की शुरुआत तेज बारिश के साथ, 7 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट, पूरे प्रदेश में सक्रिय होगा मानसून
MP में मानसून ने आखिरकार रफ्तार पकड़ ली है और जुलाई की शुरुआत जोरदार बारिश के साथ होने जा रही है। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए प्रदेश के सात जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बालाघाट और डिंडौरी में अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के 45 से अधिक जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से चार दिनों में मानसून पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लेगा, जिससे बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी।
प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ रहा है मानसून
MP मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार तक मानसून जबलपुर, भोपाल, रीवा और शहडोल संभाग के अधिकांश हिस्सों में पहुंच चुका है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि अब मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले दो से चार दिनों में भोपाल, सागर, ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग के शेष जिलों में भी इसकी एंट्री हो जाएगी। इसके बाद पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो जाएंगी और कई स्थानों पर लगातार बारिश देखने को मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार मिल रही नमी तथा सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण जुलाई का पहला सप्ताह प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश लेकर आएगा।
बालाघाट और डिंडौरी में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग ने बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के पास नहीं जाने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। किसानों को खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर
MP मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
वहीं नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा और रतलाम में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
23 जिलों में हुई अच्छी बारिश
मंगलवार को मध्य प्रदेश के 23 जिलों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक वर्षा सतना जिले में हुई, जहां लगभग डेढ़ इंच पानी दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, डिंडौरी, हरदा, सीहोर, शाजापुर, मंडला, सीधी, सिवनी, धार, नर्मदापुरम, खरगोन, पांढुर्णा और मैहर सहित कई जिलों में भी अच्छी बारिश हुई।
बारिश के बाद लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिली। कई शहरों में दिनभर मौसम सुहावना बना रहा और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
तापमान में आई गिरावट
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया। भोपाल में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 33 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, जबलपुर में 32 डिग्री और ग्वालियर में 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सबसे कम अधिकतम तापमान बैतूल में 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा सिवनी में 27 डिग्री, छिंदवाड़ा में 28.2 डिग्री, दमोह में 28.4 डिग्री, मलाजखंड में 28.5 डिग्री, खंडवा में 29.1 डिग्री और सागर में 29.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और लगातार बारिश होने से तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है।
जून में बारिश रही सामान्य से कम
हालांकि मानसून की शुरुआत देर से होने के कारण जून महीने में प्रदेश में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून में मध्य प्रदेश में केवल 88.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 131.1 मिलीमीटर है। यानी पूरे महीने करीब 33 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई।
पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा रही, जबकि पश्चिमी हिस्सों में कुछ स्थानों पर सामान्य से अधिक वर्षा भी हुई। मौसम विभाग का मानना है कि जुलाई में अच्छी बारिश होने से जून की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
जुलाई में अच्छी बारिश की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जुलाई का महीना प्रदेश के लिए राहत लेकर आ सकता है। सक्रिय मानसून और लगातार बन रहे मौसम तंत्रों के कारण अधिकांश जिलों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है। इससे खेती-किसानी को भी बड़ा फायदा मिलेगा और जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, बिजली गिरने की संभावना होने पर खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जुलाई के पहले सप्ताह में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
