MP Weather Today: मध्यप्रदेश में बदला मौसम का रुख, ठंड से आंशिक राहत, बादल–कोहरे के बीच मावठे के संकेत
भोपाल समेत पूरे MP में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदलता नजर आ रहा है। कई दिनों से जारी कड़ाके की ठंड के बीच अब बादलों की मौजूदगी ने लोगों को कुछ हद तक राहत दी है। हालांकि सुबह और रात के समय ठंड का असर अब भी बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ऊपर सक्रिय दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पाकिस्तान क्षेत्र में बने पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
रविवार को भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन सहित कई जिलों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। आसमान में छाए बादलों की वजह से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे ठंड की तीव्रता में थोड़ी कमी महसूस की गई। हालांकि सुबह के समय कोहरा और ठंडी हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित किया।
MP Weather अगले दो दिन मिलेगी ठंड से राहत
MP Weather मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अगले दो दिनों तक तेज ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना है, लेकिन रात का तापमान अब भी कम बना रहेगा। इसके साथ ही सुबह के समय घने और मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, खासकर उत्तर और पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में।
सोमवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में मध्यम स्तर का कोहरा देखा गया। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम सहित एक दर्जन से अधिक जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण कई जगहों पर दृश्यता कम रही, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ।

क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में मध्यप्रदेश के ऊपरी हिस्से से दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन गुजर रहे हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान के ऊपर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मौजूद है, जिसका असर उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ MP पर भी पड़ रहा है। इन्हीं मौसम प्रणालियों के कारण बादल बन रहे हैं और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 19 जनवरी और 21 जनवरी की रात से दो नए पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं। इसका असर MP में 22 और 23 जनवरी के बाद दिखाई देगा। इस दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है, जिसे स्थानीय भाषा में मावठा कहा जाता है।
बारिश और बूंदाबांदी के आसार
22 से 23 जनवरी के बीच MP के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। खासकर पूर्वी और दक्षिणी जिलों में इसके ज्यादा आसार हैं। मावठे की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन इसके बाद ठंड में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के बदलते रुख को देखते हुए फसल प्रबंधन करें।
कड़ाके की ठंड अब भी कायम
हालांकि दिन के तापमान में थोड़ी राहत मिली है, लेकिन प्रदेश के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान अब भी बेहद कम बना हुआ है। शहडोल जिले का कल्याणपुर प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इसके अलावा खजुराहो में 5.8 डिग्री, नौगांव और उमरिया में 6 डिग्री, रीवा में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 6.8 डिग्री, मंडला में 7.2 डिग्री और मलाजखंड में 7.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि ठंड का प्रभाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
बड़े शहरों में तापमान की स्थिति
MP के पांच प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री, इंदौर में 12 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री, उज्जैन में 13 डिग्री और जबलपुर में 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि इन शहरों में भी सुबह और रात के समय ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बनी हुई है।
रिकॉर्ड तोड़ सर्दी का दौर
इस साल MP में सर्दी ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नवंबर महीने में 84 साल का और दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। जनवरी महीने में भी ठंड का असर लगातार बना हुआ है। भोपाल में बीते 10 वर्षों की सबसे ठंडी जनवरी दर्ज की गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार प्रदेश में ठंड का स्वरूप असामान्य रहा है। कई इलाकों में माइनस जैसी ठंड महसूस की गई, शीतलहर चली और लंबे समय तक घना कोहरा छाया रहा। इसका असर आम जनजीवन, यातायात और स्वास्थ्य पर भी पड़ा है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
आने वाले दिनों में मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। फिलहाल ठंड से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन मावठे की बारिश के बाद तापमान फिर से गिर सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर MP मे सर्दी का यह सीजन यादगार बन चुका है। कभी कड़ाके की ठंड, कभी कोहरा और अब बादलों व बारिश के संकेत—मौसम लगातार नए रंग दिखा रहा है।
