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MP Weather Today: फरवरी में चार बार बदला मौसम, मार्च में भी दिखेगा असर; कई शहरों में पारा 34 डिग्री के पार

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Published On: 28 February 2026
MP
— मध्य प्रदेश में फरवरी में चार बार बदला मौसम, मार्च में भी रह सकती है अस्थिरता; कई शहरों में पारा 34°C पार, होली तक हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना।

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MP Weather Today: फरवरी में चार बार बदला मौसम, मार्च में भी दिखेगा असर; कई शहरों में पारा 34 डिग्री के पार

भोपाल। MP में इस बार फरवरी का महीना मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। पूरे महीने में चार बार मौसम ने करवट ली कहीं आंधी चली, कहीं बारिश और ओले गिरे तो कहीं अचानक गर्मी ने तेवर दिखाए। अब मौसम विभाग का अनुमान है कि मार्च की शुरुआत में भी यह बदलाव जारी रह सकता है। खासकर होली के आसपास प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से बादल, तेज हवाएं और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार 2 मार्च से हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर मध्य प्रदेश तक पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से ग्वालियर-चंबल अंचल सहित उत्तर-पश्चिमी जिलों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। फिलहाल प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ लाइन सक्रिय है, जिसके कारण मौसम में अस्थिरता बनी हुई है।

अप्रैल जैसी तपिश, बढ़ी गर्मी की रफ्तार

फरवरी के अंतिम सप्ताह में ओले और बारिश का दौर थमते ही गर्मी ने तेजी पकड़ ली है। कई शहरों में दिन का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। दिन में तेज धूप और रात में भी सामान्य से अधिक तापमान ने लोगों को समय से पहले ही गर्मी का एहसास कराना शुरू कर दिया है।

MP के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में दिन का अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अन्य शहरों की तुलना में कम रहा। इसके विपरीत खरगोन सबसे गर्म रहा, जहां पारा 34.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री, इंदौर में 31.2 डिग्री और ग्वालियर में 32.7 डिग्री दर्ज किया गया। उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान 33 डिग्री के आसपास बना रहा।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बादलों की आवाजाही के बावजूद तापमान में खास गिरावट दर्ज नहीं की गई। नमी और तेज धूप के कारण दिन में उमस जैसी स्थिति भी महसूस की जा रही है। अगर आने वाले दिनों में बादल और हल्की बारिश होती है तो तापमान में अस्थायी गिरावट संभव है, लेकिन उसके बाद गर्मी और तेज हो सकती है।

रात में भी नहीं मिल रही राहत

केवल दिन ही नहीं, रात का तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। इसके अलावा सागर में 18.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 18.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

श्योपुर, सिवनी, गुना, खंडवा और टीकमगढ़ में रात का तापमान लगभग 16 डिग्री के आसपास रहा, जबकि रतलाम और धार में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार रात में तापमान बढ़ने का मतलब है कि गर्मी धीरे-धीरे स्थायी रूप ले रही है और मार्च में इसका असर और स्पष्ट दिखाई देगा।

फरवरी में चार बार बदला मौसम

इस वर्ष फरवरी में मौसम ने चार बार तीखे बदलाव दिखाए। महीने की शुरुआत में ही दो बार आंधी, बारिश और ओलों का असर देखने को मिला। इससे गेहूं और चने की फसलों को नुकसान पहुंचा। कई जिलों में खड़ी फसलें गिर गईं और दानों की गुणवत्ता प्रभावित हुई। इसके बाद राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में सर्वे कराने के निर्देश दिए।

18 फरवरी से प्रदेश में तीसरी बार बारिश का दौर शुरू हुआ, जो 19 से 21 फरवरी तक जारी रहा। इसके बाद 23 और 24 फरवरी को चौथी बार कई जिलों में ओले और बारिश दर्ज की गई। 24 और 25 फरवरी को सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई। कई जगहों पर ओले गिरने से रबी फसलों पर दोबारा असर पड़ा।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार हो रहे इस मौसम परिवर्तन से गेहूं, चना और मसूर जैसी रबी फसलों की उपज पर असर पड़ सकता है। जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई है, वहां उत्पादन में कमी की आशंका है।

मार्च में भी रह सकता है उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल शनिवार को मौसम साफ रह सकता है, लेकिन 2 मार्च से सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश के मौसम को फिर प्रभावित कर सकता है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। होली के आसपास मौसम में फिर बदलाव हो सकता है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आएगी, लेकिन उसके बाद गर्मी तेजी से बढ़ने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मार्च में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ सकती है। यदि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव सीमित रहता है तो दिन का तापमान तेजी से 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

कुल मिलाकर, MP में फरवरी का महीना जहां मौसम के उतार-चढ़ाव के लिए याद किया जाएगा, वहीं मार्च में भी इसी तरह की अस्थिरता देखने को मिल सकती है। किसानों और आम नागरिकों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि कभी बारिश तो कभी तेज धूप—दोनों ही स्थितियां अचानक सामने आ सकती हैं।

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