MP Weather Today: मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी, 42 जिलों में बारिश की कमी, 5 अगस्त के बाद बदल सकता है मौसम
MP Weather Today: मध्य प्रदेश में मानसून की चाल इस बार उम्मीद के मुताबिक नहीं चल पा रही है। बारिश का आधा सीजन बीत जाने के बाद भी प्रदेश में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी पीछे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक औसत से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के 42 जिले अभी भी सामान्य से कम वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। वहीं अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि, 5 अगस्त के बाद मौसम में बदलाव आने की उम्मीद है और पूर्वी तथा उत्तरी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
MP में अब तक सामान्य से कम हुई बारिश
MP में मानसून की शुरुआत के बाद से कई जिलों में अच्छी बारिश का इंतजार बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक करीब 15.8 इंच यानी 401.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जबकि इस अवधि तक सामान्य रूप से लगभग 18.5 इंच यानी 470.5 मिलीमीटर वर्षा हो जानी चाहिए थी।
इस तरह प्रदेश में अभी भी करीब 15 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। मानसून के आधे से अधिक समय गुजरने के बावजूद बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। इसका सीधा असर खेती-किसानी और जल स्रोतों पर भी दिखाई दे रहा है।
42 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज
MP के कई हिस्सों में मानसून कमजोर रहने के कारण 42 जिलों में औसत से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी और सिंगरौली जैसे जिले शामिल हैं।
इसके अलावा आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।
वहीं प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून मेहरबान भी रहा है। मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
अगले दो दिन भारी बारिश के आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में मानसूनी द्रोणिका और कुछ मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, लेकिन उनकी ताकत कमजोर बनी हुई है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से तेज बारिश का दौर थमा हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों ने अगले दो दिनों तक मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। हालांकि किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। रविवार को केवल सीहोर जिले में अच्छी बारिश देखने को मिली, जबकि अन्य जिलों में कहीं-कहीं हल्की फुहारें ही दर्ज की गईं।
5 अगस्त के बाद फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 5 अगस्त के बाद प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
इस नए सिस्टम के सक्रिय होने के बाद पूर्वी और उत्तरी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है। इससे लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे जिलों को राहत मिलने की उम्मीद है।
जून और जुलाई में भी कमजोर रहा मानसून
इस मानसून सीजन में जून का महीना भी प्रदेश के लिए ज्यादा अच्छा नहीं रहा। जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद जुलाई की शुरुआत में मानसून थोड़ा सक्रिय हुआ और कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जिससे स्थिति में सुधार दिखाई दिया।
हालांकि जुलाई के मध्य और अंतिम चरण में मानसून फिर कमजोर पड़ गया। महीने के आखिरी सप्ताह में बारिश की गतिविधियां बढ़ीं, लेकिन इसके बावजूद जुलाई का अंत भी सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम बारिश के साथ हुआ।
किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। मध्य प्रदेश में खरीफ फसलों के लिए समय पर बारिश बेहद महत्वपूर्ण होती है। सोयाबीन, धान, मक्का और अन्य फसलों के लिए पर्याप्त नमी की जरूरत होती है। कई इलाकों में किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
हालांकि मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है और बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।
मौसम को लेकर लोगों को अभी इंतजार
फिलहाल मध्य प्रदेश में गर्मी और उमस का असर कई इलाकों में बना हुआ है। बारिश नहीं होने से तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आ रही है। लोगों को अब 5 अगस्त के बाद मौसम में संभावित बदलाव का इंतजार है।
मौसम विभाग की नजर लगातार बनने वाले नए सिस्टम पर बनी हुई है। यदि पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी गतिविधियां मजबूत होती हैं तो प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है और बारिश की कमी में सुधार आने की संभावना है।
