MP Weather Today: मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी, 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश; महीने के आखिर में राहत की उम्मीद
MP में मानसून एक बार फिर कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। पिछले करीब दो सप्ताह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक और तेज बारिश नहीं होने के कारण वर्षा का घाटा लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक सामान्य से 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक असर पूर्वी मध्य प्रदेश में दिखाई दे रहा है, जहां सामान्य से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन जुलाई के अंतिम सप्ताह में एक मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय होने की संभावना है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।
39 जिलों में सामान्य से कम वर्षा
MP मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश के 39 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, दतिया, धार, गुना, झाबुआ, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा शामिल हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिले सबसे अधिक वर्षा की कमी से प्रभावित हैं। इससे खेती-किसानी पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। किसानों को अब अच्छी बारिश का इंतजार है, ताकि खरीफ फसलों की बुवाई और बढ़वार को पर्याप्त नमी मिल सके।
12 दिनों से नहीं हुई व्यापक बारिश
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश में पिछले 12 दिनों से कहीं भी व्यापक और लगातार तेज बारिश का दौर नहीं चला है। यही कारण है कि बारिश का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक प्रदेश में 261.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य रूप से 311.8 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी लगभग 50 मिलीमीटर की कमी दर्ज की गई है।
आंकड़ों के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में करीब 10 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है तो जलाशयों के जलस्तर और कृषि गतिविधियों पर इसका असर और बढ़ सकता है।
तीन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
MP मौसम विभाग ने सोमवार के लिए दमोह, मंडला और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा भोपाल, इंदौर सहित 47 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। वहीं नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा में दिनभर बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
महीने के आखिर में सक्रिय होगा मजबूत मौसम तंत्र
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल प्रदेश में कोई बड़ा मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिसके कारण बारिश की तीव्रता कम बनी हुई है। हालांकि जुलाई के अंतिम सप्ताह में बंगाल की खाड़ी और अन्य मौसम प्रणालियों के प्रभाव से एक मजबूत सिस्टम बनने की संभावना है।
यदि यह सिस्टम सक्रिय होता है तो मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है। इससे न केवल वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी होगी, बल्कि किसानों और जल संसाधनों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
खेती और जल संसाधनों पर बढ़ रही चिंता
मानसून की सुस्ती का असर कृषि क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। जिन इलाकों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। खेतों में नमी की कमी के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो फसलों को नया जीवन मिल सकता है।
इसके साथ ही कई छोटे जलाशयों और तालाबों में भी अपेक्षित जलभराव नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में संभावित बारिश इन जल स्रोतों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
देवास में सबसे अधिक, आलीराजपुर में सबसे कम बारिश
अब तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक बारिश देवास जिले में दर्ज की गई है। यहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई है, जिससे यह जिला प्रदेश में सबसे आगे है।
वहीं दूसरी ओर आलीराजपुर सबसे कम बारिश वाला जिला बना हुआ है। यहां अब तक सामान्य से 74 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि यदि महीने के अंतिम सप्ताह में अच्छी बारिश होती है तो इन जिलों की स्थिति में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
अगले कुछ दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम
MP मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कुछ जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है, लेकिन फिलहाल पूरे प्रदेश में व्यापक और मूसलाधार बारिश की संभावना कम है। मौसम वैज्ञानिकों की नजर जुलाई के अंतिम सप्ताह में बनने वाले नए मानसूनी सिस्टम पर टिकी हुई है, जिससे मध्य प्रदेश में एक बार फिर जोरदार बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।
