MP Weather Today: मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, 45 शहरों में लू का अलर्ट, 28 मई से बदल सकता है मौसम
MP में नौतपा की शुरुआत इस बार बेहद खतरनाक गर्मी के साथ हुई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्से भीषण लू और तपिश की चपेट में हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि मौसम विभाग ने 45 शहरों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, जबकि पांच जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में अगले तीन दिनों तक गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा, लेकिन 28 मई से प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश, आंधी और गरज-चमक देखने को मिल सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
खजुराहो बना प्रदेश का सबसे गर्म शहर
MP में सबसे अधिक तापमान छतरपुर जिले के खजुराहो में दर्ज किया गया, जहां पारा 47.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह इस सीजन का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। नौगांव में तापमान 46.8 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा दतिया, टीकमगढ़, मंडला, सतना, रीवा और दमोह जैसे जिलों में भी तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ग्वालियर में पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया। जबलपुर में 43.9 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और इंदौर में 41.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
45 शहरों में लू का असर
MP मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 45 शहर इस समय हीटवेव की चपेट में हैं। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। नौतपा के पहले ही दिन प्रदेश में मौसम ने विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत से आ रही गर्म हवाओं और साफ आसमान की वजह से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जमीन तेजी से गर्म हो रही है, जिससे लू का असर और अधिक खतरनाक बन गया है।
इन जिलों में रेड अलर्ट
MP मौसम विभाग ने निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तापमान बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है और लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, जबलपुर, मंडला, दमोह, सागर, गुना और राजगढ़ समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, विदिशा, रायसेन, सीहोर, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर सहित कई जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
28 मई से बदलेगा मौसम
भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर भी दी है। विभाग के अनुसार 28 मई से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो सकती हैं। पश्चिमी विक्षोभ और टर्फ सिस्टम के सक्रिय होने के कारण कई जिलों में मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं।
ग्वालियर, चंबल, सागर और जबलपुर संभाग के जिलों में हल्की बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। 28 मई को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, निवाड़ी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी जैसे जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के कारण तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी।
दोपहर 12 से 3 बजे तक सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। इस दौरान गर्म हवाओं का असर सबसे ज्यादा रहता है और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों ने भी लोगों को अधिक पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।
अस्पतालों में बढ़ रहे मरीज
भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा है। गर्मी से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था और स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
किसानों और मजदूरों पर सबसे ज्यादा असर
तेज गर्मी का असर किसानों और दिहाड़ी मजदूरों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। खेतों और निर्माण स्थलों पर काम करना मुश्किल हो गया है। कई क्षेत्रों में दोपहर के समय काम पूरी तरह बंद करना पड़ रहा है।
ग्रामीण इलाकों में जल संकट भी गहराने लगा है। कई जगहों पर हैंडपंप और कुएं सूखने लगे हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
MP मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें, सिर को ढककर रखें, अधिक पानी पिएं और धूप में ज्यादा देर तक रहने से बचें।
आने वाले दिनों में प्री-मानसून गतिविधियों से राहत मिलने की उम्मीद जरूर है, लेकिन फिलहाल प्रदेश के लोगों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा।
