MP Weather Today: भीषण गर्मी की चपेट में मध्यप्रदेश, 42 जिलों में लू का अलर्ट; नौगांव और खजुराहो सबसे गर्म
MP में गर्मी ने मई महीने में ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। नौतपा शुरू होने में अभी दो दिन बाकी हैं, लेकिन उससे पहले ही पूरा प्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में आ गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के 42 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि रेड अलर्ट तक घोषित करना पड़ा है। लगातार बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में सूरज मानो आग बरसा रहा है। सुबह होते ही गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगता है और दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। लोग घर से बाहर निकलते समय छाता, गमछा और दुपट्टे का सहारा लेने को मजबूर हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक तेज हो सकती है।
42 जिलों में हीटवेव का अलर्ट
MP मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को राज्य के 42 जिलों में लू और भीषण गर्मी को लेकर चेतावनी जारी की गई है। बुंदेलखंड क्षेत्र के Tikamgarh, Chhatarpur और Panna में सबसे गंभीर स्थिति को देखते हुए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। यहां तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है।
इसके अलावा ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
नौगांव बना प्रदेश का सबसे गर्म शहर
शुक्रवार को Nowgong प्रदेश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया। यहां अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं Khajuraho में तापमान 46.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से कई डिग्री अधिक है।
इसके अलावा Satna और टीकमगढ़ में 44.5 डिग्री, Datia में 44.4 डिग्री तथा Damoh और Narsinghpur में 44.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। Rajgarh और Sagar में भी पारा 44 डिग्री के आसपास बना रहा।
लगातार बढ़ती गर्मी के कारण दोपहर के समय बाजार और सड़कें लगभग खाली नजर आने लगी हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
बड़े शहरों में भी गर्मी का असर
MP के प्रमुख शहरों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। Jabalpur सबसे गर्म बड़े शहरों में शामिल रहा, जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं Gwalior में 43.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
राजधानी Bhopal में पारा 42.2 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि Ujjain में 42 डिग्री और Indore में 41.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ने लगा है, जिससे लोगों को लगातार उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
नौतपा के साथ और बढ़ेगी गर्मी
MP मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा के दौरान गर्मी और अधिक तीखी हो सकती है। विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक 31 मई तक तापमान अपने चरम पर पहुंच सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कई दिनों तक बारिश की संभावना नहीं है, जिससे लू का असर लगातार बना रहेगा। खासकर बुंदेलखंड, ग्वालियर-चंबल और मध्य क्षेत्रों में हीटवेव की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
रेड अलर्ट वाले जिले
- टीकमगढ़
- छतरपुर
- पन्ना
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले
- ग्वालियर
- भिंड
- मुरैना
- दतिया
- श्योपुर
- गुना
- अशोकनगर
- नीमच
- मंदसौर
- आगर मालवा
- राजगढ़
- विदिशा
- सागर
- दमोह
- निवाड़ी
- कटनी
- उमरिया
- मैहर
- सतना
- मऊगंज
- रीवा
यलो अलर्ट वाले जिले
- भोपाल
- उज्जैन
- रतलाम
- सीहोर
- रायसेन
- नरसिंहपुर
- जबलपुर
- मंडला
- डिंडौरी
- शहडोल
- सिंगरौली
- खरगोन
- खंडवा
- बुरहानपुर समेत अन्य जिले
दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह
मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के मुताबिक, दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा। ऐसे में लोगों को बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों ने पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है।
जनजीवन पर असर
भीषण गर्मी का असर अब आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम हो गई है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीण इलाकों में बिजली और पानी की बढ़ती मांग ने परेशानी और बढ़ा दी है।
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल राहत की संभावना कम है और आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
