MP Weather Today: मध्य प्रदेश में घने कोहरे का कहर, 30 से अधिक जिलों में जनजीवन प्रभावित, 10 फरवरी से बारिश के आसार
MP में सर्दी ने एक बार फिर रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। गुरुवार सुबह प्रदेश के आधे से अधिक हिस्से में घना कोहरा छाया रहा, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। राजधानी भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन सहित 30 से ज्यादा जिलों में दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। कई इलाकों में विजिबिलिटी 50 मीटर से भी नीचे चली गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर खासा असर पड़ा।
मौसम विभाग ने कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि जरूरत न हो तो सुबह के समय यात्रा से बचें और यदि सफर करना जरूरी हो तो धीमी गति, फॉग लाइट और सुरक्षित दूरी का पालन करें।
ठंडी हवाओं से दिन का तापमान गिरा
बुधवार को दिनभर चली ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। ग्वालियर-चंबल अंचल में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने हुए हैं। यहां घने कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार ठंडी हवाओं और नमी के कारण कोहरे की स्थिति बनी हुई है। खासतौर पर निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास कोहरे का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है।

इन जिलों में कोहरे का सबसे ज्यादा असर
MP के कई जिलों में गुरुवार सुबह घना कोहरा दर्ज किया गया। इनमें
भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर शामिल हैं।
इन जिलों में सुबह के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
अगले दो दिन भी नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों के लिए भी कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है।
6 फरवरी:
ग्वालियर-चंबल और विंध्य क्षेत्र के कई जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। वहीं भोपाल, इंदौर समेत मध्य प्रदेश के मध्य हिस्से में हल्के से मध्यम कोहरे के हालात बने रह सकते हैं।
7 फरवरी:
MP के अधिकांश जिलों में कोहरा बना रहेगा। हालांकि इस दिन बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन ठंड का असर बरकरार रहने की संभावना है।
10 फरवरी से बदल सकता है मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार, 8 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा।
10 फरवरी से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश (मावठा) गिरने के संकेत हैं। बारिश के साथ कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी और बादल छाए रहने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश होने के बाद तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का असर दोबारा बढ़ सकता है।
मौसम में बदलाव की वजह क्या है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मध्य प्रदेश में बादल और ठंडी हवाएं बनी हुई हैं। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों तक पहुंच रहा है, जिससे ठंड और कोहरे की स्थिति बन रही है।
नमी, कम हवा की गति और रात के समय तापमान में गिरावट के कारण सुबह घना कोहरा देखने को मिल रहा है।
रेल और सड़क यातायात पर पड़ा असर
घने कोहरे का सीधा असर रेल और सड़क यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनें देरी से अपने गंतव्य पर पहुंचीं। कई ट्रेनों की रफ्तार कम करनी पड़ी, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।
सड़क हादसों की घटनाएं भी सामने आई हैं। शाजापुर जिले में कोहरे के कारण कार और बाइक की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई। वहीं विदिशा में सुबह हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर फिसलन बढ़ गई।
रात का तापमान कैसा रहा?
हालांकि कोहरा घना रहा, लेकिन रात के तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट नहीं दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान राजगढ़ में 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान 10.2 से 16.2 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि—
- कोहरे में वाहन चलाते समय धीमी गति रखें
- फॉग लाइट का इस्तेमाल करें
- आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें
- बहुत जरूरी न हो तो सुबह जल्दी यात्रा करने से बचें
निष्कर्ष:
MP में फिलहाल कोहरे और ठंड का असर जारी रहेगा। अगले कुछ दिनों तक लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है, जबकि 10 फरवरी के बाद बारिश के साथ मौसम का मिजाज बदल सकता है।
