MP Weather Today: मध्यप्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, 30 जिलों में बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट
MP में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार यह अस्थिर स्थिति 5 अप्रैल तक बनी रह सकती है।
प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले तीन दिनों से लगातार बदलते मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया है। कहीं तेज हवाएं चल रही हैं, तो कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
30 जिलों में बारिश का अलर्ट
MP मौसम विभाग ने राजधानी भोपाल समेत करीब 30 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में मौसम का अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा, उनमें इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन और देवास सहित कई जिले शामिल हैं।
इन जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
निमाड़ क्षेत्र में ओलावृष्टि की आशंका
निमाड़ क्षेत्र के धार, बड़वानी और झाबुआ जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है, जिससे किसान वर्ग चिंतित नजर आ रहा है।
पिछले कुछ दिनों में कई क्षेत्रों में ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसल प्रभावित हुई है और अगर यह सिलसिला जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है।
तेज हवाओं का भी खतरा
MP मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। विशेष रूप से छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा जिलों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
अन्य जिलों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली व्यवस्था प्रभावित होने और कमजोर निर्माणों को नुकसान पहुंचने की संभावना बनी हुई है।
बारिश के साथ जारी है गर्मी का असर
हालांकि मौसम में बदलाव के चलते कई क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
प्रदेश के नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसके अलावा रतलाम, मंडला, खजुराहो, रायसेन, दमोह और सागर जैसे जिलों में भी तापमान 38 से 39 डिग्री के बीच बना हुआ है।
बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 38.4°C, भोपाल में 37.4°C, इंदौर में 36.5°C, ग्वालियर में 36.1°C और उज्जैन में 35.6°C तापमान दर्ज किया गया।
क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में इस समय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय हैं, जिसके कारण मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में भी दो अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जो बारिश और आंधी का कारण बन रही हैं।
बताया जा रहा है कि 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे 10 अप्रैल तक मौसम में इसी तरह की अस्थिरता बनी रह सकती है।
15 अप्रैल के बाद बढ़ेगी गर्मी
MP मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह के बाद जैसे ही ये मौसम सिस्टम कमजोर पड़ेंगे, वैसे ही प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा।
महीने के अंत तक ग्वालियर, धार, खरगोन और बड़वानी जैसे जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इससे लू चलने की स्थिति भी बन सकती है।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
MP मौसम के इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। गेहूं और चने की फसल कटाई के दौर में है, ऐसे में बारिश और ओले नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए अपनी फसलों की सुरक्षा के उपाय करें।
निष्कर्ष
MP में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आया है। जहां एक ओर गर्मी से थोड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन और खेती को प्रभावित किया है।
आने वाले दिनों में मौसम इसी तरह अस्थिर बना रह सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
