—Advertisement—

MP Weather Today: 9 अप्रैल तक जारी रहेगा आंधी-बारिश और नया सिस्टम एक्टिव

Author Picture
Published On: 6 April 2026
MP
— मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के 24 जिलों में आंधी, तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी

—Advertisement—

MP Weather Today: 9 अप्रैल तक जारी रहेगा आंधी-बारिश और नया सिस्टम एक्टिव

अप्रैल की शुरुआत में मौसम हुआ अस्थिर

MP में अप्रैल का महीना इस बार बदलते मौसम के साथ शुरू हुआ है। तेज गर्मी के बजाय प्रदेश में अगले चार दिन यानी 9 अप्रैल तक आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा। मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है, जो पूरे प्रदेश में मौसमी अस्थिरता को और बढ़ा सकता है।

प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए फसलों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है।

जिला वार अलर्ट और मौसम की चेतावनी

सोमवार को ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के करीब 24 जिलों में मौसम विभाग ने आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया। अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, छतरपुर, सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, मंडला, बालाघाट और आसपास के अन्य क्षेत्र।

इन जिलों में तेज हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। बाकी प्रदेश में हवा की गति 30-40 किमी/घंटा के बीच बनी रहने की संभावना है।

पहले भी दिखा मौसम का असर

MP 4 और 5 अप्रैल को ही प्रदेश के मौसम ने अपना तीखा रूप दिखाया। कई जिलों में ओले गिरे और लगभग पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर, शिवपुरी, मंदसौर, भिंड और दतिया में विशेष रूप से ओलावृष्टि हुई, जबकि अन्य इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

हवा की रफ्तार भी कई जगह खतरनाक स्तर तक पहुंची। जबलपुर में 59 किमी/घंटा, सागर में 54 किमी/घंटा और बड़वानी में 50 किमी/घंटा दर्ज की गई। लगातार बदलते मौसम ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया और प्रशासन सतर्क हो गया।

7 अप्रैल से नया मौसम सिस्टम होगा सक्रिय

MP मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में लगातार कई एक्टिव सिस्टम होने की वजह से मौसम अस्थिर बना हुआ है। 7 अप्रैल से सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ कई इलाकों में तेज आंधी और बारिश ला सकता है।

इस सिस्टम के सक्रिय होने के दौरान कुछ जिलों में हवाओं की रफ्तार 50-60 किमी/घंटा तक जा सकती है, जबकि अन्य हिस्सों में 30-40 किमी/घंटा की गति बनी रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मौसम पूरी तरह से शांत नहीं होगा और अस्थिरता बनी रहेगी।

गर्मी में राहत, लेकिन फसलों की चिंता

आमतौर पर अप्रैल-मई में मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ती है। लेकिन इस बार बार-बार एक्टिव हो रहे सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में गिरावट आई है।

मार्च में जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं अब मौसम ठंडा और सुहावना बना हुआ है। हालांकि, लगातार बदलते मौसम ने किसानों के लिए चिंता बढ़ा दी है। फरवरी और मार्च में कई बार ओले और बारिश से गेहूं, पपीता और केले जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा है।

तापमान में उतार-चढ़ाव (डिग्री सेल्सियस)

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के प्रमुख शहरों में तापमान इस प्रकार रहा:

  • खरगोन: 37.8°C (सबसे गर्म)
  • खंडवा: 36.1°C
  • नर्मदापुरम: 35.5°C
  • जबलपुर/दमोह: 34.5°C
  • भोपाल: 33.4°C
  • इंदौर: 32.8°C
  • पचमढ़ी: 28.6°C (सबसे ठंडा)

इस उतार-चढ़ाव के कारण प्रदेश में मौसम पूरी तरह अस्थिर बना हुआ है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

क्यों बदल रहा है मौसम?

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्य प्रदेश में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनमें साइक्लोनिक सर्कुलेशन, ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ शामिल हैं। इन सभी का असर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में देखा जा रहा है।

इस वजह से बादल, तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है। यही कारण है कि प्रदेश में मौसम लगातार अस्थिर बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।

सुरक्षा और सावधानी

MP मौसम विभाग ने लोगों से सलाह दी है कि तेज हवाओं और आंधी-बारिश के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। विद्युत तंत्र, पेड़-पौधों और कमजोर संरचनाओं के आसपास विशेष सतर्कता बरतें। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने की सलाह दी गई है।

निष्कर्ष:

MP में अप्रैल की शुरुआत मौसम के लिहाज से काफी अस्थिर रही। 9 अप्रैल तक मौसम में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की स्थिति बनी रहेगी। 7 अप्रैल से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के साथ ही तेज हवाओं और गरज-चमक के दौर की संभावना बढ़ जाएगी। तापमान में गिरावट से गर्मी से राहत मिली है, लेकिन फसलों के लिए खतरा भी बना हुआ है। इसलिए आमजन और किसानों दोनों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

 

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp