—Advertisement—

MP Weather: मध्यप्रदेश में 20% बारिश की कमी, 49 जिलों में सामान्य से कम पानी; पन्ना-सतना-रीवा में तेज बारिश का अलर्ट

Author Picture
Published On: 8 August 2026
MP Weather
— MP Weather Update: मध्यप्रदेश में बारिश की कमी बरकरार

—Advertisement—

MP Weather: मध्यप्रदेश में 20% बारिश की कमी, 49 जिलों में सामान्य से कम पानी; पन्ना-सतना-रीवा में तेज बारिश का अलर्ट

MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार कमजोर रहने के कारण इस सीजन अब तक सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में औसतन 16.8 इंच बारिश हुई है, जबकि इस अवधि तक करीब 21 इंच पानी गिरना चाहिए था। यानी प्रदेश में अब तक लगभग 4.2 इंच बारिश की कमी बनी हुई है। इस बीच शनिवार को मौसम विभाग ने पन्ना, सतना और रीवा में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। राजधानी भोपाल के साथ इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी शनिवार को हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, तीन जिलों में होने वाली तेज बारिश के बावजूद पूरे प्रदेश में बारिश की कमी की भरपाई फिलहाल मुश्किल मानी जा रही है।

पन्ना, सतना और रीवा में तेज बारिश का अलर्ट

MP मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को पन्ना, सतना और रीवा में मानसून सक्रिय रह सकता है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। अनुमान है कि 24 घंटे में करीब 4 इंच तक पानी गिर सकता है।

इन जिलों में होने वाली बारिश से स्थानीय स्तर पर जलस्रोतों और खेती को राहत मिल सकती है। हालांकि, प्रदेश के कुल बारिश के आंकड़े में इसका बड़ा सुधार होने की संभावना कम है, क्योंकि मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में लंबे समय से बारिश की कमी बनी हुई है।

भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई बड़े शहरों में शनिवार को हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इससे लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

MP में अब तक 20 प्रतिशत कम बारिश

MP में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा करीब 37.3 इंच माना जाता है। वर्तमान मानसून अवधि में अब तक औसतन 16.8 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में करीब 21 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में लगभग 4.2 इंच बारिश कम हुई है।

बारिश की कमी का असर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में देखने को मिल रहा है। खासतौर पर पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रहा है।

जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में ज्यादा कमी

पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में सामान्य से करीब 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इन संभागों के कई जिलों में बारिश की कमी 5 प्रतिशत से लेकर 48 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

बारिश की कमी के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां खरीफ फसलों के लिए मानसूनी पानी महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में यदि अच्छी बारिश नहीं होती है तो कुछ क्षेत्रों में मिट्टी की नमी और जलस्तर पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।

49 जिलों में सामान्य से कम बारिश

MP के 49 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिले शामिल हैं।

पश्चिमी मध्यप्रदेश की स्थिति भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में औसतन करीब 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।

सिर्फ छह जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

MP में केवल छह जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन शामिल हैं। बाकी जिलों में बारिश या तो सामान्य से कम है या सामान्य के आसपास बनी हुई है।

इससे साफ है कि बारिश का वितरण पूरे प्रदेश में समान नहीं रहा है। कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि बड़ी संख्या में जिले अभी भी मानसून की पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

दतिया में 24 घंटे में साढ़े तीन इंच बारिश

शुक्रवार को दतिया में मानसून ने जोरदार दस्तक दी। जिले में सुबह करीब चार घंटे के दौरान 1.57 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि 24 घंटे में कुल बारिश करीब साढ़े तीन इंच तक पहुंच गई। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। स्थिति को देखते हुए कुछ स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी।

भांडेर और सेवढ़ा क्षेत्र में कक्षा आठवीं से ऊपर की कक्षाएं संचालित की जाएं या नहीं, इसका निर्णय स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए संस्था प्रमुखों पर छोड़ा गया है।

सोन नदी का जलस्तर बढ़ा, कई गांव प्रभावित

सीधी जिले में भी तेज बारिश का असर दिखाई दिया। भंवरसेन घाट पर बारिश के बाद सोन नदी के पुल पर पानी पहुंच गया। इसके चलते पुल से आवाजाही बंद करनी पड़ी और करीब 40 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ।

भंवरसेन पहाड़ी से मिट्टी और पत्थर सड़क पर आने के कारण हादसे का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

रायसेन समेत कई जिलों में बारिश

रायसेन में शुक्रवार सुबह तेज बारिश हुई। करीब 15 मिनट तक हुई तेज बारिश के बाद रुक-रुककर पानी गिरता रहा। कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। इसके अलावा खरगोन, सतना, उज्जैन, ग्वालियर और रीवा समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

25 प्रतिशत से ज्यादा कमी होने पर सूखे का मानक

जानकारों के अनुसार सामान्य औसत की तुलना में 25 प्रतिशत या उससे अधिक बारिश की कमी होने और इसका फसलों, मिट्टी की नमी तथा भूजल स्तर पर गंभीर प्रभाव पड़ने की स्थिति में सूखे का मानक माना जाता है। हालांकि, फिलहाल मध्यप्रदेश के किसी भी जिले में आधिकारिक रूप से सूखा घोषित नहीं किया गया है।

जिला स्तर पर सूखे की स्थिति का विस्तृत आकलन मानसून सीजन समाप्त होने के बाद किया जाता है। ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। यदि मानसून फिर सक्रिय होता है और अच्छी बारिश होती है, तो वर्तमान कमी काफी हद तक कम हो सकती है। वहीं बारिश कमजोर रहने पर कम वर्षा वाले जिलों में किसानों और जलस्रोतों पर दबाव बढ़ सकता है।

 

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp