मध्यप्रदेश के 61 UPSC चयनित युवाओं का सम्मान, CM मोहन यादव ने दी जिम्मेदारी निभाने की सीख
प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 2026 के परिणाम में मध्यप्रदेश के 61 युवाओं का चयन हुआ है, जो राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। यह सफलता न केवल प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि यह दिखाती है कि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों और सरकारी स्कूलों से पढ़कर आए छात्रों ने भी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में अपनी पकड़ बनाई है।
सोमवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में CM डॉ. मोहन यादव ने इन चयनित युवाओं से संवाद किया और उनकी उपलब्धियों को सराहा। समारोह के दौरान सभी सफल उम्मीदवारों को सम्मानित किया गया और उन्हें भविष्य में जिम्मेदारी निभाने की सीख दी गई।
सम्मान समारोह में विशेष कार्यक्रम
सम्मान समारोह का आयोजन भव्य तरीके से किया गया। CM ने चयनित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे प्रदेश का असली गौरव हैं। कार्यक्रम के दौरान ‘प्रतिभाओं का वर्जन’ नामक पत्रिका का विमोचन किया गया, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों की उपलब्धियों और संघर्षों का विवरण शामिल था। इसके साथ ही चयनित युवाओं की सफलता पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई, जिसने उपस्थितजनों को प्रेरित किया।
सरकारी स्कूलों से बड़ी सफलता
इस बार चयनित 61 उम्मीदवारों में बड़ी संख्या उन छात्रों की है, जिन्होंने सरकारी स्कूल और कॉलेज से पढ़ाई की है। यह बताता है कि शिक्षा की गुणवत्ता और प्रदेश में बढ़ती प्रतियोगी तैयारी के अवसर युवाओं को उत्कृष्टता की ओर ले जा रहे हैं। प्रदेश के छोटे-छोटे गांवों से आए अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत और समर्पण से UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास कर प्रदेश का नाम रोशन किया।
इस चयन में दो युवाओं ने टॉप 10 में स्थान प्राप्त किया है, जिससे मध्यप्रदेश की सफलता दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रदेश के युवाओं में सिविल सेवा क्षेत्र के प्रति बढ़ती रुचि और सरकारी स्कूलों की शिक्षा में सुधार का सकारात्मक परिणाम है।
CM ने दिए जिम्मेदारी निभाने के मंत्र
CM डॉ. मोहन यादव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा,
“यह क्षण मध्यप्रदेश के लिए संकल्प, ऊर्जा और उल्लास का प्रतीक है। जब 2047 में देश अपनी आजादी का अमृत काल मनाएगा, तब आप सभी उच्च पदों पर आसीन रहेंगे।”
CM ने युवाओं को सलाह दी कि अधिकारी बनने के बाद ठहराव नहीं अपनाना चाहिए, बल्कि लगातार आगे बढ़ते रहें और खुद को बेहतर बनाएं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि हर वर्ग और क्षेत्र से प्रतिभा उभरकर सामने आती है। आज प्रदेश के छोटे गांवों से भी उम्मीदवार चयनित हुए हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि मेहनत और लगन से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।
CM ने यह भी कहा कि सफलता के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। युवाओं को प्रशासन में रहते हुए समाज और जनता की सेवा को प्राथमिकता देनी होगी। इतिहास विषय में विशेषज्ञता रखने वाले अभ्यर्थियों की विशेष सराहना की गई और उन्हें यह संदेश दिया गया कि इतिहास को समझे बिना भविष्य का निर्माण नहीं किया जा सकता।
चयनित अभ्यर्थियों की सूची और उपलब्धियाँ
सम्मान समारोह में प्रमुख रूप से शामिल अभ्यर्थियों के नाम इस प्रकार रहे:
ईशान भटनागर (भोपाल), पक्षाल सचिव, चितवन जैन, दीक्षा पाटकर, प्राची चौहान (गंज बासौदा), समीक्षा द्विवेदी, अक्षत बल्दवा (दृष्टिबाधित), अनिमेष जैन, विश्वजीत गुप्ता, आशीष शर्मा, सृष्टि गोयल, रितु गोयल, श्रेयांस बदौरिया, पुलकित जैन, देवांगी मीना, सोफिया सिद्दीकी, पूजा सोनी, रिशुल नीमा, अंजनी मिश्रा, हर्षदीप सागर, तरूण पवार, प्रियशा वर्मा, भूमिका जैन, सौम्या जैन, हर्ष जैन, आयुष स्वामी (सोहागपुर), विवेक यादव, निपेंद्र सिंह तोमर, निकेत सिंह, अश्विनी दुबे, दीपक बघेल, प्राची जैन, राजवर्धन सिंह सिसौदिया, दीपांशु गीत, नितिन मोदी, रोहन जैन, रूपल बान, आयुष भदौरिया, अंकुश पाटीदार, गौरव जाट, संदीप कुमार साहू, उज्जवल जैन, आयुषी गुप्ता, अभिजीत जैन (पुरस्कार उनके भाई ने प्राप्त किया), दीपक कोरकू (पुरस्कार उनके भाई ने प्राप्त किया), मानव जैन (उनके पिता द्वारा प्राप्त पुरस्कार), कृष्णा गोयल (उनके माता-पिता द्वारा प्राप्त पुरस्कार) समेत अन्य।
चयनित युवाओं में कई ऐसे छात्र हैं जिन्होंने सरकारी स्कूल और कॉलेज से पढ़ाई की है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत और दृढ़ निश्चय से UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास की।
प्रेरक संदेश और भविष्य की चुनौतियाँ
CM ने कहा कि प्रशासनिक पद पर पहुंचने के साथ ही समाज और जनता की सेवा करना प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। युवाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी मेहनत का लाभ आम जनता तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि समय के साथ खुद को लगातार अपडेट करना और ज्ञान में वृद्धि करना आवश्यक है।
सरकार ने इस अवसर पर सभी अभ्यर्थियों के परिवारजनों को भी सम्मानित किया। इस समारोह में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश की नई पहचान
इस बार UPSC परिणाम ने मध्यप्रदेश को देश के उन राज्यों में शामिल कर दिया है, जो सबसे अधिक UPSC चयन दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रदेश के युवाओं में सिविल सेवा के प्रति बढ़ती रुचि, सरकारी शिक्षा संस्थानों में सुधार और कठिन परिश्रम का परिणाम है।
प्रदेश के लिए यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। यह युवाओं में आत्मविश्वास, समाज सेवा की भावना और सरकारी क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा भी दे रही है। भविष्य में ये चयनित उम्मीदवार न केवल प्रशासनिक क्षेत्र में योगदान देंगे, बल्कि अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेंगे।
निष्कर्ष
संघ लोक सेवा आयोग 2026 में मध्यप्रदेश के 61 युवाओं का चयन राज्य के लिए गौरव का क्षण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें सम्मानित करते हुए सफलता के साथ जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। प्रदेश के छोटे गांवों से आए और सरकारी स्कूलों से पढ़ाई करने वाले छात्र अब प्रशासनिक क्षेत्र में प्रदेश और देश की सेवा करेंगे। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के शिक्षा क्षेत्र और युवाओं के प्रयासों का प्रमाण है, जो आने वाले समय में प्रदेश की नई पहचान और सफलता की कहानी बनेगी।
