—Advertisement—

MP UCC Report: मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी तेज, कमेटी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपी फाइनल रिपोर्ट

Author Picture
Published On: 14 July 2026
MP UCC
— MP UCC Report: मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी तेज।

—Advertisement—

MP UCC Report: मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी तेज, कमेटी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपी फाइनल रिपोर्ट

MP में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। राज्य में समान नागरिक संहिता को लेकर गठित समिति ने अपना अंतिम ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने तय समय सीमा के भीतर अपनी जिम्मेदारी पूरी करते हुए तीन खंडों में विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।

अब राज्य सरकार इस रिपोर्ट का अध्ययन करेगी और इसके सभी कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं पर विचार करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी। माना जा रहा है कि सरकार की मंजूरी मिलने के बाद प्रस्तावित विधेयक को विधानसभा में पेश किया जा सकता है।

तीन खंडों में तैयार की गई UCC रिपोर्ट

यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर बनाई गई समिति ने अपनी रिपोर्ट को तीन अलग-अलग भागों में तैयार किया है। पहले खंड में UCC लागू करने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों और विभिन्न पहलुओं का विस्तार से उल्लेख किया गया है।

इस खंड में समान नागरिक संहिता की जरूरत, इसके प्रभाव, कानूनी प्रक्रिया और राज्य में इसे लागू करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई है। समिति ने सामाजिक और कानूनी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुझाव भी दिए हैं।

रिपोर्ट के दूसरे खंड में प्रस्तावित विधेयक का पूरा प्रारूप तैयार किया गया है। इसमें उन नियमों और प्रावधानों का विवरण शामिल है, जिनके आधार पर मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू की जा सकती है।

तीसरे खंड में अन्य आवश्यक जानकारियों, सुझावों और संबंधित दस्तावेजों को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।

प्रस्तावित विधेयक में 404 धाराएं और 7 अनुसूचियां

समिति ने मध्य प्रदेश की परिस्थितियों और राज्य के मौजूदा कानूनों को ध्यान में रखते हुए UCC विधेयक का मसौदा तैयार किया है। प्रस्तावित विधेयक में कुल 404 धाराएं और 7 अनुसूचियां शामिल की गई हैं।

रिपोर्ट में समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए जरूरी कानूनी प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। इसमें नागरिकों से जुड़े व्यक्तिगत कानूनों, अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत व्यवस्था का प्रस्ताव रखा गया है।

समिति ने इस बात का ध्यान रखा है कि प्रस्तावित कानून राज्य की जरूरतों और वर्तमान कानूनी ढांचे के साथ संतुलन बनाकर तैयार किया जाए।

अब सरकार करेगी रिपोर्ट का परीक्षण

मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब राज्य सरकार की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सरकार रिपोर्ट का गहन अध्ययन करेगी और इसमें दिए गए सुझावों तथा प्रस्तावों की समीक्षा करेगी।

इसके बाद यह तय किया जाएगा कि प्रस्तावित विधेयक को किस रूप में आगे बढ़ाया जाए। यदि सरकार रिपोर्ट को मंजूरी देती है, तो इसे विधानसभा में पेश किया जा सकता है।

विधानसभा में चर्चा और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही UCC लागू करने की दिशा में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

UCC लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

MP में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए रिपोर्ट सौंपे जाने को एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। इससे पहले देश के कुछ राज्यों में भी UCC को लेकर पहल की जा चुकी है।

मध्य प्रदेश सरकार लंबे समय से इस विषय पर विचार कर रही थी। अब समिति की रिपोर्ट आने के बाद इस प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है।

सरकार का उद्देश्य राज्य में नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना बताया जा रहा है। हालांकि, इसे लागू करने से पहले सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।

क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड?

यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता का उद्देश्य देश या राज्य के सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत मामलों से जुड़े समान कानून बनाना है। इसमें विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति और पारिवारिक मामलों जैसे विषय शामिल हो सकते हैं।

वर्तमान में भारत में अलग-अलग समुदायों के लिए कई व्यक्तिगत कानून लागू हैं। UCC के तहत इन मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव होता है।

राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बढ़ेगी चर्चा

MP में UCC रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना है। सरकार जहां इसे समान कानून व्यवस्था की दिशा में कदम बता सकती है, वहीं विभिन्न वर्गों की राय और सुझाव भी महत्वपूर्ण होंगे।

किसी भी बड़े कानून की तरह UCC को लागू करने से पहले सरकार को कई स्तरों पर विचार करना होगा। इसमें कानूनी विशेषज्ञों की राय, प्रशासनिक तैयारियां और जनता से जुड़े पहलुओं का अध्ययन भी शामिल होगा।

अब अगले फैसले का इंतजार

फिलहाल सभी की नजरें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद अब यह सरकार पर निर्भर करेगा कि वह इसे कब और किस रूप में आगे बढ़ाती है।

यदि प्रस्तावित विधेयक को मंजूरी मिलती है और विधानसभा में पारित होता है, तो मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो सकता है।

UCC रिपोर्ट का सौंपा जाना इस दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय सरकार और विधानसभा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp