MP बॉर्डर पर STF की बड़ी स्ट्राइक: न्यू ईयर 2026 से पहले अनूपपुर में 2 करोड़ का गांजा जब्त
नए साल 2026 के जश्न से पहले मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। मध्यप्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अनूपपुर जिले में एक ट्रक से लगभग 600 किलो गांजा जब्त किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 1.8 से 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (STF) राजेश सिंह भदौरिया के निगरानी में की गई।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नए साल के मौके पर भोपाल और इंदौर के पब, क्लब और होटलों में बड़ी मात्रा में गांजा सप्लाई किया जाने वाला है। इसके बाद STF ने ट्रक की लगातार 14 घंटे तक निगरानी की और जंगलों के रास्ते से गुजरते हुए ट्रक को पकड़ने में सफलता हासिल की।
ट्रक में मिली गुप्त सुरंग
जांच के दौरान ट्रक के अंदर कुछ भी संदिग्ध नहीं दिखा, लेकिन बारीकी से तलाशी लेने पर अधिकारियों को आश्चर्यजनक चीज मिली। तस्करों ने ट्रक में लोहे की चादरों से एक गुप्त सुरंग तैयार की थी। इस सुरंग में गांजे के पैकेट भरे हुए थे। इस छुपी हुई जगह के कारण पहले किसी ने गांजे को पहचान नहीं पाया था।
गिरफ्तार आरोपी और नेटवर्क
एसटीएफ ने इस मामले में अंकित विश्वकर्मा और धनंजय सिंह पटेल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि यह खेप उड़ीसा के संबलपुर से लोड की गई थी। इसे मध्यप्रदेश के जंगलों में उतारकर भोपाल, इंदौर और आसपास के शहरों में सप्लाई किया जाना था।
इस नेटवर्क में तीन राज्य – उड़ीसा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के कई पेडलर शामिल हैं। इनके माध्यम से नशे की खेप पब्लिक प्लेस जैसे पब, क्लब और होटल में सप्लाई की जाती थी। STF ने इस माफिया नेटवर्क के 12 से अधिक पेडलरों की सूची तैयार की है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें काम कर रही हैं।
पब और क्लबों में सप्लाई की तैयारी
एसटीएफ के अनुसार, यह नशे की खेप भोपाल और इंदौर के पब, क्लब और होटलों में सप्लाई करने के लिए लायी जा रही थी। STF की इस कार्रवाई से न्यू ईयर 2026 के मौके पर राज्य में नशे की सप्लाई को रोकने में बड़ी सफलता मिली है। अधिकारियों ने बताया कि यह सिर्फ शुरुआती सफलता है और आगे भी इसी तरह के ऑपरेशन जारी रहेंगे।

तीन राज्यों में फैला तस्करों का जाल
जांच में सामने आया कि यह ड्रग नेटवर्क बेहद संगठित है। उड़ीसा से गांजा लाना, मध्यप्रदेश के जंगलों में उसे छुपाना और फिर पब्लिक प्लेस में सप्लाई करना इसका मुख्य modus operandi था। STF की इस कार्रवाई से तीन राज्यों में फैले इस माफिया जाल का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हुआ है।
STF की सतर्कता और तैयारी
एसटीएफ ने पहले ही नई साल के जश्न के दौरान नशे के मामलों को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी थी। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई intelligence-based थी। बिना गुप्त जानकारी के इतनी बड़ी खेप पकड़ी नहीं जा सकती थी। इस सफलता ने यह साबित किया कि STF न केवल बड़े अपराधियों की निगरानी में सक्षम है, बल्कि उनके नेटवर्क को तोड़ने में भी पूरी तरह तैयार है।
भविष्य की कार्रवाई
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए पेडलरों से अभी भी कई अहम जानकारियां मिलने की संभावना है। इसके आधार पर पूरे मध्यप्रदेश में ड्रग्स के सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा कि अन्य शहरों में पेडलरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क को तोड़ा जाएगा।
राज्य में जागरूकता और सुरक्षा
यह कार्रवाई राज्य में लोगों को सुरक्षित माहौल में नए साल का जश्न मनाने का अवसर देती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और अन्य शहरों में STF लगातार ड्रग्स के खिलाफ अभियान चला रही है। अधिकारी जनता से अपील कर रहे हैं कि अगर किसी को किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत पुलिस या STF को सूचित करें।
निष्कर्ष
न्यू ईयर 2026 से पहले STF की यह बड़ी सफलता राज्य में नशे की सप्लाई को रोकने में एक उदाहरण प्रस्तुत करती है। अनूपपुर में 2 करोड़ की गांजा खेप जब्त करने से तीन राज्यों में फैले इस माफिया जाल पर बड़ा वार हुआ है। STF की सतर्कता और रणनीति से यह साबित होता है कि राज्य में नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और जनता को सुरक्षित वातावरण में नए साल का जश्न मनाने का मौका मिलेगा।
इस कार्रवाई के बाद मध्यप्रदेश में ड्रग्स की सप्लाई चैन पर प्रभाव पड़ा है और STF ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि नशे के मामलों में कोई भी कानूनी कार्रवाई से बच नहीं सकता।
