MP Weather: मध्यप्रदेश में शीतलहर का कहर, तापमान 4 डिग्री तक गिरा, घने कोहरे से यातायात और जनजीवन अस्त-व्यस्त
MP इन दिनों कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीतलहर के तीखे प्रहारों से बुरी तरह प्रभावित है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने प्रदेश का मौसम अचानक बदल दिया है। कई इलाकों में रात का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, और दिन में भी सर्दी का असर बरकरार है। शहडोल जिले के कल्याणपुर में तो बीती रात तापमान 3.8 डिग्री तक गिर गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बन गया। पचमढ़ी, शाजापुर और रायसेन जैसे क्षेत्रों में सुबह के समय ओस की बूंदें जमते हुए दिखाई दीं, जो ठंड की तीव्रता को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।
कोहरे का असर, यातायात पर पड़ रही भारी बाधा
मंगलवार की सुबह उत्तरी मध्यप्रदेश में घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। सड़क पर दृश्यता बेहद कम हो गई और रेल यातायात भी इसका शिकार हुआ। भोपाल, इंदौर और उज्जैन जाने वाली कई ट्रेनें 4 से 5 घंटे की देरी से चलीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ठंड और कोहरे का दोहरा असर सुबह के समय लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
सर्दी से राहत के लिए सरकार ने लिया फैसला
मौजूदा सर्दी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विंटर वेकेशन की घोषणा की है। 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टियां रहेंगी। इस दौरान यूकेजी से लेकर 12वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं के स्कूल बंद रहेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए हैं। इस निर्णय को लेकर अभिभावकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि ठंड में बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता था।

मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार ठंड की वजह एक सक्रिय जेट स्ट्रीम है, जिसकी रफ्तार 287 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच चुकी है। इस कारण दिन और रात दोनों समय ठंडी हवाओं का असर बने रहने की संभावना है। बीते 24 घंटों में भोपाल, राजगढ़, इंदौर और शहडोल समेत कई जिलों में शीतलहर दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगलवार को भी राहत मिलने की संभावना बहुत कम है।
कोहरे का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल अंचल में
कोहरे का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल अंचल और विंध्य क्षेत्र में देखा गया। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही। इसके अलावा भोपाल, शाजापुर, रायसेन और विदिशा में भी घने कोहरे ने यातायात को मुश्किल बना दिया। वाहन चालकों को दिनभर हेडलाइट जलाकर चलने की आवश्यकता पड़ी।
रात का तापमान गिरता जा रहा है
MP में रात का तापमान लगातार गिरता जा रहा है। भोपाल में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री, इंदौर में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9 डिग्री, जबलपुर में 8 डिग्री और उज्जैन में 9.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। कल्याणपुर के बाद राजगढ़ दूसरा सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 4 डिग्री तक पहुंच गया। पचमढ़ी, मलाजखंड, मंडला, खजुराहो, रायसेन, दमोह, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, दतिया, गुना, बैतूल, सागर, सीधी और सतना समेत 25 से अधिक शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है।
दिन में भी ठंड का असर
दिन के समय भी ठंड का असर कम नहीं हो रहा है। सोमवार को ग्वालियर में दिन का तापमान एक ही दिन में 7 डिग्री गिरकर 15.9 डिग्री पर आ गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बन गया। नौगांव, खजुराहो, रीवा और टीकमगढ़ जैसे इलाकों में भी अधिकतम तापमान 20 से 21 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से काफी कम है।
निष्कर्ष
MP में शीतलहर और घने कोहरे के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ठंड की तीव्रता और कोहरे के कारण यातायात में रुकावटें आ रही हैं, और ठंड से बचाव के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। इस समय प्रदेशवासियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे इस ठंड में अतिरिक्त सतर्कता बरतें, खासकर बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए।
