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MP SC ST OBC Mahasammelan: 20 सूत्रीय मांगों पर सरकार को अल्टीमेटम, बड़े आंदोलन की चेतावनी

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Published On: 18 January 2026
MP SC ST OBC Mahasammelan Bhopal
— भोपाल में आयोजित MP SC ST OBC Mahasammelan में हजारों लोग सामाजिक न्याय की मांग करते हुए।

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MP SC ST OBC Mahasammelan भोपाल में आयोजित, जहां 20 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी दी गई। जानिए नेताओं के बयान, मांगें और आंदोलन की पूरी कहानी।

MP SC ST OBC Mahasammelan: सामाजिक न्याय की बड़ी आवाज

MP SC ST OBC Mahasammelan आज भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित हुआ, जहां प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हजारों लोग पहुंचे। इस महासम्मेलन का मकसद था—एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के अधिकारों को लेकर सरकार को चेताना और 20 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा कराने का दबाव बनाना।

यह आयोजन सिर्फ एक सभा नहीं था, बल्कि यह सामाजिक न्याय, बराबरी और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बन गया।


भोपाल में ऐतिहासिक महासम्मेलन

भोपाल के भेल दशहरा मैदान में सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था। अलग-अलग जिलों से बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से लोग पहुंचे। हाथों में तख्तियां, बैनर और पोस्टर थे, जिन पर लिखा था—
“हमारे अधिकार हमें दो”,
“आरक्षण हमारा हक है”,
“संविधान बचाओ, समाज बचाओ”।

MP SC ST OBC Mahasammelan में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।


मंच पर दिखी एकजुटता

महासम्मेलन में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के कई बड़े नेता मंच पर मौजूद रहे। मंच से एक के बाद एक वक्ताओं ने समाज की समस्याएं रखीं और सरकार को साफ संदेश दिया—
अगर अब भी मांगे पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज होगा।

इस महासम्मेलन में यह साफ दिखा कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहता है।


संतोष वर्मा के समर्थन में मोर्चा

इस महासम्मेलन में आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा भी मंच पर दिखाई दिए। कई नेताओं ने कहा कि संतोष वर्मा के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।
नेताओं का कहना था कि संतोष वर्मा समाज के हित में बोलते हैं और जो भी उन्होंने कहा, वह सामाजिक न्याय के पक्ष में था।

संयुक्त मोर्चा ने साफ कहा कि संतोष वर्मा पर की गई कार्रवाई तुरंत वापस ली जाए।

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सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

महासम्मेलन को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि—

  • शिक्षा में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को बराबरी का मौका नहीं मिल रहा।

  • रोजगार में आरक्षण सही तरीके से लागू नहीं हो रहा।

  • प्रशासन और न्यायपालिका में इन वर्गों का प्रतिनिधित्व बेहद कम है।

  • हजारों बैकलॉग पद सालों से खाली पड़े हैं।

  • पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित है।

नेताओं ने कहा कि संविधान ने जो अधिकार दिए, वे आज भी फाइलों में बंद हैं।


संयुक्त संघर्ष मोर्चा की 20 सूत्रीय मांगें

MP SC ST OBC Mahasammelan में सरकार के सामने जो प्रमुख मांगें रखी गईं, उनमें शामिल हैं—

  1. ओबीसी वर्ग को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण

  2. सभी रिक्त और बैकलॉग पदों पर शीघ्र भर्ती

  3. पदोन्नति में ओबीसी वर्ग को आरक्षण

  4. निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करना

  5. संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षण

  6. पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली

  7. शिक्षा संस्थानों में आरक्षण का सख्त पालन

  8. छात्रवृत्ति समय पर देना

  9. हॉस्टल और छात्रावास की बेहतर सुविधा

  10. संवैधानिक संस्थाओं में प्रतिनिधित्व

  11. पंचायत से लेकर विधानसभा तक भागीदारी

  12. आरक्षण विरोधी नियमों को खत्म करना

  13. बैकलॉग की सालाना समीक्षा

  14. विशेष भर्ती अभियान

  15. आरक्षित वर्ग के लिए कौशल विकास

  16. रोजगार मेले का आयोजन

  17. न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व

  18. आरक्षण पर स्पष्ट नीति

  19. सामाजिक न्याय मंत्रालय को मजबूत करना

  20. आईएएस संतोष वर्मा पर की गई कार्रवाई वापस लेना


नेताओं के प्रमुख बयान

संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने कहा—

“यह आंदोलन सिर्फ आरक्षण के लिए नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकार के लिए है।”

“अगर सरकार ने हमारी मांगों को नजरअंदाज किया, तो प्रदेश में बड़ा आंदोलन होगा।”

“अब समाज चुप नहीं बैठेगा, सड़क से सदन तक आवाज उठेगी।”


सामाजिक न्याय की लड़ाई

MP SC ST OBC Mahasammelan ने यह साबित कर दिया कि समाज अब जाग चुका है।
यह आंदोलन सिर्फ एक दिन का नहीं, बल्कि एक लंबी लड़ाई की शुरुआत है।

नेताओं ने कहा कि—

  • यह लड़ाई संविधान बचाने की है।

  • यह लड़ाई बराबरी की है।

  • यह लड़ाई सम्मान की है।


आगे की रणनीति

संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बताया कि अगर सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं, तो—

  • जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन

  • संभाग स्तर पर रैली

  • राजधानी में फिर से बड़ा आंदोलन

  • जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन आंदोलन

की रणनीति तैयार है।


निष्कर्ष

MP SC ST OBC Mahasammelan सिर्फ एक सभा नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की आवाज बन गया है।
यह महासम्मेलन सरकार के लिए एक चेतावनी है और समाज के लिए उम्मीद।

अब देखना यह है कि सरकार इस आवाज को सुनती है या फिर प्रदेश एक बड़े आंदोलन की ओर बढ़ता है।

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