MP रिटायर्ड आईएएस अजातशत्रु श्रीवास्तव बने CM मोहन यादव के OSD, डाड और हिंगड़कर को मिला 1 साल का सेवा विस्तार
MP में प्रशासनिक स्तर पर एक अहम नियुक्ति की गई है। CM मोहन यादव के ओएसडी (Officer on Special Duty) के पद पर रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अजातशत्रु श्रीवास्तव की तैनाती की गई है। यह नियुक्ति महेश चंद चौधरी को इस पद से हटाने के बाद की गई है। सरकार के आदेशानुसार श्रीवास्तव तत्काल प्रभाव से मुख्यमंत्री कार्यालय में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि, मुख्यमंत्री आवास और कार्यालय में श्रीवास्तव का आना-जाना दो दिनों से शुरू हो गया था।
अनुभवी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी
अजातशत्रु श्रीवास्तव मध्यप्रदेश के वरिष्ठ और अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों में गिने जाते हैं। अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों में प्रमुख पदों पर कार्य किया है। विशेष रूप से शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री रहते हुए, श्रीवास्तव ने सरकार के कई अहम फैसलों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उनके अनुभव और दक्षता के कारण ही रिटायरमेंट के बाद भी सरकार ने उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया है। यह नियुक्ति राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मुख्यमंत्री कार्यालय को और मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखी जा रही है।
CM कार्यालय में भूमिका
अजातशत्रु श्रीवास्तव की नियुक्ति के बाद माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकार की नीतियों, समन्वय और प्रशासनिक निर्णयों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। श्रीवास्तव ने विभिन्न जिलों में कलेक्टर और कई अन्य विभागों में पदस्थ रहते हुए अनुभव और प्रशासनिक कौशल का परिचय दिया है।
CM कार्यालय में OSD के रूप में उनका कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से नीति निर्माण, परियोजना समन्वय, प्रशासनिक निर्णयों के क्रियान्वयन और अन्य विभागों के बीच तालमेल स्थापित करने तक विस्तृत होगा। उनका अनुभव मुख्यमंत्री और सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुझाव देने में मदद करेगा।
अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी सेवा विस्तार
इसी क्रम में MP सरकार ने दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी एक वर्ष का सेवा विस्तार प्रदान किया है।
- पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार हिंगड़कर
- पूर्व आईएएस अधिकारी गोपाल चंद्र डाड
ये दोनों अधिकारी वर्तमान में विभिन्न प्रशासनिक और सलाहकार भूमिकाओं में कार्यरत हैं। उनके अनुभव और विशेषज्ञता को देखते हुए सरकार ने उन्हें बनाए रखने का निर्णय लिया है। इस कदम से राज्य में प्रशासनिक अनुभव और निर्णय क्षमता को बरकरार रखा जा सकेगा।
अजातशत्रु श्रीवास्तव का सेवाकाल और अनुभव
अजातशत्रु श्रीवास्तव ने अपने लंबे सेवाकाल में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने विभिन्न जिलों में कलेक्टर के रूप में कार्य किया और राज्य के प्रशासनिक कार्यों में अपनी दक्षता का परिचय दिया।
उनका अनुभव न केवल नीति निर्माण में बल्कि संकट प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय और निर्णय प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके अनुभव का लाभ उठाने के लिए यह अहम निर्णय लिया है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे मुख्यमंत्री कार्यालय को मजबूत बनाने और निर्णय प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
सेवा विस्तार का महत्व
पूर्व आईएएस अधिकारी गोपाल चंद्र डाड और पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार हिंगड़कर को एक वर्ष का सेवा विस्तार देना सरकार की योजना है कि वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों का अनुभव प्रशासन में बना रहे।
डाड और हिंगड़कर दोनों वर्तमान में सलाहकार और प्रशासनिक भूमिकाओं में कार्यरत हैं। उनके अनुभव से नीति निर्माण, प्रशासनिक निर्णयों का क्रियान्वयन और शासन की परियोजनाओं का सही समय पर निष्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
MP में प्रशासनिक मजबूती
MP सरकार के इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासनिक अनुभव और दक्षता को महत्व दिया जा रहा है। रिटायर्ड अधिकारियों की नियुक्ति और सेवा विस्तार से न केवल मुख्यमंत्री कार्यालय बल्कि राज्य प्रशासन के सभी विभागों में कुशल और अनुभवी नेतृत्व सुनिश्चित होगा।
श्रीवास्तव, डाड और हिंगड़कर जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति से राज्य में प्रशासनिक नीतियों, योजनाओं और निर्णयों में गुणवत्ता और समयबद्धता बनी रहेगी।
निष्कर्ष
MP में CM मोहन यादव की सरकार ने प्रशासनिक अनुभव और दक्षता को महत्व देते हुए यह निर्णय लिया है। रिटायर्ड आईएएस अजातशत्रु श्रीवास्तव का OSD के रूप में नियुक्त होना और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सेवा विस्तार देना राज्य प्रशासनिक तंत्र को और अधिक मजबूत करेगा।
यह कदम राज्य के प्रशासनिक ढांचे में स्थिरता, निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि आने वाले समय में श्रीवास्तव, डाड और हिंगड़कर की भूमिका MP सरकार की नीतियों और योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने में निर्णायक साबित होगी।
