MP : पोस्ट ऑफिस घोटाले में ED ने अशोक कुमार सोनी के खिलाफ दायर की अभियोजन शिकायत, PMLA कोर्ट ने जारी किया नोटिस
MP : प्रवर्तन निदेशालय (ED), भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने 4 फरवरी 2026 को राजगढ़ जिले के जीरापुर सब पोस्ट ऑफिस से जुड़े घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अशोक कुमार सोनी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत अभियोजन शिकायत दायर की है। यह शिकायत माननीय विशेष न्यायालय (PMLA), भोपाल में प्रस्तुत की गई, और अदालत ने आरोपी के खिलाफ पूर्व-संज्ञान सुनवाई के लिए नोटिस जारी कर दिया।
पूरा मामला क्या है?
ED की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), एंटी करप्शन ब्रांच, भोपाल द्वारा दर्ज किए गए आपराधिक मामलों पर आधारित थी। CBI ने अशोक कुमार सोनी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। इस मामले में CBI द्वारा आरोप पत्र संख्या 16/2020 दिनांक 15 दिसंबर 2020 को माननीय विशेष न्यायाधीश, CBI प्रकरण, भोपाल की अदालत में दाखिल किया जा चुका है।
ED की जांच में सामने आया कि अशोक कुमार सोनी, जिला राजगढ़ के जीरापुर सब पोस्ट ऑफिस में सब पोस्ट मास्टर के पद पर तैनात थे। उन्होंने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए दिसंबर 2016 से मई 2017 के बीच संचय पोस्ट सॉफ्टवेयर में गंभीर अनियमितताएं कीं।
जांच में यह पाया गया कि आरोपी ने 138 पोस्टल सेविंग्स बैंक खातों में बैकडेटेड और फर्जी जमा प्रविष्टियां दर्ज कीं, जिससे बिना किसी वास्तविक नकद जमा के खातों की शेष राशि कृत्रिम रूप से बढ़ा दी गई। इसके बाद, इन खातों को संचय पोस्ट से फिनैकल सिस्टम में स्थानांतरित किया गया और फिर इन खातों से धोखाधड़ीपूर्वक कुल 1 करोड़ 23 लाख 31 हजार 180 रुपये निकाले गए।
ED के अनुसार, आरोपी द्वारा यह राशि अपराध की आय (Proceeds of Crime) के रूप में उत्पन्न और प्राप्त की गई। इन कार्यवाहियों से साफ जाहिर होता है कि अशोक कुमार सोनी ने सरकारी पद का गलत इस्तेमाल करते हुए लाखों रुपये की धोखाधड़ी की।
वापस हुई राशि, लेकिन मामला PMLA के तहत
जांच में यह भी पाया गया कि अशोक कुमार सोनी ने नवंबर और दिसंबर 2017 के दौरान लगभग 1 करोड़ 24 लाख 44 हजार 800 रुपये नकद विभाग को वापस जमा कराए। बावजूद इसके, ईडी का मानना है कि अपराध की प्रकृति और प्रक्रिया PMLA के दायरे में आती है, जिस पर अब विशेष अदालत में सुनवाई होगी।
कार्रवाई की पृष्ठभूमि
ED की कार्रवाई CBI द्वारा दर्ज आपराधिक प्रकरणों की जांच और साक्ष्यों के आधार पर हुई। CBI ने पाया कि अशोक कुमार सोनी ने सरकारी पद की आड़ में बैंक खातों में फर्जी जमा और बैकडेटेड एंट्री करके लाखों रुपये का लाभ उठाया। इससे स्पष्ट होता है कि सरकारी प्रणाली में यह धोखाधड़ी कितनी सुनियोजित और गंभीर थी।
विशेष न्यायालय PMLA, भोपाल में अब इस मामले की सुनवाई होगी। कोर्ट आरोपी के खिलाफ पूर्व-संज्ञान सुनवाई के लिए नोटिस जारी कर चुका है, और आगे की प्रक्रिया में आरोपी को पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों की राय
वित्तीय और भ्रष्टाचार विशेषज्ञों का कहना है कि पोस्ट ऑफिस जैसे संवेदनशील विभाग में यह प्रकार की अनियमितताएं गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे मामलों में न केवल सरकारी खजाने को नुकसान होता है, बल्कि आम जनता का भरोसा भी प्रभावित होता है। इसके अलावा, यह मामला यह स्पष्ट करता है कि सरकारी संस्थानों में तकनीकी और सॉफ्टवेयर आधारित निगरानी का महत्व बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईडी और CBI जैसी एजेंसियों द्वारा समय पर कार्रवाई से न केवल अपराधियों के खिलाफ संदेश जाता है, बल्कि अन्य सरकारी कर्मचारियों को भी नियमों का पालन करने की प्रेरणा मिलती है।
स्थानीय और राष्ट्रीय खबरों से जुड़ाव
MP में इसी बीच कई अन्य खबरें भी सामने आई हैं। ग्वालियर में आवारा कुत्ते के काटने से महिला की मौत, भोपाल की संजीवनी क्लिनिक में डॉक्टरों की कमी, और जबलपुर के ‘स्टोन मैन’ द्वारा नर्मदा नदी से जुटाए गए वैज्ञानिक रूप से अद्भुत पत्थर और फॉसिल्स भी चर्चा में हैं। इसके अलावा, अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते और मध्य प्रदेश में AI सिटी, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी जैसी खबरें भी नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।
इन खबरों का आपस में जोड़ यह दर्शाता है कि प्रदेश में प्रशासन, कानून और शिक्षा के साथ-साथ विज्ञान और तकनीकी विकास भी लगातार सक्रिय हैं। ऐसे में पोस्ट ऑफिस घोटाले जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई न केवल न्याय प्रक्रिया की मजबूती दर्शाती है, बल्कि आम नागरिकों में विश्वास भी बढ़ाती है।
भविष्य की कार्रवाई
अशोक कुमार सोनी के खिलाफ अब PMLA कोर्ट में सुनवाई होगी। विशेष अदालत में आरोपी के खिलाफ सभी साक्ष्यों के आधार पर मामला आगे बढ़ाया जाएगा। ईडी ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध की आय को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इसके साथ ही, यह कार्रवाई अन्य सरकारी विभागों और कर्मचारियों के लिए चेतावनी संदेश भी है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता और धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निष्कर्ष
राजगढ़ के जीरापुर सब पोस्ट ऑफिस घोटाले में अशोक कुमार सोनी के खिलाफ ED की कार्रवाई यह दर्शाती है कि सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही यह मामला यह भी साबित करता है कि PMLA जैसे कानून अपराधियों के खिलाफ प्रभावी साधन हैं, जो वित्तीय धोखाधड़ी और अपराध की आय को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह घटना नागरिकों के लिए भी एक संदेश है कि सरकारी संस्थाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता, चाहे वह तकनीकी या प्रशासनिक हो, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
