MP : सिवनी जिले के मड़ई टोल प्लाजा पर निहंग सिखों का बेरहमी से हमला, बैरियर किया तोड़–टोल कर्मचारियों पर तलवार–लाठी से प्रहार
MP के सिवनी जिले के लखनादौन थाना क्षेत्र में स्थित नेशनल हाईवे–44 के मड़ई टोल प्लाजा पर शुक्रवार दोपहर वह वाकया हुआ जिसने आम यात्रियों और टोल कर्मचारियों दोनों को हतप्रभ कर दिया। स्थानीय थाना क्षेत्र के प्रमुख राजमार्ग पर कुछ निहंग सिखों ने अचानक टोल बैरियर को तोड़ते हुए हिंसक रूप ले लिया और टोल कर्मचारियों पर बेरहमी से हमला बोला। यह पूरा हमला सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट रूप से कैद हुआ है, जिससे घटना की भयावहता और उजागर हो गई है।
घटना उस समय हुई जब तीन टेम्पो ट्रैवलर वाहन (संभवतः पंजीयन संख्या PB 01 F 8387, PB 09 AR 4181 एवं PB 09 AP 5266) मड़ई टोल प्लाजा की ओर से हाईवे पर आगे बढ़ रहे थे। टोल संचालक और कर्मचारियों का आरोप है कि उक्त वाहन टोल बैरियर पर पहुंचकर अचानक बैरियर को जोर देकर तोड़ने लगे और बिना टोल शुल्क दिए आगे निकलने का प्रयास किया। टोल कर्मचारियों ने जैसे ही उन्हें रोकने का प्रयास किया, तीनों वाहन में सवार लोग झपट पड़े और कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा के साथ-साथ मारपीट शुरू कर दी।
घायल कर्मचारियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, निहंग सिख न सिर्फ पत्थर फेंक रहे थे बल्कि धारदार हथियार, तलवार की मूठ (कोल्हुआ/खंजर-प्रकार हथियार) और लाठी–डंडों से लैस होकर कर्मचारियों पर हमले कर रहे थे। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट देखा जा सकता है कि एक दर्जन से अधिक हथियारबंद व्यक्ति टोल कर्मचारियों पर टूट पड़े और बिना किसी चेतावनी के प्रहार करना शुरू कर दिया। घटना की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कर्मचारियों को बचने के मौके भी कम मिले और वे शोर लगाते हुए परस्पर मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे थे।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने बताया कि हड़कंप उस समय मच गया जब एक कर्मचारी को गंभीर रूप से चोट लगी और दूसरे कर्मचारी उसे बचाने के प्रयास में पीछे हट रहे थे, पर निहंगों का रुख इतना आक्रामक था कि वे लगातार सिर पर वार कर रहे थे। इस बीच कुछ यात्रियों ने मोबाइल से वीडियो और फोटो भी लेने की कोशिश की, लेकिन भय के कारण वे आगे नहीं बढ़ सके।
सीसीटीवी फुटेज से पता चली साज़िश की परतें
स्थानीय प्रशासन ने फुटेज का जब शुरुआती विश्लेषण किया, तो पाया कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं लगती। तीनों ट्रैवलर एक साथ, योजनाबद्ध तरीके से आए थे। बैरियर तक पहुंचते ही उन्होंने कार सहित बैरियर को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की — जिससे लगता है कि किसी योजना के तहत उन्होंने पहले से निलंबन का इरादा किया था। यह बात पुलिस अधिकारियों के लिए भी चिंतनीय है कि केवल टोल शुल्क अदायगी टालने का मामला साधारण चोरी या नियम उल्लंघन का मामला नहीं रहा, बल्कि सीधे हिंसा का रूप ले चुका है।
सीसीटीवी फुटेज दर्शाता है:
- ट्रैवलरों का एक समूह टोल बैरियर को धक्का मारकर गिराने की कोशिश कर रहा है।
- बैरियर गिरते ही तेज़ी से टोल बूथ की ओर दौड़ते हुए किसी वस्तु को हथियार की तरह पकड़े हुए हैं।
- कर्मचारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे पीछे हटने के बजाय हाथों–पैरों से हमला करके आगे बढ़ गए।
- कुछ कर्मचारी घायल स्थिति में गिरते दिखाई दे रहे हैं, जबकि अन्य अपनी जान बचाने को भाग रहे हैं।
टोल कर्मचारियों के बयान
हमले के बाद घायल कर्मचारियों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनके बयान दर्ज किए गए। उन्होंने बताया:
हमने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो गाली–गलौज शुरू हो गई। उसके बाद उन्होंने तलवार जैसा तेज़ हथियार निकाला और सिर तथा हाथों पर वार करना शुरू कर दिया। हम सबने उन्हें समझाने की कोशिश की, पर वे नहीं रुके।”
एक वरिष्ठ कर्मचारी ने बताया कि इतनी भीषण मारपीट से घायल होने पर उन्हें जीवन–मृत्यु की सीमा तक संघर्ष करना पड़ा। कुछ कर्मचारियों के कपड़े फट गए और चोटें इतनी गंभीर थीं कि उन्हें सर पर टांके भी कराने पड़े।
पुलिस की कार्यवाही और जांच
MP लखनादौन थाना पुलिस ने पीड़ित कर्मचारियों की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामला गंभीर है और हमले में इस्तेमाल हुई गाड़ियों के नंबरों के आधार पर अब तक की प्रारंभिक जांच में उन ट्रैवलरों के स्वामित्व को ट्रेस किया जा रहा है। बताया गया है कि:
- आरोपितों का पता लगाने के लिए आसपास के सभी मार्गों पर पुलिस बैरियर लगा दिए गए हैं।
- सभी निकटवर्ती सीसीटीवी फुटेज का ठीक से मिलान किया जा रहा है।
- संबंधित वाहनों के मालिकों और ड्राइवरों से पूछताछ करने की कोशिश की जा रही है।
- यदि आवश्यक हुआ तो बल की मदद से तुरंत गिरफ्तारी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि वे जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे। उन्होंने जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना से जुड़ा कोई और फुटेज, फोटो या सूचना है, तो वह तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराए।
यात्रियों और आम लोगों की प्रतिक्रिया
यह घटना स्थानीय यात्रियों और लोगों के बीच चिंता का विषय बन गई है। कई यात्रियों ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर ऐसा हिंसक व्यवहार चिंताजनक है और इससे बड़े हादसे का भी जोखिम पैदा हो सकता है। कुछ व्यवसायियों ने कहा कि टोल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर अधिक ध्यान देना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं से आम जनता को सुरक्षा प्राप्त हो।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है और ऐसे हिंसक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक या कार्यस्थल को इस तरह की हिंसा का सामना न करना पड़े।
