—Advertisement—

MP News: 70 साल से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों का Ayushman Card नहीं बन पा रहा, तकनीकी और दस्तावेजी खामियों से लाभ से वंचित बुजुर्ग

Author Picture
Published On: 16 February 2026
MP News: Senior Citizens Above 70 Unable to Get Ayushman Card, Technical and Documentation Issues Leave Many Without Benefits
— MP News: Senior Citizens Above 70 Unable to Get Ayushman Card, Technical and Documentation Issues Leave Many Without Benefits

—Advertisement—

70 साल से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों को Ayushman Card नहीं मिल पा रहा

MP में Ayushman Card योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों को योजना में शामिल करने की घोषणा के बावजूद, जमीनी स्तर पर कई समस्याओं के कारण कई बुजुर्ग अभी तक इस योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य बुजुर्गों को मुफ्त इलाज और स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है, लेकिन तकनीकी और दस्तावेजी खामियों के कारण अब तक बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थी इसके दायरे से बाहर हैं।

योजना में तकनीकी और दस्तावेजी खामियां

Ayushman Card और अन्य दस्तावेजों का मिलान न होना सबसे बड़ी समस्या बन गई है। कई बुजुर्गों का डेटा आधार से मेल नहीं खाता, जिससे उनका आयुष्मान कार्ड बनना मुश्किल हो गया है। इससे कार्ड बनवाने में लंबा समय लग रहा है और कई बार कार्ड बिल्कुल नहीं बन पा रहा।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कार्ड बनाने के अभियान को लगातार चलाया जा रहा है, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण फिलहाल केवल कुछ ही बुजुर्गों का कार्ड बन पाया है।

कितने बुजुर्ग योजना से बाहर हैं?

केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत लगभग 1,30,000 बुजुर्गों को लाभ देने का लक्ष्य रखा था। लेकिन वर्तमान में केवल लगभग 45,000 बुजुर्गों के कार्ड बन पाए हैं। इसका मतलब है कि करीब 67 प्रतिशत पात्र बुजुर्ग अब भी योजना की सीमा से बाहर हैं।

इससे यह स्पष्ट होता है कि जमीनी क्रियान्वयन में कई गंभीर समस्याएं हैं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के दावों के बावजूद तकनीकी खामियों के कारण बड़ी संख्या में बुजुर्ग लाभ से वंचित रह गए हैं।

प्रशासन की कोशिशें और निर्देश

इस मामले में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम ने 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य शत प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कार्ड बनाने की प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा आधार कार्ड का डेटा मिलान नहीं होना है।

डा. प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि कार्ड बनाने का अभियान लगातार जारी है और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

बुजुर्गों को हो रही समस्याएं

Ayushman Card नहीं बनने के कारण बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। कई बुजुर्ग गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

परिवारजनों का कहना है कि तकनीकी खामियों के कारण इसका खामियाजा सीधे मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। जबकि इस योजना का मूल उद्देश्य सभी बुजुर्गों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है।

बुजुर्गों की शिकायतें

बुजुर्ग और उनके परिवारजनों ने प्रशासन को कई बार शिकायत दी है कि कार्ड नहीं बनने के कारण इलाज में देरी हो रही है। कई बुजुर्गों को अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है और उनका स्वास्थ्य खतरे में पड़ रहा है।

कई परिवारों ने यह भी कहा कि तकनीकी खामियों के कारण उनकी उम्मीदें और भरोसा टूट रहा है। वे चाहते हैं कि कार्ड प्रक्रिया सरल और त्वरित हो ताकि बुजुर्ग समय पर स्वास्थ्य लाभ ले सकें।

योजना का महत्व

Ayushman भारत योजना का उद्देश्य बुजुर्गों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा देना है। योजना में शामिल होने वाले बुजुर्गों को अस्पताल में मुफ्त इलाज, दवाइयां और गंभीर बीमारियों के लिए आर्थिक मदद मिलती है।

लेकिन 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए योजना का लाभ सही समय पर न मिलना गंभीर चिंता का विषय है। इससे बुजुर्गों का स्वास्थ्य और जीवन जोखिम में पड़ सकता है।

समाधान के प्रयास

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम लगातार अभियान चला रही है। बुजुर्गों के डेटा को आधार कार्ड से मिलाने की प्रक्रिया में सुधार और तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।

इसके साथ ही जिले के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी पात्र बुजुर्गों का कार्ड जल्द से जल्द बनवाया जाए और उन्हें योजना का लाभ तुरंत मिले।

भविष्य की योजना

अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में तकनीकी खामियों को दूर कर 70 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा। साथ ही, फील्ड स्तर पर समन्वय बढ़ाया जाएगा ताकि कोई भी पात्र बुजुर्ग योजना से बाहर न रहे।

इस तरह, बुजुर्गों को जल्द ही योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा और उन्हें आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।

निष्कर्ष

70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए आयुष्मान भारत योजना की घोषणा से उम्मीदें बड़ी थीं। लेकिन तकनीकी और दस्तावेजी खामियों ने इसे जमीनी स्तर पर चुनौतीपूर्ण बना दिया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कोशिशों के बावजूद कई बुजुर्ग अब भी लाभ से वंचित हैं।

समय रहते इन खामियों को दूर किया जाना जरूरी है, ताकि बुजुर्गों को मुफ्त इलाज और स्वास्थ्य सुरक्षा मिले और उन्हें आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े। योजना का सही क्रियान्वयन बुजुर्गों के जीवन की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp