MP News: इंदौर विकास प्राधिकरण में राजनीतिक बोर्ड गठन की तैयारी तेज, अध्यक्ष पद के लिए कई दावेदारों की सक्रियता बढ़ी
इंदौर।
मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के दो वर्ष पूरे होने वाले हैं, लेकिन अभी तक राज्य के विभिन्न निगमों और मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। अब एक बार फिर इंदौर विकास प्राधिकरण (Indore Development Authority – IDA) में राजनीतिक बोर्ड के गठन की कवायद तेज हो गई है। संगठन से लेकर संघ तक, कई स्तरों पर चर्चाएं चल रही हैं और दावेदारों ने सक्रियता बढ़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद के लिए छह प्रमुख नाम चर्चा में हैं — पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदीवे, वरिष्ठ नेता मुकेश राजावत, पूर्व विधायक जीतू जिराती, संगठन के युवा चेहरा टीनू जैन, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता और पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता हरिनारायण यादव।
🔸 संघ और संगठन की भूमिका होगी निर्णायक
इस बार इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष की नियुक्ति में संघ (RSS) और संगठन (BJP संगठन) दोनों की सहमति को निर्णायक माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार चाहती है कि बोर्ड में वही नाम आएं जो राजनीतिक रूप से प्रभावशाली होने के साथ-साथ संगठन की पकड़ भी मजबूत रखें।
संघ की तरफ से भी यह संकेत मिल रहे हैं कि अध्यक्ष पद के साथ-साथ उपाध्यक्ष और संचालक मंडल (Board of Directors) के सदस्यों का चयन एक साथ किया जाएगा, ताकि विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में स्थिरता बनी रहे।
🔸 दीपावली के बाद हो सकती है घोषणा
अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस बार दीपावली के बाद अध्यक्ष और संचालक मंडल दोनों की घोषणा एक साथ की जा सकती है। पहले की तरह अलग-अलग चरणों में नियुक्ति नहीं होगी। पिछली बार अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद कई महीने तक संचालक मंडल खाली रहा था, जिससे प्रशासनिक और विकासात्मक निर्णयों में देरी हुई थी। इस बार सरकार और संगठन इस स्थिति से बचना चाहते हैं।
🔸 भाजपा में बढ़ी राजनीतिक हलचल
इंदौर भाजपा में पिछले कुछ हफ्तों से राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शहर के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व पदाधिकारी भोपाल में सक्रिय हैं और अपने समर्थकों के साथ संगठन और सरकार में लॉबिंग कर रहे हैं।
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार, “इंदौर विकास प्राधिकरण एक बड़ा और प्रभावशाली पद है। इस पद पर वही व्यक्ति बैठेगा जो संगठन की नीतियों को समझता हो और स्थानीय जनहित के मुद्दों पर सक्रिय हो।”
🔸 कौन है मजबूत दावेदार?
गौरव रणदीवे — पूर्व नगर अध्यक्ष के रूप में गौरव रणदीवे का संगठनात्मक अनुभव मजबूत है। वे लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं से जुड़े रहते हैं और संगठन के फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
मुकेश राजावत — पूर्व में भी नगर अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार रह चुके हैं। संगठन के भीतर उनकी स्वीकृति अच्छी मानी जाती है और वे लंबे समय से भाजपा में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
टीनू जैन — युवा और ऊर्जावान छवि के कारण उन्हें भी अध्यक्ष पद के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। नगर अध्यक्ष की रेस में वे भी थे, लेकिन उस समय पार्टी ने सुमित मिश्रा को प्राथमिकता दी थी। अब IDA के अध्यक्ष पद के लिए उनका नाम फिर से सुर्खियों में है।
जीतू जिराती — पूर्व विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें संघ का समर्थन भी प्राप्त है, जो उनकी दावेदारी को मजबूत बना सकता है।
सुदर्शन गुप्ता — अनुभवी नेता और इंदौर में भाजपा के पुराने चेहरों में से एक। उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें भी इस पद के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
हरिनारायण यादव — लंबे समय से पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता हैं और संगठन के कई कार्यक्रमों में अग्रणी भूमिका निभा चुके हैं। उन्हें जमीनी कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है।
🔸 संगठन की रायशुमारी पूरी
भाजपा संगठन ने लगभग तीन महीने पहले संभावित नामों पर रायशुमारी (feedback process) पूरी कर ली थी। प्रदेश स्तर पर संगठन के प्रभारी और वरिष्ठ नेताओं को भेजी गई रिपोर्ट में सभी नामों की राजनीतिक, सामाजिक और संगठनात्मक स्वीकार्यता का मूल्यांकन किया गया था।
अब मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की सहमति के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
🔸 उपाध्यक्ष और संचालक मंडल भी तय होगा
सूत्रों के मुताबिक, इस बार केवल अध्यक्ष ही नहीं बल्कि उपाध्यक्ष और संचालक मंडल (Board Members) की सूची भी साथ ही घोषित होगी। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि विकास प्राधिकरण के कार्यों में तेजी लाई जा सके और किसी तरह की राजनीतिक अस्थिरता न बने।
प्राधिकरण में संचालक मंडल की भूमिका महत्वपूर्ण होती है क्योंकि वही शहर के विकास प्रोजेक्ट्स, भूमि आवंटन, बजट प्रस्ताव और बड़े निर्माण कार्यों पर निर्णय लेता है।
🔸 इंदौर विकास प्राधिकरण की अहमियत
इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) को शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और नगरीय विकास की रीढ़ कहा जाता है। शहर में नए रिंग रोड, फ्लाईओवर, हाउसिंग कॉलोनियों, और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में IDA की सीधी भूमिका होती है। ऐसे में अध्यक्ष पद पर कौन बैठेगा, यह न केवल राजनीतिक बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी बेहद अहम है।
🔸 नगर कार्यकारिणी की भी जल्द घोषणा
भाजपा नगर कार्यकारिणी की नई सूची भी तैयार है और उसके जल्द जारी होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि नगर कार्यकारिणी और IDA अध्यक्ष पद की घोषणा एक के बाद एक की जाएगी, ताकि स्थानीय संगठन को सशक्त किया जा सके और नगर निगम चुनाव की तैयारियों को गति मिल सके।
🔸 निष्कर्ष
इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी अब अंतिम चरण में है। संघ और संगठन के बीच सहमति बनने के बाद यह नियुक्ति राजनीतिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व दोनों को ध्यान में रखकर की जाएगी।
दीपावली के बाद जैसे ही इंदौर विकास प्राधिकरण का राजनीतिक बोर्ड घोषित होगा, वैसे ही शहर की विकास योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।





