MSME दिवस पर मध्यप्रदेश को बड़ा आर्थिक तोहफा, CM मोहन यादव ने जारी किए 1274 करोड़ रुपये
भोपाल। अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित रवींद्र भवन में “सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट” का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को बड़ी आर्थिक सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 760 से अधिक MSME इकाइयों को प्रोत्साहन राशि जारी की। इसके साथ ही राज्य सरकार ने निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत कुल 1,274 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी उद्योगों को प्रदान की।
स्टार्टअप्स को मिला बड़ा सपोर्ट, 137 इकाइयों को सहायता
कार्यक्रम के दौरान राज्य के स्टार्टअप सेक्टर को भी प्रोत्साहित किया गया। मुख्यमंत्री ने 137 स्टार्टअप्स को 1.5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता जारी की। इसके अलावा नए उद्यमियों को भूमि आवंटन पत्र और बैंक ऋण स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए।
स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एमएसएमई विभाग और प्ले एंड प्लग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिससे तकनीकी सहयोग और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
कई जिलों में औद्योगिक भूखंडों का आवंटन
राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कई जिलों में भूमि आवंटन किया है। इसमें मंदसौर, मंडला, जबलपुर, बैतूल, कटनी, नीमच और खरगोन जैसे जिले शामिल हैं।
इसके साथ ही देवास, पांढुर्ना, टीकमगढ़ और उज्जैन में नए एमएसएमई भवनों का शुभारंभ भी किया गया। सरकार का कहना है कि इन सुविधाओं से नए उद्योगों की स्थापना आसान होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 4 लाख 41 हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयों का संचालन महिलाएं कर रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी में 59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा संकेत है।
निवेश और रोजगार पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि अब तक किए गए निवेश समझौतों में से लगभग 9,300 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि जनवरी 2027 में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा, जिससे राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है।
साथ ही वर्ष 2027 को “युवा वर्ष” के रूप में मनाने की भी योजना है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है।
उद्योग विकास को नई दिशा
सरकार का दावा है कि इन योजनाओं और वित्तीय सहायता से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। MSME सेक्टर को मजबूत करने से न केवल छोटे उद्योगों को फायदा होगा, बल्कि राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
