MP Mantralay Employee Promotion: मंत्रालय में कर्मचारियों के प्रमोशन, 463 अधिकारी-कर्मचारियों को मिला लाभ; क्लास-1 अफसरों की DPC जल्द
MP मंत्रालय में लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया अब तेज हो गई है। राज्य सरकार ने मंत्रालयीन संवर्ग के 463 अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं क्लास-1 अधिकारियों की डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) की बैठक अगले एक-दो दिनों में होने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदों पर भी पदोन्नति के आदेश जारी हो सकते हैं।
सरकारी जानकारी के अनुसार मंत्रालय में कुल लगभग 950 अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से 463 कर्मचारियों को हाल ही में प्रमोशन का लाभ मिला है। इस प्रक्रिया में सबसे अधिक फायदा आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को हुआ है, जिनका लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा इस प्रमोशन लिस्ट में शामिल है।
मंत्रालय में 463 कर्मचारियों को मिला प्रमोशन
हाल ही में जारी आदेशों के अनुसार मंत्रालय में सहायक ग्रेड-2 के 162 कर्मचारियों को असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) के पद पर पदोन्नत किया गया है। इसके अलावा सहायक ग्रेड-3 से सहायक ग्रेड-2 के पद पर 301 कर्मचारियों का प्रमोशन किया गया है।
इन सभी पदोन्नतियों के आदेश सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी किए गए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी कर्मचारी अपने वर्तमान विभाग में ही उच्च पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे।
क्लास-1 और क्लास-2 अफसरों की DPC जल्द
क्लास-1 और क्लास-2 अधिकारियों के प्रमोशन के लिए डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) की प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पूरी की जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि यह बैठक एक-दो दिन के भीतर आयोजित हो सकती है।
इसके बाद उप सचिव, अवर सचिव, स्टाफ ऑफिसर और सेक्शन ऑफिसर जैसे पदों पर भी पदोन्नति की प्रक्रिया तेज होगी। मंत्रालय संवर्ग में कई पद लंबे समय से रिक्त पड़े हुए हैं, जिन्हें भरने के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मंत्रालय में रिक्त पदों की स्थिति
मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ रहा था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार—
- अतिरिक्त सचिव स्तर पर 3 पद रिक्त हैं
- उप सचिव के 13 स्वीकृत पदों में से सभी रिक्त हैं
- अवर सचिव के 57 पदों में से 42 रिक्त हैं
- स्टाफ ऑफिसर के 18 में से 8 पद खाली हैं
- सेक्शन ऑफिसर के 145 में से 107 पद रिक्त हैं
इन रिक्तियों के चलते लंबे समय से पदोन्नति प्रक्रिया रुकी हुई थी, जिसे अब तेज किया गया है।
10 साल से अटकी प्रक्रिया में तेजी
सूत्रों के अनुसार मंत्रालय में प्रमोशन प्रक्रिया करीब 10 वर्षों से लंबित थी। अब सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इसे प्राथमिकता में लेते हुए तेजी से डीपीसी बैठकें आयोजित करनी शुरू की हैं।
शुक्रवार को जारी आदेशों के तहत मंत्रालय के भीतर ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है, जिससे प्रशासनिक ढांचे में सुधार की उम्मीद है।
1 जुलाई को भी हुए थे प्रमोशन
इससे पहले 1 जुलाई को विधानसभा सचिवालय में भी 12 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई थी। इसके अलावा मंत्रालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के प्रमोशन पर भी बैठक हो चुकी है और उनके आदेश जल्द जारी किए जाने की संभावना है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन प्रमोशन
सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी पदोन्नतियां सुप्रीम कोर्ट में वर्ष 2016 में लंबित एसएलपी (SLP) के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी। इसका मतलब है कि भविष्य में न्यायालय के निर्णय के अनुसार इनमें बदलाव संभव है।
एसीएस के निर्देश पर तेज हुई प्रक्रिया
अपर मुख्य सचिव (GAD) शिव शेखर शुक्ला के निर्देश के बाद मंत्रालय में प्रमोशन प्रक्रिया में तेजी आई है। उनके नेतृत्व में लगातार डीपीसी बैठकों का आयोजन किया जा रहा है और लंबित मामलों का निपटारा किया जा रहा है।
प्रशासनिक ढांचे को मिलेगी मजबूती
सरकार का मानना है कि लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया के पूरा होने से मंत्रालय की कार्यक्षमता में सुधार होगा और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। आने वाले दिनों में और भी विभागों में प्रमोशन आदेश जारी होने की संभावना है।
