मध्य प्रदेश में LPG उत्पादन बढ़ा, गैस की कोई कमी नहीं: CM मोहन यादव का बड़ा बयान
भोपाल: मध्य प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर को लेकर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं और लोग सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। इसी बीच CM Mohan Yadav ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और इसकी आपूर्ति लगातार जारी है।
CM ने कहा कि मध्य पूर्व और एशिया में चल रहे युद्ध जैसे हालातों को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हैं। नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि गैस की उपलब्धता बनाए रखने और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने पर्याप्त व्यवस्था कर रखी है।
LPG उत्पादन में 25 प्रतिशत की वृद्धि
CM ने जानकारी दी कि देश में एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़े हुए उत्पादन के कारण घरेलू रसोई गैस, पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति को बिना किसी बाधा के जारी रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।
सरकार का दावा है कि गैस की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए उत्पादन और वितरण दोनों स्तरों पर व्यवस्थाएं मजबूत की गई हैं। इससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल आपूर्ति और वैकल्पिक व्यवस्था
CM ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक भारत में कच्चे तेल की बड़ी मात्रा Strait of Hormuz के रास्ते आती रही है। हालांकि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि Iran ने भारत को विशेष अनुमति दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय ध्वज वाले जहाजों और टैंकरों को नहीं रोका जाएगा। इससे पेट्रोलियम आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा आने की संभावना कम हो गई है।
रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रहीं
सरकार के अनुसार देश की सभी रिफाइनरियां इस समय अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं। इसका उद्देश्य पेट्रोलियम उत्पादों की मांग को पूरा करना और बाजार में किसी भी तरह की कमी की स्थिति को रोकना है।
प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं के माध्यम से खरीद प्रक्रिया भी जारी है। इससे पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति में भी कोई कटौती नहीं की गई है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और गैस की स्थिति
CM ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एटीएस, क्रूड ऑयल और घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है। इन सभी ईंधनों की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और कीमतों में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कदम उठाने के लिए वरिष्ठ मंत्रियों की एक समिति भी गठित की गई है। यह समिति ईंधन की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की निगरानी करेगी।
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों के साथ की समीक्षा बैठक
CM के निर्देश पर राज्य के मुख्य सचिव Anurag Jain ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक की। इस बैठक में एलपीजी सहित अन्य ईंधनों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई।
बैठक में Kailash Makwana समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गैस वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जाए ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
ऑनलाइन व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि घरेलू गैस वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए। इसके साथ ही गैस कंपनियों को भी सर्वर क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि रिफिल बुकिंग, ओटीपी जनरेशन और सिलेंडर डिलीवरी की प्रक्रिया बिना किसी तकनीकी समस्या के पूरी हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि वितरण प्रणाली तकनीकी रूप से मजबूत होगी तो उपभोक्ताओं को बुकिंग और डिलीवरी में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
अफवाहों पर रोक लगाने के निर्देश
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि गैस की कमी को लेकर फैल रही गलत सूचनाओं और अफवाहों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। अधिकारियों से कहा गया कि मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए जनता तक सही जानकारी पहुंचाई जाए ताकि लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
सरकार का मानना है कि कई बार अफवाहों के कारण लोग घबराकर अधिक मात्रा में गैस सिलेंडर खरीदने लगते हैं, जिससे कृत्रिम कमी की स्थिति बन जाती है।
सरकार की अपील
CM ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस की उपलब्धता को लेकर अनावश्यक घबराहट न फैलाएं। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी उपभोक्ताओं तक समय पर गैस पहुंचती रहे।
निष्कर्ष
प्रदेश में गैस की मांग बढ़ने और वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी उत्पादन में 25 प्रतिशत की वृद्धि और बेहतर आपूर्ति प्रबंधन के कारण मध्य प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि नागरिकों को रसोई गैस, पीएनजी और सीएनजी की निर्बाध आपूर्ति मिलती रहे।
स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि प्रदेशवासियों को ईंधन संबंधी किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
